Ashok Gehlot Press Conference CM Post Rajasthan Congress: राजस्थान में पिछले पांच साल में कई बार सियासी संकट की स्थिति रही। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पूर्व उप-मुख्यमंत्री सचिन पायलट के बीच खींचतान चली। हालांकि ये कलह पिछले दिनों सुलझ गई थी, लेकिन एक बार फिर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है कि यदि राजस्थान में कांग्रेस की सरकार बनी तो मुख्यमंत्री कौन होगा। एक ओर युवा ब्रिगेड के साथ सचिन पायलट हैं तो दूसरी ओर अनुभवी अशोक गहलोत...सीएम गहलोत के सामने गुरुवार को एक बार फिर ये सवाल सामने आया तो उन्होंने बड़ा बयान दिया।
सोनिया गांधी ने लिया था निर्णय
गहलोत ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा- सोनिया गांधी ने ही मेरा चयन पहली बार सीएम पद के लिए किया था। सोनिया गांधी के अध्यक्ष बनने के बाद उन्होंने पहला निर्णय मुझे मुख्यमंत्री बनाने का लिया। उन्होंने कुछ सोच समझकर और मेरा प्रदर्शन देखकर ये निर्णय लिया होगा। मैं उस वक्त पीसीसी प्रेसीडेंट था। मैं मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार नहीं था।
ये भी पढ़ें: राजस्थान में बस में मिली सवा दो करोड़ की चांदी की सिल्लियां, बस की डिग्गी में छिपाए थे 25 पार्सल
कांग्रेस में उम्मीदवार कभी मुख्यमंत्री नहीं बनता
गहलोत ने आगे कहा- कांग्रेस में उम्मीदवार नहीं बनना ज्यादा बेहतर रहता है। जो उम्मीदवार होता है, वह कभी मुख्यमंत्री नहीं बनता। हालांकि इसके बाद के चुनाव में हमें हार मिली। उस वक्त सोनिया गांधी ने खूब कैंपेन किया, लेकिन फिर भी हार गए। अब मैं उन कारणों पर नहीं जाना चाहता। मुझे एक बार फिर एआईसीसी में मौका दिया गया। फिर मुझे मुख्यमंत्री बनाकर प्रदेश की जिम्मेदारी दी गई। इसके बाद हमारी बुरी तरह से हार हुई और 21 सीटों पर आ गए। फिर मुझे तीसरी बार मुख्यमंत्री बनने का मौका मिल गया।
https://twitter.com/ANI/status/1714934585711370482
गहलोत ने आगे कहा कि एक हार्ट ट्रांसप्लांट कराने वाली महिला ने मुझसे कहा कि आप चौथी बार मुख्यमंत्री बनें। तो मैंने उनसे कहा कि माताजी मैं मुख्यमंत्री पद छोड़ना चाहता हूं, लेकिन ये पद मुझे नहीं छोड़ रहा है। गहलोत ने कहा- देश में कितने मुख्यमंत्री हैं, जो ये कह सकते हैं कि वे मुख्यमंत्री पद छोड़ना चाहते हैं, लेकिन मैं ये कह सकता हूं। गहलोत ने आगे कहा- शायद ये पद मुझे छोड़ेगा भी नहीं।
ये भी पढ़ें: Rajasthan Election 2023: झोटवाड़ा में काले झंडे दिखाए जाने पर राज्यवर्धन राठौड़ का बयान, बोले – विरोध करने के लिए थोड़ी एनर्जी चाहिए
https://twitter.com/INCIndia/status/1714910951835684997
बता दें कि राजस्थान में चुनाव की तारीखों का ऐलान होते ही पार्टियों ने अपनी पूरी ताकत झोंकना शुरू कर दिया है। हालांकि अभी कांग्रेस ने उम्मीदवारों की लिस्ट जारी नहीं की है। जल्द ही ये लिस्ट जारी होने की उम्मीद है। राजस्थान में 25 नवंबर को एक ही चरण में चुनाव होंगे। जबकि 3 दिसंबर को नतीजे आएंगे।
https://www.youtube.com/watch?v=-xPpyUCDtUc
Ashok Gehlot Press Conference CM Post Rajasthan Congress: राजस्थान में पिछले पांच साल में कई बार सियासी संकट की स्थिति रही। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पूर्व उप-मुख्यमंत्री सचिन पायलट के बीच खींचतान चली। हालांकि ये कलह पिछले दिनों सुलझ गई थी, लेकिन एक बार फिर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है कि यदि राजस्थान में कांग्रेस की सरकार बनी तो मुख्यमंत्री कौन होगा। एक ओर युवा ब्रिगेड के साथ सचिन पायलट हैं तो दूसरी ओर अनुभवी अशोक गहलोत…सीएम गहलोत के सामने गुरुवार को एक बार फिर ये सवाल सामने आया तो उन्होंने बड़ा बयान दिया।
सोनिया गांधी ने लिया था निर्णय
गहलोत ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा- सोनिया गांधी ने ही मेरा चयन पहली बार सीएम पद के लिए किया था। सोनिया गांधी के अध्यक्ष बनने के बाद उन्होंने पहला निर्णय मुझे मुख्यमंत्री बनाने का लिया। उन्होंने कुछ सोच समझकर और मेरा प्रदर्शन देखकर ये निर्णय लिया होगा। मैं उस वक्त पीसीसी प्रेसीडेंट था। मैं मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार नहीं था।
ये भी पढ़ें: राजस्थान में बस में मिली सवा दो करोड़ की चांदी की सिल्लियां, बस की डिग्गी में छिपाए थे 25 पार्सल
कांग्रेस में उम्मीदवार कभी मुख्यमंत्री नहीं बनता
गहलोत ने आगे कहा- कांग्रेस में उम्मीदवार नहीं बनना ज्यादा बेहतर रहता है। जो उम्मीदवार होता है, वह कभी मुख्यमंत्री नहीं बनता। हालांकि इसके बाद के चुनाव में हमें हार मिली। उस वक्त सोनिया गांधी ने खूब कैंपेन किया, लेकिन फिर भी हार गए। अब मैं उन कारणों पर नहीं जाना चाहता। मुझे एक बार फिर एआईसीसी में मौका दिया गया। फिर मुझे मुख्यमंत्री बनाकर प्रदेश की जिम्मेदारी दी गई। इसके बाद हमारी बुरी तरह से हार हुई और 21 सीटों पर आ गए। फिर मुझे तीसरी बार मुख्यमंत्री बनने का मौका मिल गया।
गहलोत ने आगे कहा कि एक हार्ट ट्रांसप्लांट कराने वाली महिला ने मुझसे कहा कि आप चौथी बार मुख्यमंत्री बनें। तो मैंने उनसे कहा कि माताजी मैं मुख्यमंत्री पद छोड़ना चाहता हूं, लेकिन ये पद मुझे नहीं छोड़ रहा है। गहलोत ने कहा- देश में कितने मुख्यमंत्री हैं, जो ये कह सकते हैं कि वे मुख्यमंत्री पद छोड़ना चाहते हैं, लेकिन मैं ये कह सकता हूं। गहलोत ने आगे कहा- शायद ये पद मुझे छोड़ेगा भी नहीं।
ये भी पढ़ें: Rajasthan Election 2023: झोटवाड़ा में काले झंडे दिखाए जाने पर राज्यवर्धन राठौड़ का बयान, बोले – विरोध करने के लिए थोड़ी एनर्जी चाहिए
बता दें कि राजस्थान में चुनाव की तारीखों का ऐलान होते ही पार्टियों ने अपनी पूरी ताकत झोंकना शुरू कर दिया है। हालांकि अभी कांग्रेस ने उम्मीदवारों की लिस्ट जारी नहीं की है। जल्द ही ये लिस्ट जारी होने की उम्मीद है। राजस्थान में 25 नवंबर को एक ही चरण में चुनाव होंगे। जबकि 3 दिसंबर को नतीजे आएंगे।