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मुंबई

नागपुर में बारूद की फैक्ट्री में भीषण विस्फोट, 15 की मौत; 18 गंभीर रूप से घायल

नागपुर की बारूद फैक्ट्री में भीषण विस्फोट से 15 मजदूरों की मौत हो गई और 18 गंभीर रूप से घायल हैं. एनडीआरएफ की टीम मौके पर राहत और बचाव कार्य में जुटी है.

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Written By: Raja Alam Updated: Mar 1, 2026 11:32

महाराष्ट्र के नागपुर जिले से एक बेहद दर्दनाक और रूह कंपा देने वाली खबर सामने आई है. जिले के कटोल तहसील के राउलगांव में स्थित एसबीएल एनर्जी लिमिटेड नामक विस्फोटक बनाने वाली कंपनी में आज सुबह भीषण विस्फोट हो गया. नागपुर ग्रामीण के एसपी हर्ष पोद्दार ने पुष्टि की है कि इस हादसे में अब तक 15 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 18 अन्य मजदूर गंभीर रूप से घायल हैं. यह घटना सुबह लगभग 6 से 7 बजे के बीच की बताई जा रही है, जब कंपनी में खनन और औद्योगिक कार्यों के लिए विस्फोटक बनाने की प्रक्रिया चल रही थी. धमाका इतना जोरदार था कि इसकी गूंज कई किलोमीटर दूर तक सुनाई दी, जिससे आसपास के गांवों में भी दहशत फैल गई.

बचाव कार्य जारी और मलबे में जिंदगियों की तलाश

हादसे के वक्त यूनिट में करीब 25 से 30 मजदूर काम कर रहे थे. विस्फोट के तुरंत बाद फैक्ट्री में भीषण आग लग गई और चारों तरफ काला धुआं फैल गया. सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन, पुलिस बल और एनडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंच गई है. घायलों को तुरंत एम्बुलेंस के जरिए नागपुर के नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां कई की हालत नाजुक बनी हुई है. आशंका जताई जा रही है कि धमाके की तीव्रता इतनी अधिक थी कि कुछ मजदूर अभी भी मलबे के नीचे दबे हो सकते हैं. बचाव दल मलबे को हटाकर फंसे हुए लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने की हर संभव कोशिश कर रहा है.

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सुरक्षा मानकों पर सवाल

एसबीएल एनर्जी लिमिटेड मुख्य रूप से खनन क्षेत्र में इस्तेमाल होने वाले हैवी विस्फोटक बनाती है. शुरुआती जांच में पता चला है कि बारूद के मिश्रण या पैकिंग के दौरान तकनीकी गड़बड़ी की वजह से यह हादसा हुआ होगा. कंपनी परिसर के बाहर मजदूरों के परिजनों की भारी भीड़ जमा हो गई है और वहां का माहौल बहुत गमगीन बना हुआ है. एनडीआरएफ की टीमें आग पर काबू पाने और फैक्ट्री के भीतर खतरनाक रसायनों को सुरक्षित करने में जुटी हैं ताकि दोबारा कोई विस्फोट न हो. प्रशासन ने मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं ताकि हादसे की असली वजह का पता लगाया जा सके और लापरवाही बरतने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जा सके.

First published on: Mar 01, 2026 10:51 AM

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