Tension in Maharashtra Sambhajinagar: महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर और शिरडी में शुक्रवार की शाम दो पक्षों के बीच तनाव भड़क उठा। सैकड़ों लोग रामगिरी महाराज की कथित भड़काऊ टिप्पणी के खिलाफ सड़कों पर उतर आए। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक हिंसक झड़प में 18 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। वहीं भद्रकाली इलाके में कर्फ्यू लगा दिया गया है।
बता दें कि रामगिरी महाराज नासिक में एक धार्मिक संगठन चलाते हैं। वैजापुर पुलिस ने शुक्रवार को भारतीय न्याय संहिता की धारा 302 के तहत महाराज के खिलाफ एफआईआर दर्ज की। महाराज के खिलाफ जानबूझकर बयानबाजी करके लोगों की भावनाएं भड़काने का आरोप है।
संतों के साथ खड़े हुए सीएम शिंदे
संभाजीनगर में रामगिरी महाराज के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के चंद घंटों बाद सीएम एकनाथ शिंदे ने नासिक में महाराज के साथ मंच साझा किया। महाराज के मठ में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम शिंदे ने कहा कि महाराष्ट्र में उनकी सरकार के रहते किसी भी धार्मिक नेता को कोई समस्या नहीं होगी।
शिंदे ने कहा, ‘हमारी सरकार को ऐसे महान संतों का आशीर्वाद प्राप्त है। महाराष्ट्र में संतों को कोई छू भी नहीं सकता।’ दरअसल सीएम शिंदे रामगिरी महाराज द्वारा नासिक के सिन्नार में आयोजित अखंड हरिनाम सप्ताह कार्यक्रम में शामिल होने के लिए पहुंचे थे।
बयान को तोड़ मरोड़कर पेश करना गलत
सीएम शिंदे के साथ कार्यक्रम में शामिल होने के लिए पहुंचे राज्य के मंत्री गिरीश महाजन ने कहा कि रामगिरी महाराज के बयान को तोड़ मरोड़ कर पेश किया जा रहा है। महाराज ने किसी मुद्दे पर कुछ कहा है तो उसे तोड़ मरोड़ कर पेश करना और सोशल मीडिया पर शेयर करना गलत है। पुलिस इस मामले की जांच करेगी और उचित कदम उठाएगी।
FIR पर क्या बोले महाराज
खुद के खिलाफ मामला दर्ज किए जाने और सड़कों पर सैकड़ों लोगों के विरोध प्रदर्शन करने के मामले पर टिप्पणी करते हुए रामगिरी महाराज ने कहा कि जब सरकार की ओर से मुझे नोटिस आएगा, तब मामले पर टिप्पणी करूंगा।
शुक्रवार की सुबह वैजापुर, गंगापुर, खंडाला सहित छत्रपति संभाजीनगर जिले और अहमदनगर के शिरडी सहित पड़ोसी जिलों के अन्य इलाकों में तनाव भड़क उठा। इन इलाकों में रामगिरी महाराज का कथित भड़काऊ भाषण वाला वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है।