Vasundhara Raje Rajasthan CM Seat: राजस्थान में नए मुख्यमंत्री का ऐलान हो गया है। भजनलाल शर्मा को राजस्थान का सीएम बनाया गया है। इससे पहले सभी की नजरें पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे पर थीं। आखिरकार उन्हें अपने कदम पीछे हटाने पड़े। विधायक दल की बैठक में वह पर्यवेक्षक और गृह मंत्री राजनाथ सिंह के बगल में बैठी नजर आईं। उन्हें ही भजनलाल शर्मा के नाम की पर्ची पकड़ाई गई।
वसुंधरा राजे को फिलहाल कोई जिम्मेदारी नहीं दी गई है। ऐसे में कई सवाल खड़े हो गए हैं। मसलन, कल तक शक्ति प्रदर्शन कर रहीं वसुंधरा राजे आखिर कैसे मान गईं? अब राजनीति में उनका भविष्य क्या होगा, आइए इन सवालों का जवाब जानने की कोशिश करते हैं...
दिल्ली से ही मिल गया था स्पष्ट संदेश
माना जा रहा है कि वसुंधरा राजे को जब उनके बेटे दुष्यंत सिंह के साथ पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा से मिलने दिल्ली बुलाया गया, तब ही उनके सामने ये तस्वीर साफ हो गई थी कि वे मुख्यमंत्री नहीं बनेंगी। दिल्ली से ही उन्हें संगठन के साथ चलने का भी संदेश दिया गया। इस बार बीजेपी ने तीनों राज्यों में नए मुख्यमंत्री दिए हैं। जब छत्तीसगढ़ में पहला नाम सामने आया तब से ही राजे के सामने इसकी तस्वीर और साफ हो गई।
https://twitter.com/ANI/status/1732795814114975744?ref_src=twsrc%5Etfw%7Ctwcamp%5Etweetembed%7Ctwterm%5E1732795814114975744%7Ctwgr%5E6fe2bc915120066b49268f31e658554950614d96%7Ctwcon%5Es1_&ref_url=https%3A%2F%2Fhindi.news24online.com%2Fstate%2Frajasthan%2Fvasundhara-raje-rajasthan-cm-latest-update-dushyant-singh-resort-politics%2F479065%2F
https://twitter.com/VasundharaBJP/status/1734571954257195098
मध्य प्रदेश में शिवराज सिंह जैसे बड़े चेहरे को दरकिनार किया गया तो राजे को आखिरकार पीछे हटना ही पड़ा। उन्हें पता चल गया कि संगठन के साथ चलने में ही उनकी भलाई है। उनके गुट के कई विधायक जो कल तक उन्हें मुख्यमंत्री बनाने की मांग कर रहे थे, वह भी अपने बयान बदलते नजर आए। उन्हें भी संभवतया तीनों पर्यवेक्षकों ने स्पष्ट संदेश दिया कि चलेगी तो आलाकमान की ही...
https://twitter.com/ANI/status/1734526400651313254
वसुंधरा राजे गुट के कई विधायकों को मंत्री बनाने पर सहमति बनी
कहा जा रहा है कि वसुंधरा राजे गुट के कई विधायकों को मंत्री बनाने पर सहमति बनी है। कहीं न कहीं ये भी एक बड़ी वजह रही है। इससे पहले जब चुनाव में बीजेपी ने अपनी पहली लिस्ट जारी की थी तो राजे गुट के कई नेताओं के टिकट काट दिए गए थे। माना जा रहा था कि राजे का प्रभुत्व कम हुआ है। हालांकि दूसरी लिस्ट में राजे गुट के उम्मीदवारों का नाम दिया गया था।
https://twitter.com/Aafrin7866/status/1734629680760959147
https://twitter.com/news24tvchannel/status/1734554686370488381?ref_src=twsrc%5Etfw%7Ctwcamp%5Etweetembed%7Ctwterm%5E1734554686370488381%7Ctwgr%5Eea681ab799cc49a27c02e12b7d008d77214bc581%7Ctwcon%5Es1_&ref_url=https%3A%2F%2Fhindi.news24online.com%2Fstate%2Frajasthan%2Fvasundhara-raje-shocked-to-see-rajasthan-cm-name-on-slip-video-viral%2F487361%2F
ठीक इसी तरह प्रदेश में बीजेपी की सरकार आने के बाद किया जा रहा है। उनके गुट के कई विधायकों को मंत्री बनाने की बात कही जा रही है। हालांकि वसुंधरा राजे खुद मंत्री बनेंगी या नहीं और प्रदेश की राजनीति में उनका क्या रोल रहेगा? इसे लेकर सस्पेंस बरकरार है। कहा जा रहा है कि उन्हें लोकसभा चुनाव को देखते हुए और बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है। अभी वह राष्ट्रीय उपाध्यक्ष की भी भूमिका निभा रही हैं।
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Vasundhara Raje Rajasthan CM Seat: राजस्थान में नए मुख्यमंत्री का ऐलान हो गया है। भजनलाल शर्मा को राजस्थान का सीएम बनाया गया है। इससे पहले सभी की नजरें पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे पर थीं। आखिरकार उन्हें अपने कदम पीछे हटाने पड़े। विधायक दल की बैठक में वह पर्यवेक्षक और गृह मंत्री राजनाथ सिंह के बगल में बैठी नजर आईं। उन्हें ही भजनलाल शर्मा के नाम की पर्ची पकड़ाई गई।
वसुंधरा राजे को फिलहाल कोई जिम्मेदारी नहीं दी गई है। ऐसे में कई सवाल खड़े हो गए हैं। मसलन, कल तक शक्ति प्रदर्शन कर रहीं वसुंधरा राजे आखिर कैसे मान गईं? अब राजनीति में उनका भविष्य क्या होगा, आइए इन सवालों का जवाब जानने की कोशिश करते हैं…
दिल्ली से ही मिल गया था स्पष्ट संदेश
माना जा रहा है कि वसुंधरा राजे को जब उनके बेटे दुष्यंत सिंह के साथ पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा से मिलने दिल्ली बुलाया गया, तब ही उनके सामने ये तस्वीर साफ हो गई थी कि वे मुख्यमंत्री नहीं बनेंगी। दिल्ली से ही उन्हें संगठन के साथ चलने का भी संदेश दिया गया। इस बार बीजेपी ने तीनों राज्यों में नए मुख्यमंत्री दिए हैं। जब छत्तीसगढ़ में पहला नाम सामने आया तब से ही राजे के सामने इसकी तस्वीर और साफ हो गई।
मध्य प्रदेश में शिवराज सिंह जैसे बड़े चेहरे को दरकिनार किया गया तो राजे को आखिरकार पीछे हटना ही पड़ा। उन्हें पता चल गया कि संगठन के साथ चलने में ही उनकी भलाई है। उनके गुट के कई विधायक जो कल तक उन्हें मुख्यमंत्री बनाने की मांग कर रहे थे, वह भी अपने बयान बदलते नजर आए। उन्हें भी संभवतया तीनों पर्यवेक्षकों ने स्पष्ट संदेश दिया कि चलेगी तो आलाकमान की ही…
वसुंधरा राजे गुट के कई विधायकों को मंत्री बनाने पर सहमति बनी
कहा जा रहा है कि वसुंधरा राजे गुट के कई विधायकों को मंत्री बनाने पर सहमति बनी है। कहीं न कहीं ये भी एक बड़ी वजह रही है। इससे पहले जब चुनाव में बीजेपी ने अपनी पहली लिस्ट जारी की थी तो राजे गुट के कई नेताओं के टिकट काट दिए गए थे। माना जा रहा था कि राजे का प्रभुत्व कम हुआ है। हालांकि दूसरी लिस्ट में राजे गुट के उम्मीदवारों का नाम दिया गया था।
ठीक इसी तरह प्रदेश में बीजेपी की सरकार आने के बाद किया जा रहा है। उनके गुट के कई विधायकों को मंत्री बनाने की बात कही जा रही है। हालांकि वसुंधरा राजे खुद मंत्री बनेंगी या नहीं और प्रदेश की राजनीति में उनका क्या रोल रहेगा? इसे लेकर सस्पेंस बरकरार है। कहा जा रहा है कि उन्हें लोकसभा चुनाव को देखते हुए और बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है। अभी वह राष्ट्रीय उपाध्यक्ष की भी भूमिका निभा रही हैं।
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