Arif Khan
आरिफ खान मंसूरी को डिजिटल मीडिया में करीब 15 वर्षों का अनुभव है . वर्तमान में न्यूज24 की डिजिटल विंग में कार्यरत हैं. इससे पहले देश के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम कर चुके हैं.
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विपक्ष के हिस्से में आने वाली महाराष्ट्र की इकलौती राज्यसभा सीट महा विकास अघाड़ी के लिए बड़ी चुनौती बन गई. इसकी वजह से पहले से ही नाजुक चल रहे रिश्तों में और दरार आने की संभावना पैदा हो गई. शिव सेना (उद्धव ठाकरे) ने पहले ही संकेत दे दिए हैं कि यह सीट उन्हें मिलनी चाहिए. महा विकास अघाड़ी में सहयोगी शरद पवार ने पहले राजनीति से संन्यास लेने और दोबारा राज्यसभा चुनाव न लड़ने की बात कही थी. लेकिन पिछले महीने अजित पवार के निधन के बाद उन्होंने अपना फैसला बदल दिया.
रिपोर्ट्स के मुताबिक, अजित पवार अपनी पार्टी का शरद पवार के साथ 12 फरवरी को विलय करने वाले थे. लेकिन उससे कुछ दिन पहले 28 जनवरी को उनकी विमान हादसे में मौत हो गई. उनके निधन ने NCP के दोनों गुटों के विलय की योजना को उलट दिया और महा विकास अघाड़ी में आई इस चुनौती को और गहरा बना दिया. माहयुति ने अजित पवार की जगह उनकी पत्नी को डिप्टी सीएम बना दिया. जिसकी वजह से दोनों एनसीपी गुट का विलय ठंडे बस्ते में चला गया.
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अब शरद पवार गुट के नेताओं को कहना है कि शरद पवार राज्यसभा चुनाव लड़ना चाहते हैं, हालांकि, MVA का कोई भी दल पवार के पक्ष में नहीं बोल रहा है.
शिव सेना (उद्धव ठाकरे) के पास MVA में सबसे ज्यादा विधायक हैं. उद्धव ठाकरे गुट चाहता है कि वह सीट उनके पास आए. पहले शरद पवार का समर्थन करने वाले संजय राउत, आदित्य ठाकरे के उस बयान के बाद से चुप हैं, जिसमें उन्होंने कहा था कि राज्यसभा सीट उनकी पार्टी को मिलनी चाहिए.
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आदित्य ठाकरे ने कहा है कि साल 2020 में शिव सेना ने अपनी एक सीट NCP को दी थी, इसलिए इस बार उनकी बारी है. आदित्य ठाकरे ने कहा कि उनकी उम्मीदवार प्रियंका चतुर्वेदी होंगी.
कांग्रेस ने इस मामले पर चुप्पी साधी हुई है. एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल का कहना है कि MVA के सभी दलों को मिलकर तय करना चाहिए कि उम्मीदवार कौन होगा. साथ ही उन्होंने कहा कि हालांकि शरद पवार के नाम पर किसी को कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए, लेकिन शीर्ष नेताओं को आपस में इस मुद्दे पर चर्चा करनी होगी.
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महाराष्ट्र विधानसभा में 288 सीटें हैं, जिनमें से भाजपा के पास 131, शिव सेना (शिंदे) के पास 57 और NCP (अजित पवार) के पास 40 विधायक हैं. शिव सेना (उद्धव ठाकरे) के 20, कांग्रेस के 16 और NCP (शरद पवार) के 10 विधायक हैं. महाराष्ट्र में एक राज्यसभा सीट के लिए 37 वोटों की जरूरत है. इन आंकड़ों को देखते हुए, MVA केवल अपने एक उम्मीदवार को ही जीता सकता है.
मौजूदा आंकड़ों के मुताबिक, महाराष्ट्र की सात में से छह सीटें महायुति के खाते में जा सकती हैं. केंद्र में मंत्री रामदास अठावले को एक सीट दी जाएगी. एक सीट अजित पवार की NCP को जाएगी. जिस पर अजित पवार के बेटे पार्थ पवार लड़ सकते हैं.
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16 मार्च 10 राज्यों की 37 राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव होने हैं. इनके लिए नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 9 मार्च है. मतदान की शाम को मतगणना की जाएगी. महाराष्ट्र की सात सीटों, तमिलनाडु की छह, पश्चिम बंगाल और बिहार की पांच-पांच, ओडिशा की चार, असम की तीन, तेलंगाना, हरियाणा और छत्तीसगढ़ की दो-दो और हिमाचल प्रदेश की एक राज्यसभा सीट पर चुनाव होंगे.
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