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छेड़छाड़ करना गलत, लेकिन गुनाह नहीं, पढ़ें Bombay High Court की विशेष टिप्पणी

Bombay High Court's Decision: लड़कियों का पीछा और उनको परेशान करना दुर्व्यवहार है, लेकिन यह अपराध के अंतगर्त के नहीं आता है।

Bombay High Court’s Decision:  महाराष्ट्र की बॉम्बे हाई कोर्ट में नागपुर पीठ द्वारा सुनाए गए एक महत्वपूर्ण फैसले में बताया गया है कि महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार करना और उनका पीछा करना कष्टप्रद ‘महिलाओं को परेशान करना’ हो सकता है, लेकिन इसे आईपीसी की धारा 354 के तहत शील भंग करने का अपराध नहीं माना जा सकता है। एक मजिस्ट्रेट ने महिला छात्रा की शिकायत के आधार पर दोषी ठहराए गए व्यक्ति को बरी कर दिया गया है।

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First published on: Jan 02, 2024 06:19 PM

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