महाराष्ट्र में टैक्सी-कैब ड्राइवरों के लिए मराठी जरूरी, नहीं सीखने पर सस्पेंड होगा ड्राइविंग लाइसेंस
महाराष्ट्र सरकार ने इलेक्ट्रॉनिक मीटर वाली टैक्सी और कैब ड्राइवरों के लिए मराठी का कामकाजी ज्ञान जरूरी कर दिया है. भाषा सीखने के लिए ड्राइवरों को एक महीने की मोहलत मिलेगी. नियम न मानने पर लाइसेंस सस्पेंड और टैक्सी परमिट भी रद्द हो सकता है.
Edited By : Vijay Jain|Updated: Aug 14, 2026 15:13
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महाराष्ट्र में अब टैक्सी और कैब चलाना पहले जितना आसान नहीं रहेगा. महाराष्ट्र सरकार ने टैक्सी और कैब ड्राइवरों के लिए मराठी भाषा को लेकर नया नियम लागू किया है. अब इलेक्ट्रॉनिक मीटर वाली टैक्सी के ड्राइवर को मराठी का सामान्य कामकाजी ज्ञान होना जरूरी होगा. सरकार ने 12 अगस्त 2026 को आधिकारिक राजपत्र जारी करते हुए ‘महाराष्ट्र मोटर वाहन नियमों’ में यह बड़ा संशोधन लागू कर दिया है. नए नियमों के अनुसार, अगर किसी टैक्सी चालक को मराठी भाषा का कामकाजी ज्ञान नहीं है तो उसे तुरंत हटाया नहीं जाएगा.
लाइसेंसिंग अथॉरिटी ऐसे ड्राइवरों को मराठी सीखने के लिए एक महीने की मोहलत देगी. हालांकि, सरकार ने साफ किया है कि किसी भी दंडात्मक कार्रवाई से पहले ड्राइवर को अपना पक्ष रखने का पूरा मौका दिया जाएगा।
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मराठी सीखने के लिए एक महीने का समय
नए नियम के मुताबिक, अगर किसी टैक्सी ड्राइवर को मराठी नहीं आती है, तो लाइसेंस अथॉरिटी उसे मराठी सीखने के लिए एक महीने का समय देगी. अगर एक महीने के बाद भी ड्राइवर ने जरूरी मराठी ज्ञान हासिल नहीं किया, तो उसका ड्राइविंग लाइसेंस अधिकतम तीन महीने तक निलंबित किया जा सकता है. अगर इसके बाद भी नियम का पालन नहीं किया जाता है, तो ड्राइवर की टैक्सी चलाने की अनुमति रद्द भी की जा सकती है. हालांकि, कार्रवाई से पहले ड्राइवर को अपना पक्ष रखने का मौका दिया जाएगा.
परमिट रिन्यूअल पर भी लागू होगा नियम
यह नया नियम केवल ड्राइवरों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि टैक्सी के परमिट धारकों पर भी लागू होगा. यदि किसी के पास टैक्सी का परमिट है या वह परमिट का नवीनीकरण (रिन्यूअल) कराने जा रहा है, तो उसके लिए भी मराठी का कामकाजी ज्ञान होना अनिवार्य होगा. कुल मिलाकर, अब महाराष्ट्र में इलेक्ट्रॉनिक मीटर वाली टैक्सी चलाने या उसका परमिट लेने के लिए मराठी भाषा की बुनियादी समझ होना जरूरी शर्त बना दिया गया है.