Rajasthan Assembly Elections 2023: पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव के लिए होने वाले मतदान की तारीखें जैसे-जैसे नजदीक आ रही हैं वैसे-वैसे नेताओं के दिलों की धड़कनें बढ़ती जा रही हैं। राजनीतिक सरगर्मियां जोरों पर हैं। चुनाव जीतने के लिए पार्टियां हर संभव तरीके अपना रही हैं। यह चुनाव कई मायनों में खास है। इसकी एक वजह तो यह है कि इसके कुछ महीनों बाद 2024 में ही देश में लोकसभा के चुनाव होने हैं। ऐसे में इसे लोकसभा चुनाव का सेमीफाइनल माना जा रहा है। दूसरी खास बात यह है कि इसबार भी चुनाव में भाई-भतीजावाद बड़े पैमाने पर देखा जा रहा है। बड़ी संख्या में नेताओं के परिवार के सदस्यों को टिकट दिया गया है।
दिग्गजों के परिवार के सदस्यों को टिकट
राजस्थान में भी दोनों प्रमुख दलों कांग्रेस और बीजेपी ने पुराने शासक परिवारों और राजनीतिक राजवंशों के 26 उम्मीदवारों को चुनावी मैदान में उतारा है। कांग्रेस और बीजेपी राजनीति में हमेशा एक दूसरे पर भाई-भतीजावाद का आरोप लगाते हुए इसे गलत बताती रही हैं, लेकिन बावजूद इसके दोनों पार्टियों ने राजस्थान में अपने कई दिग्गज नेताओं के परिवार के सदस्यों को टिकट दिया है। बता दें कि राजस्थान में 25 नवंबर को एक ही चरण में सभी 200 विधानसभा सीटों के लिए वोट डाले जाएंगे, 3 दिसंबर को मतगणना होगी और उसी दिन शाम तक नतीजे सामने आ जाएंगे।
कितनी सीटों पर दिखा भाई-भतीजावाद
समाचार एजेंसी आईएएनएस के मुताबिक राज्य की करीब 81 सीटें कुछ नेताओं का गढ़ मानी जाती हैं और कहा जाता है कि यहां चुनाव जीतने में उनकी बड़ी भूमिका होती है। इन 81 में से 40 सीटों पर तो कुछ नेताओं और उनके परिवार के सदस्यों का कब्जा रहा है। राज्य में कांग्रेस और बीजेपी ने कई सीटों पर अपने दिग्गज नेताओं के परिवार के लोगों या रिश्तेदारों को टिकट दिया है। राज्य में बीजेपी ने अभी तक सबसे ज्यादा 124 उम्मीदवारों को टिकट दे दिया है जबकि कांग्रेस ने 76 सीटों पर उम्मीदवारों का ऐलान कर दिया है। इनमें से बीजेपी ने 11 और कांग्रेस ने 15 ऐसे उम्मीदवारों को टिकट दिए जिनके परिवार के सदस्य विधायक, सांसद और मंत्री रहे हैं।