Sachin Pilot Big Statement: पंजाब की राजनीति में कांग्रेस ने आगामी चुनावों को लेकर अपनी रणनीति का बड़ा खुलासा कर दिया है. पार्टी के पंजाब प्रभारी महासचिव सचिन पायलट ने कार्यभार संभालते ही यह स्पष्ट कर दिया है कि पंजाब में कांग्रेस किसी एक चेहरे को आगे करके चुनाव नहीं लड़ेगी, बल्कि सामूहिक नेतृत्व के आधार पर मैदान में उतरेगी. पायलट के इस ऐलान से साफ हो गया है कि पार्टी हाईकमान फिलहाल किसी को मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित करने के मूड में नहीं है.
चंडीगढ़ में मीडिया से बात करते हुए सचिन पायलट ने जोर देकर कहा कि पंजाब कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष को बदलने का इस समय कोई सवाल ही नहीं उठता. पूरी पार्टी कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और वरिष्ठ नेता राहुल गांधी के मार्गदर्शन में एकजुट होकर आगे बढ़ेगी. उन्होंने बताया कि राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे का पंजाब पर विशेष फोकस है और आने वाले दिनों में राहुल गांधी खुद पंजाब का दौरा भी करेंगे.
पार्टी के भीतर चल रही अंदरूनी कलह और गुटबाजी के सवालों पर पलटवार करते हुए सचिन पायलट ने सीधे तौर पर भारतीय जनता पार्टी को घेरा. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जो लोग आज सत्ता में हैं, उनके अपने आठ सांसद बीजेपी में जा चुके हैं. पायलट ने पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के साथ हुई अपनी मुलाकात को बेहद सकारात्मक बताया और कहा कि चन्नी साहब ने पार्टी के सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं को साथ लेकर आगे बढ़ने का पूरा भरोसा दिया है.
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के पंजाब दौरे पर भी पायलट ने तीखा हमला बोला. उन्होंने मुंद्रा पोर्ट पर पकड़े गए 21 हजार करोड़ रुपये की ड्रग्स का मुद्दा उठाते हुए कहा कि इससे बड़ा विरोधाभास और क्या हो सकता है कि जिनकी नाक के नीचे इतना बड़ा अवैध कारोबार हुआ, वे लोग किस मुंह से पंजाब की जनता के सामने बोलेंगे.
इसके अलावा, अकाली दल और बीजेपी के संभावित गठबंधन पर बोलते हुए सचिन पायलट ने तंज कसा कि शिरोमणि अकाली दल के बिना पंजाब में बीजेपी का कोई वजूद नहीं है. गुलजार सिंह से जुड़े मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि वित्त मंत्री चीमा का नाम सामने आया है और यदि भविष्य में कांग्रेस की सरकार बनती है, तो इस मामले में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.