---विज्ञापन---

मुंबई

मुंबई से सटे मीरा -भायंदर के राजनीतिक पार्टियों के 45 दफ्तर अवैध, जिनमें शिवसेना शिंदे के 14 कार्यालय

Illegal Construction In Mumbai: मुंबई से सटे मीरा भायंदर में अवैध तरीके से बनाई गई प्रॉपटी की जांच की जा रही है। जिसमें 45 अवैध कार्यालय राजनीतिक दल के मिले हैं।

इंद्रजीत सिंह मुंबई

Illegal Construction In Mumbai: मुंबई से सटे मीरा भायंदर में इस समय राजनीतिक पार्टियों के दफ्तर की भरमार है। इस एक महा नगरपालिका क्षेत्र में 10 राजनीतिक पार्टियों के 121 दफ्तर हैं , हैरानी की बात है कि इसमें से 45 दफ्तर अवैध हैं जो कि सरकारी जमीन पर सड़क और नालों पर अवैध कब्जा कर बने हैं। जानकारी के मुताबिक प्रभात क्रमांक 6 में सबसे ज्यादा पार्टियों के अवैध निर्माण हैं। शहर में अवैध तरीके से बने कार्यालय, मकानों का पता लगाया जा रहा है।

---विज्ञापन---

58 अवैध कार्यालय

मीरा भायंदर महानगरपालिका के आंकड़ों के मुताबिक प्रभाग क्रमांक 6 में कुल 58 अवैध निर्माण हैं जिसमें 25 अवैध निर्माण राजनीतिक दलों के हैं इसके अलावा प्रभात क्रमांक 1 से लेकर 5 तक राजनीतिक दलों के क्रमशः 3,2,6,8 और 1 अवैध निर्माण हैं ।

महानगरपालिका ने अवैध निर्माण की जो सूची तैयार की है वह बेहद चौंकाने वाली है आंकड़ों के मुताबिक शहर में कुल 183 में निर्माण है जिनमें 45 अवैध निर्माण राजनीतिक पार्टियों के हैं इससे भी चौंकाने वाली बातें हैं कि इसमें सभी राजनीतिक पार्टियों शामिल हैं चाहे शिवसेना शिंदे गुट हो, शिवसेना उद्धव ठाकरे गुट हो बीजेपी हो, कांग्रेस हो एमएनएस हो , पीआरपी, बीवीए हो या फिर अन्य हो लेकिन सबसे ज्यादा अवैध निर्माण जिस राजनीतिक दल ने की है उसमें शिवसेना एकनाथ शिन्दे गुट का नाम सबसे ऊपर है।

---विज्ञापन---

यह भी पढ़े: दिल्ली यूनिवर्सिटी की छात्रा कैसे फंस गई रिक्शा चालक के चंगुल में, हो गई यौन उत्पीड़न का शिकार

शिवसेना शिंदे के 14 अवैध कार्यालय

आपको बता दें  कि मीरा भायंदर में शिवसेना शिंदे के 14 अवैध कार्यालय हैं जो कि सरकारी जमीन पर बने है कहीं भी कार्यालय के दस्तावेज नहीं है। वहीं दूसरे नंबर पर बीजेपी है भाजपा नेताओं के 10 अवैध कार्यालय हैं यानि कह सकते हैं कि जिन नेताओं की जिम्मेदारी शहर में अवैध निर्माण पर लगाम लगाने की थी उन्हीं ने शहर में अवैध निर्माण कर रखा है और शहर की सुंदरता बिगड़ने में यह राजनीतिक पार्टियों सबसे आगे हैं। सरकार के इनके खिलाफ सख्त कार्यवाही करनी चाहिए।

---विज्ञापन---
First published on: Dec 12, 2023 01:55 PM

End of Article

About the Author

संबंधित खबरें
Sponsored Links by Taboola