महाराष्ट्र की सरकार से कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने शुक्रवार को मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे से बातचीत करने की अपील की. उन्होंने कहा कि सरकार को आंदोलन को समझने के लिए सीधे जरांगे से बात करनी चाहिए. साथ ही दीपके ने चेतावनी दी कि आंदोलन में किसी भी तरह का ‘जबरन हस्तक्षेप’ करने की कोशिश नहीं होनी चाहिए. अभिजीत दीपके ने जालना जिले के अंतरवाली सराटी गांव पहुंचकर मनोज जरांगे से मुलाकात की. जरांगे का अनशन शुक्रवार को 14वें दिन भी जारी रहा. मुलाकात के बाद दीपके ने मीडिया से बातचीत में कहा कि सरकार को जरांगे की मांगों को समझने और उनका समाधान निकालने के लिए बातचीत का रास्ता अपनाना चाहिए.
प्रथमेश देशमुख के मुद्दे का भी जिक्र
दीपके ने कहा कि मनोज जरांगे केवल आरक्षण की मांग नहीं उठा रहे हैं, बल्कि प्रथमेश देशमुख जैसे छात्रों के लिए बेहतर सुविधाओं और व्यवस्था की भी बात कर रहे हैं. महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (MPSC) की परीक्षा की तैयारी कर रहे प्रथमेश देशमुख ने पुणे में आत्महत्या कर ली थी. दीपके ने बताया कि उन्होंने गुरुवार को धाराशिव जाकर प्रथमेश के परिवार से मुलाकात की थी. उनके मुताबिक, प्रथमेश ने आत्महत्या से पहले एक नोट छोड़ा था, जिसमें करीब 2.5 लाख रुपये के कर्ज का जिक्र किया गया था.
---विज्ञापन---
सरकार पर साधा निशाना
अभिजीत दीपके ने मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि सरकार के बड़े नेताओं के बच्चे पढ़ाई के लिए विदेश जा सकते हैं, लेकिन राज्य के आम छात्रों को बेहतर शिक्षा और सुविधाएं क्यों नहीं मिल रही हैं. उन्होंने कहा कि युवाओं की समस्याओं को गंभीरता से समझने और उनके समाधान के लिए सरकार को ठोस कदम उठाने चाहिए. दीपके ने यह भी सवाल उठाया कि क्या सरकार मनोज जरांगे को सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की तरह लंबे समय तक भूखा रखना चाहती है. उन्होंने कहा कि सरकार को वांगचुक के साथ हुई स्थिति से सबक लेना चाहिए और जरांगे के मामले में ऐसा नहीं होना चाहिए.
‘जरांगे को हाथ लगाया तो…’
दीपके ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर किसी ने मनोज जरांगे के आंदोलन में जबरन हस्तक्षेप किया या उन्हें नुकसान पहुंचाने की कोशिश की, तो इसका विरोध होगा. उन्होंने कहा कि जरांगे को हाथ लगाया गया तो पूरा महाराष्ट्र अंतरवाली सराटी में उनके समर्थन में पहुंच सकता है.
---विज्ञापन---