बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) के जनरल इलेक्शन 2025-26 के लिए डाले गए वोटों की गिनती शुक्रवार, 16 जनवरी 2026 को सुबह 10 बजे से शुरू होगी. म्युनिसिपल कमिश्नर और जिला चुनाव अधिकारी भूषण गगरानी ने बताया कि काउंटिंग की सभी प्रक्रियाओं को अंतिम रूप दे दिया गया है. मुंबई के अलग-अलग हिस्सों में कुल 23 काउंटिंग रूम बनाए गए हैं जहां कड़ी सुरक्षा के बीच वोटों की गिनती की जाएगी. चुनाव आयोग के निर्देशों का पालन करते हुए पूरी पारदर्शिता बरतने का भरोसा दिया गया है जिससे चुनावी नतीजों की घोषणा सटीक और समय पर की जा सके.
227 वार्डों के लिए नियुक्त किए गए अधिकारी
मुंबई नगर निगम क्षेत्र के कुल 227 इलेक्शन वार्डों के नतीजों के लिए प्रशासन ने 23 चुनाव निर्णय अधिकारी तैनात किए हैं. हर अधिकारी के पास अपने क्षेत्र के स्ट्रॉन्ग रूम और काउंटिंग सेंटर की जिम्मेदारी होगी जिन्हें पीडब्ल्यूडी और पुलिस विभाग से जरूरी मंजूरी मिल चुकी है. सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष सावधानी बरती गई है ताकि काउंटिंग के दौरान कानून व्यवस्था बनी रहे और किसी भी तरह की अनहोनी न हो. पुलिस ने काउंटिंग सेंटरों के आसपास भारी सुरक्षा बल तैनात किया है और पूरे इलाके की निगरानी सीसीटीवी कैमरों के जरिए की जा रही है.
हजारों कर्मचारियों की तैनाती
वोटों की गिनती को सुचारू रूप से चलाने के लिए कुल 2,299 अधिकारियों और कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है. इसमें 779 सुपरवाइजर, 770 असिस्टेंट और 770 चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी शामिल हैं जिन्हें पहले ही जरूरी ट्रेनिंग दी जा चुकी है. चुनाव नतीजों की घोषणा में सटीकता बनाए रखने के लिए इस बार आधुनिक कंप्यूटर सिस्टम का सहारा लिया जा रहा है जिससे मानवीय गलतियों की गुंजाइश न रहे. गगरानी ने साफ किया कि काउंटिंग के दौरान हर मेज पर होने वाली हलचल की रिपोर्ट तुरंत डेटा सेंटर तक पहुंचाई जाएगी जिससे पारदर्शिता बनी रहे.
ट्रैफिक मैनेजमेंट और मीडिया के लिए खास इंतजाम
काउंटिंग सेंटरों के बाहर भीड़ को नियंत्रित करने के लिए ट्रैफिक पुलिस ने पार्किंग और रास्तों के डाइवर्जन का प्लान तैयार किया है. मीडिया के लिए अलग से प्रेस रूम बनाए गए हैं ताकि पल-पल की जानकारी आम जनता तक पहुंचाई जा सके. प्रशासन ने सभी उम्मीदवारों और उनके समर्थकों से शांति बनाए रखने और आचार संहिता का पालन करने की अपील की है. मुंबई की जनता को कल दोपहर तक यह साफ हो जाएगा कि देश की सबसे अमीर नगर निगम की सत्ता की चाबी अगले पांच सालों के लिए किसके हाथों में जाने वाली है.










