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DRI ने कसा इंटरनेशनल गोल्ड सिंडिकेट पर शिकंजा, 1.10 करोड़ रुपये की कीमत का 691.870 ग्राम सोना जब्त

इंटरनेशनल गोल्ड सिंडिकेट पर शिकंजा कसते हुए DRI ने करीब 1.10 करोड़ रुपये की कीमत का 691.870 ग्राम खरा सोना जब्त किया है. इस पूरे फर्जीवाड़े के तार सीधे हांगकांग से जुड़े पाए गए हैं, जिसमें एक चीनी नागरिक समेत दो मास्टरमाइंड को गिरफ्तार कर लिया गया है. पढ़ें मुंबई से अंकुश जायसवल की रिपोर्ट.

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हांगकांग से मुंबई…फिर ट्रेडमिल की मोटर और उसके भीतर छिपा करोड़ों का खरीदा हुआ 24 कैरेट सोना! सुनने में भले ही यह किसी सस्पेंस फिल्म की स्क्रिप्ट लगे, लेकिन मुंबई में डायरेक्टोरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (DRI) ने तस्करी के जिस खेल को बेनकाब किया है, उसने जांच एजेंसियों के भी होश उड़ा दिए हैं.

कमर्शियल सामान के आयात की आड़ में चल रहे इस इंटरनेशनल गोल्ड सिंडिकेट पर शिकंजा कसते हुए DRI ने करीब 1.10 करोड़ रुपये की कीमत का 691.870 ग्राम खरा सोना जब्त किया है. इस पूरे फर्जीवाड़े के तार सीधे हांगकांग से जुड़े पाए गए हैं, जिसमें एक चीनी नागरिक समेत दो मास्टरमाइंड को गिरफ्तार कर लिया गया है.

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ऐसे खुला ‘गोल्डन मोटर’ का राज

दरअसल, DRI की इंटेलिजेंस विंग को एक पुख्ता इनपुट मिला था कि मुंबई के रास्ते इंटरनेशनल कार्गो से आने वाले आम सामान में भारी मात्रा में सोने की खेप ठिकाने लगाई जा रही है. अधिकारियों ने जब इस खुफिया जानकारी के आधार पर हांगकांग से आए एक संदिग्ध ट्रेडमिल के पार्सल को रोका और उसकी मोटर को खोलकर देखा, तो भीतर का नजारा देखकर हर कोई हैरान रह गया. तस्करों ने बड़ी ही शातिर दिमाग से मोटर की अंदरूनी बनावट में सोने को इस तरह तराशकर फिट किया था कि पहली नजर में कोई एक्स-रे या नॉर्मल स्कैनर भी इसे आसानी से न पकड़ सके.

मुंबई से दक्षिण भारत तक ताबड़तोड़ छापेमारी

जैसे ही इस चीनी कनेक्शन का खुलासा हुआ, DRI की जांच का दायरा सिर्फ मुंबई तक सीमित नहीं रहा. नेटवर्क की जड़ें तलाशने के लिए एजेंसियों की कई टीमों ने दक्षिण भारत में डेरा डाल दिया. मुंबई के साथ-साथ चेन्नई, तिरुवल्लूर और चेंगलपट्टू में आरोपियों से जुड़े कई ठिकानों पर एक साथ रेड मारी गई. शुरुआती जांच से पता चला है कि यह सिंडिकेट काफी समय से वैध व्यापार की आड़ में भारत के अलग-अलग शहरों में बिना कस्टम ड्यूटी दिए सोना खपा रहा था.

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जांच एजेंसियों के रडार पर ‘हवाला’ और ‘लोकल बायर’

फिलहाल हिरासत में लिए गए चीनी नागरिक और उसके भारतीय मददगार से DRI के अफसर पूछताछ कर रहे हैं. अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि हांगकांग से भेजा गया यह करोड़ों का सोना आखिर भारत में किस सरगना तक पहुंचाया जाना था? एजेंसी अब इस पूरे खेल में शामिल हवाला कारोबारियों, लोकल ज्वैलर्स और इंपोर्ट-एक्सपोर्ट कोड (IEC) मुहैया कराने वाले बिचौलियों का कच्चा चिट्ठा खंगाल रही है.

First published on: Sep 08, 2026 09:17 AM

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