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‘इंसाफ दो या इच्छा मृत्यु की इजाजत’, हाई कोर्ट में जज की मेज पर रख दिया नवजात बेटे का भ्रूण

मध्य प्रदेश के जबलपुर हाईकोर्ट में एक चौंकाने वाली घटना से पूरे परिसर में अफरा तफरी मच गई. एक पीड़ित पिता अपने अजन्मे बच्चे के मृत भ्रूण को हाथ में लेकर सीधे जज की डाइस तक पहुंच गया और न्याय की गुहार लगाते हुए कहा कि जज साहब! 'इंसाफ दो या इच्छा मृत्यु की इजाजत दो!'

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न्याय की गुहार जब हताशा में बदल जाए तो मंजर कितना खौफनाक हो सकता है, इसका प्रत्यक्ष प्रमाण आज जबलपुर हाई कोर्ट में देखने को मिला. मृत बच्चे के लिए न्याय की मांग कर रहा एक पिता सुरक्षा घेरे को तोड़ते हुए कोर्ट रूम में घुस गया और सीधे जज की डायस (मेज) पर अपने नवजात शिशु का भ्रूण रख दिया. इस घटना के बाद पूरे कोर्ट परिसर में हड़कंप मच गया. इस सनसनीखेज कदम के पीछे 200 करोड़ रुपये के घोटाले और जानलेवा हमले की घटना सामने आई है. घटना रीवा के निवासी दयाशंकर पांडे से जुड़ी है, जो पहले जबलपुर के शुभ मोटर्स में अकाउंटेंट थे.

2 सालों में उन पर चार बार हमले

दयाशंकर पांडे के आरोप के मुताबिक, उन्होंने वहां 200 करोड़ रुपये के बड़े वित्तीय घोटाले का पता लगाया था. जब उन्होंने इस घोटाले के खिलाफ आवाज उठाई तो उन पर और उनके परिवार पर लगातार जानलेवा हमले शुरू हो गए.
पिछले 2 सालों में उन पर चार बार हमले हो चुके हैं. हाल ही में एक हमले के दौरान उनकी गर्भवती पत्नी के साथ मारपीट हुई, जिसके कारण उनका मिसकैरेज हो गया और अजन्मा बच्चा मर गया. दयाशंकर इस मृत भ्रूण को ही अपने दर्द और अन्याय का सबूत मानकर हाईकोर्ट लेकर पहुंचे.

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विरोध का यह रास्ता क्यों चुना?

घटना उस समय हुई जब कोर्ट में नियमित सुनवाई चल रही थी. पीड़ित का दावा है कि उसने स्थानीय पुलिस और प्रशासन से कई बार शिकायत की थी कि डिलीवरी के दौरान डॉक्टरों की चूक से उसके बच्चे की जान गई. वह लंबे समय से इस मामले में दोषियों पर कार्रवाई की मांग कर रहा था, लेकिन जब उसे कहीं से राहत नहीं मिली, तो उसने विरोध का यह रास्ता चुना. उसने कोर्ट में गुहार लगाई कि या तो उन्हें और उनके परिवार को उचित सुरक्षा और न्याय मिले, या फिर इच्छा मृत्यु की अनुमति दी जाए. उन्होंने बताया कि वे 2024 में लोकसभा और विधानसभा चुनाव भी लड़ चुके हैं, लेकिन पुलिस और प्रशासन ने उनकी फरियाद पर कोई कार्रवाई नहीं की, इसीलिए उन्होंने जनहित याचिका दायर की थी.

First published on: Mar 10, 2026 08:18 PM

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About the Author

Vijay Jain

विजय कुमार न्यूज 24 में बतौर सीनियर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं. विजय कुमार ने अपने पत्रकारिता के सफर की शुरुआत प्रिंट मीडिया के साथ की. अपने 23 साल के करियर में वह दैनिक जागरण, अमर उजाला और दैनिक भास्कर जैसे संस्थानों के साथ जुड़े रहे हैं. विजय कुमार राजनीति, चुनाव, क्राइम और करंट अफेयर्स जैसे विषयों पर तथ्यपरक पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं. विजय कुमार ने दैनिक भास्कर में रिपोर्टिंग के दौरान स्टिंग ऑपरेशन भी किए. 23 साल के अनुभव के दौरान विजय कुमार ने करियर के शुरुआती दौर में डेस्क जर्नलिस्ट रहते हुए की. विजय कुमार को 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के अलावा बिहार, यूपी, बंगाल, राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों के विधानसभा चुनाव की ग्राउंड कवरेज का अनुभव है. ग्रामीण उद्योगीकरण में स्नातक की डिग्री होने के कारण विजय कुमार को ग्रामीण इलाकों की समस्याओं और उनसे जुड़ी कवरेज का खासा अनुभव है. अपने लेख के माध्यम से उन्होंने ग्रामीण इलाकों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया है. पत्रकारिता में अनुभव: 23 साल योग्यता, डिग्री / अन्य उपलब्धियां: शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से ग्रामीण उद्योगीकरण विषय में बीए की डिग्री प्राप्त की है. विजय कुमार को पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए 2017 में 'श्रीफल जर्नलिज्म नेशनल अवॉर्ड' से सम्मानित किया गया.

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