1 हजार दो, 2 लाख पाओ… फिर 15 करोड़ की बारिश! नासिक में ‘चमत्कारी बाबा’ का भंडाफोड़

नासिक में 15 करोड़ के पैसों की बारिश का झांसा देकर मुंबई के परिवारों से करीब 11 लाख रुपये की ठगी का सनसनीखेज मामला सामने आया है. ढोंगी बाबा ने पीड़ितों को तंत्र-मंत्र के नाम पर बच्चों के खेलने वाले नकली नोटों से भरी बोरी थमा दी. अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति की मदद से पुलिस ने मुख्य आरोपी हिराचंद बर्डे समेत तीन ठगों को गिरफ्तार कर लिया है. नासिक से मंगल भारत घनदाट की रिपोर्ट.

Nashik crime news, money rain fraud, fraudulent godman arrested, anti superstition law, Maharashtra Police

नासिक में पकड़ा गया फर्जी बाबा हिराचंद शिवाजी बर्डे. तस्वीर: News24

तंत्र-मंत्र, ढोंग का जाल और जल्द से जल्द अमीर बनने का अंधा लालच… जब यह तीनों चीजें मिलती हैं, तो अंजाम ऐसा ही होता है जैसा मुंबई के कुछ परिवारों के साथ हुआ. 1 हजार रुपये के बदले 2 लाख रुपये करने का ‘छोटा सा चमत्कार’ दिखाकर एक ढोंगी बाबा और उसके गिरोह ने पीड़ितों को ऐसा सम्मोहित किया कि उन्होंने अपनी जिंदगी की जमा पूंजी लुटा दी. नासिक के कळवण तालुका के अभोणा इलाके में पुलिस ने इस हाई-प्रोफाइल ‘पैसों की बारिश’ वाले ठगी रैकेट का भंडाफोड़ किया है.

विज्ञापन

‘ट्रेलर’ दिखाकर जीता भरोसा, फिर 11 लाख का लगा ‘झटका’

पूरा खेल मुंबई के पांच परिवारों को टारगेट बनाकर शुरू हुआ. फर्जी बाबा हिराचंद शिवाजी बर्डे और उसके शातिर साथियों ने पहले पीड़ितों को अपनी तांत्रिक शक्तियों का झांसा दिया. पीड़ितों का अंधा विश्वास जीतने के लिए ढोंगी बाबा ने शुरुआत में एक ‘छोटा चमत्कार’ दिखाया, 1 हजार रुपये लिए और बदले में 2 लाख रुपये थमा दिए. इस जादुई ट्रेलर को देखकर पीड़ितों की आंखें चौंधिया गईं. इसके बाद आरोपियों ने असली दांव खेला और दावा किया कि अगर बड़ी पूजा-विधि की जाए, तो करीब ₹15 करोड़ की पैसों की बारिश होगी. बस फिर क्या था, अमीर बनने के खुमार में पीड़ितों ने अलग-अलग किस्तों में ₹10.95 लाख बाबा के चरणों में अर्पित कर दिए.

विज्ञापन

करोड़ों की जगह मिली बच्चों के खेलने वाले नोटों की बोरी!

पूरे तंत्र-मंत्र का ड्रामा रचने के लिए पीड़ितों को अभोणा के सुनसान इलाके में बुलाया गया. घंटों चले ढोंग और तांत्रिक पूजा-पाठ के बाद बाबा ने एक भारी-भरकम बोरी पीड़ितों के हवाले की और कहा कि इसमें करोड़ों रुपये की बारिश हुई है. पीड़ित खुशी-खुशी बोरी लेकर घर पहुंचे, लेकिन जैसे ही उसे खोला, उनके पैरों तले जमीन खिसक गई. बोरी में ऊपर तो चंद असली नोट सजे थे, लेकिन नीचे बच्चों के खेलने वाले ‘चूरन लेबल’ वाले नकली नोट भरे पड़े थे.

पैसे मांगे तो मिली धमकी, ‘अंनिस’ की मदद से पुलिस ने कसा शिकंजा

ठगी का अहसास होते ही जब पीड़ितों ने अपने असली 10.95 लाख रुपये वापस मांगे, तो आरोपियों ने उन्हें तांत्रिक क्रिया का डर दिखाकर धमकाना शुरू कर दिया. घबराए पीड़ितों ने तुरंत ‘महाराष्ट्र अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति’ (अंनिस) के कार्यकर्ताओं से संपर्क किया. अंनिस की मदद से अभोणा पुलिस थाने में मामला दर्ज कराया गया. पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी ढोंगी बाबा हिराचंद बर्डे समेत तीनों शातिर ठगों को धर दबोचा.

विज्ञापन

जादूटोना विरोधी कानून के तहत केस, 5 दिन की रिमांड

पुलिस ने आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं के साथ-साथ कड़े ‘महाराष्ट्र जादूटोना विरोधी कानून’ के तहत मामला दर्ज किया है. कोर्ट ने तीनों आरोपियों को 5 दिनों की पुलिस हिरासत में भेज दिया है. पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि इस ढोंगी बाबा ने अब तक और कितने मासूमों को अंधविश्वास के जाल में फंसाकर लूटा है.

न्यूज 24 पर पढ़ें देश,राष्ट्रीय समाचार (National News),खेल,मनोरंजन,धर्म,लाइफ़स्टाइल,हेल्थ,शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

और पढ़ें: हमारे संपादकीय दिशानिर्देश और मानक यहाँ देखें।

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Vijay Jain

Vijay Jain

विजय कुमार न्यूज 24 में बतौर सीनियर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं. विजय कुमार ने अपने पत्रकारिता के सफर की शुरुआत प्रिंट मीडिया के साथ की. अपने 23 साल के करियर में वह दैनिक जागरण, अमर उजाला और दैनिक भास्कर जैसे संस्थानों के साथ जुड़े रहे हैं. विजय कुमार राजनीति, चुनाव, क्राइम और करंट अफेयर्स जैसे विषयों पर तथ्यपरक पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं. विजय कुमार ने दैनिक भास्कर में रिपोर्टिंग के दौरान स्टिंग ऑपरेशन भी किए. 23 साल के अनुभव के दौरान विजय कुमार ने करियर के शुरुआती दौर में डेस्क जर्नलिस्ट रहते हुए की. विजय कुमार को 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के अलावा बिहार, यूपी, बंगाल, राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों के विधानसभा चुनाव की ग्राउंड कवरेज का अनुभव है. ग्रामीण उद्योगीकरण में स्नातक की डिग्री होने के कारण विजय कुमार को ग्रामीण इलाकों की समस्याओं और उनसे जुड़ी कवरेज का खासा अनुभव है. अपने लेख के माध्यम से उन्होंने ग्रामीण इलाकों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया है. पत्रकारिता में अनुभव: 23 साल योग्यता, डिग्री / अन्य उपलब्धियां: शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से ग्रामीण उद्योगीकरण विषय में बीए की डिग्री प्राप्त की है. विजय कुमार को पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए 2017 में 'श्रीफल जर्नलिज्म नेशनल अवॉर्ड' से सम्मानित किया गया.
... और पढ़ें
विज्ञापन
होम पेज पर वापस जाएँ