महाराष्ट्र सरकार ने अपने कामकाज को बेहतर और पारदर्शी बनाने के लिए एक खास अभियान शुरू किया है। इस अभियान के जरिए सरकारी दफ्तरों की कार्यप्रणाली में बड़ा बदलाव आया है, जिससे जनता को तेजी से और सही तरीके से सेवाएं मिल रही हैं। इस पूरी प्रक्रिया में स्लम रिहैबिलिटेशन अथॉरिटी (SRA) ने सबसे बेहतर प्रदर्शन किया और राज्य में पहला स्थान हासिल किया। यह सुधार सिर्फ कागज पर नहीं, बल्कि लोगों के जीवन में भी बदलाव ला रहा है। अब झुग्गीवासियों को पक्के, सुरक्षित और सुंदर घर मिलने की उम्मीद बढ़ी है।
सरकारी कामकाज में सुधार के लिए 100 दिवसीय अभियान
महाराष्ट्र सरकार ने हाल ही में “100 दिन का ऑफिस सुधार अभियान” चलाया। इस अभियान का मकसद था कि सरकारी ऑफिसों का काम जल्दी, साफ-सुथरा और लोगों के लिए आसान हो जाए। पूरे राज्य के 12,500 से ज्यादा सरकारी दफ्तरों में ये योजना लागू की गई। इससे जिला और तालुका स्तर तक अच्छे बदलाव आए। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस काम की सफलता से खुश होकर जो विभाग अच्छा काम कर रहे थे, उन्हें इनाम दिया।
SRA को मिला पूरे राज्य में पहला स्थान
इस मूल्यांकन में 95 सरकारी संस्थाओं, निगमों और कंपनियों की समीक्षा की गई। इनमें से स्लम रिहैबिलिटेशन अथॉरिटी (SRA) को सबसे श्रेष्ठ कार्यप्रणाली के लिए पहला स्थान प्राप्त हुआ। SRA ने अपने काम और नए तरीकों से सरकारी कामकाज को बेहतर बनाया है। संस्था के मुख्य अधिकारी डॉ. महेंद्र कल्याणकर को उनके अच्छे काम के लिए मुख्यमंत्री ने सम्मानित किया और उन्हें प्रशंसा पत्र दिया। डॉ. कल्याणकर अप्रैल 2024 से इस पद पर हैं। वे “झुग्गी मुक्त मुंबई” यानी बिना झोपड़पट्टी वाली मुंबई बनाने के लिए लगातार मेहनत कर रहे हैं।
झुग्गीवासियों को पक्के घर देने में जुटी SRA
SRA का मेन मकसद झुग्गी बस्तियों में रहने वाले लोगों को पक्के, सुरक्षित और अच्छे घर देना है। इन घरों में जरूरी सुविधाएं होती हैं और रहने लायक अच्छा माहौल होता है, जिससे लोग सम्मान के साथ जिंदगी जी सकते हैं। खास बात यह है कि डॉ. कल्याणकर और उनकी टीम ने पुराने प्रोजेक्ट्स को तेजी से पूरा किया और नई टेक्नोलॉजी और प्लान भी अपनाए। इससे काम में पारदर्शिता (transparency) और स्पीड दोनों बढ़ गई।
‘मेरा घर – मेरा अधिकार’ नीति में SRA की अहम भूमिका
महाराष्ट्र सरकार ने अभी हाल में “गृह निर्माण नीति 2025” को मंजूरी दी है, जिसका नारा है “मेरा घर – मेरा अधिकार”। इस नीति का मकसद है कि साल 2030 तक हर जरूरतमंद परिवार को एक मजबूत, सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल घर दिया जाए। इस काम में SRA की बहुत बड़ी भूमिका होगी। खासकर महिलाओं, छात्रों और बुजुर्गों के लिए बनाए जाने वाले खास घरों में SRA की जिम्मेदारी बढ़ गई है। इस तरह यह योजना न सिर्फ सरकारी काम को बेहतर बनाती है, बल्कि सीधे जनता को फायदा पहुंचाने का भी अच्छा कदम है।
संबंधित खबरें
'प्रदर्शन में घुस गए BJP के लोग…', मुंबई में CEC के खिलाफ मार्च कर रही CJP ने लगाए गंभीर आरोप, क्या बोले CM फडणवीस
41 mins agoमहाराष्ट्र: दुर्गा प्रतिमा ले जा रहे श्रद्धालुओं के वाहन को ट्रक ने मारी टक्कर, 7 की मौत, 19 घायल
9 hrs agoमुंबई में हिरासत और फिर रिहाई; अभिजीत दीपके ने शेयर किया अपडेट, प्रदर्शन से पहले दिखाया विक्ट्री साइन
17 hrs agoमहाराष्ट्र के रायगढ़ में दर्दनाक हादसा, पिकनिक मनाने गए 8 छात्रों की समंदर में डूबने से मौत
21 hrs ago‘पहले अपने बच्चों को खिलाएं', पान मसाला एड को लेकर बॉलीवुड सेलेब्स पर भड़के FDA कमिश्नर तुकाराम मुंढे
1 day ago'पहले बेंगलुरु में हाथ-पैर तोड़ने की थी साजिश', केतन अग्रवाल मर्डर में पुलिस चार्जशीट से चौंकाने वाले खुलासे
2 days agoमौत के 4 साल बाद क्लिनिक के फ्रीजर में रखी बुजुर्ग की लाश, परिवार को थी जिंदा होने की उम्मीद
2 days agoडोसे के अंदर मिला चूहा तो उल्टी करने लगा ग्राहक, तुकाराम मुंढे की टीम ने बंद कराया होटल
2 days agoएंटीलिया बम कांड में सचिन वाझे को जमानत, मुंबई समेत पांच जिलों में एंट्री पर रोक
2 days agoमौत से पहले केतन अग्रवाल ने बनवाया था सिया गोयल के नाम का टैटू, मंगेतर को देना चाहता था सरप्राइज
2 days agoन्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।
First published on:
Know More: Editorial Guidelines