नेहरू-गांधी विरासत पर सियासी संग्राम! 'कम्प्रोमाइज्ड नेहरू' अभियान से गरमाई राजनीति, फडणवीस ने राहुल को दी खुली चुनौती

सोशल मीडिया पर छिड़ी यह बहस अब सियासी मंचों तक पहुंच चुकी है. आने वाले दिनों में संसद से लेकर चुनावी रैलियों तक, नेहरू-गांधी विरासत और राष्ट्रवाद का यह मुद्दा और तेज होने के संकेत दे रहा है. पढ़िये राहुल पांडे की रिपोर्ट.

BJP compromised Nehru campaign
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देश की राजनीति में एक बार फिर नेहरू-गांधी युग को लेकर घमासान तेज हो गया है. सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने सोशल मीडिया पर ‘कम्प्रोमाइज़्ड नेहरू’ नाम से अभियान शुरू कर कांग्रेस पर गंभीर सुरक्षा चूक और विदेशी खुफिया दखल के आरोप लगाए हैं. इस अभियान ने इतिहास, राष्ट्रवाद और विरासत की बहस को फिर से केंद्र में ला खड़ा किया है.

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर BJP के आधिकारिक हैंडल से एक कथित ‘एक्सपोज़ थ्रेड’ जारी किया गया, जिसमें दावा किया गया कि डिक्लासिफाइड दस्तावेज और इंटेलिजेंस रिकॉर्ड्स ने नेहरू-गांधी दौर में राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े कई गंभीर सवाल खड़े किए हैं.

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पार्टी का कहना है कि इन खुलासों से देश की जनता को उस दौर की ‘सच्चाई’ जानने का मौका मिलेगा. इसी कड़ी में देवेंद्र फड़नवीस ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा कि यह खुलासा देश को झकझोर देगा और बताएगा कि किस तरह बार-बार भारत माता को कमजोर किया गया. फडणवीस ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि वे ‘तथ्यों को पढ़ें और सच्चाई जानें.’

यह पूरा विवाद सीधे तौर पर भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू और बाद में गांधी परिवार के नेतृत्व से जुड़ा है. नेहरू-गांधी विरासत को लेकर पहले भी वैचारिक टकराव होते रहे हैं, लेकिन इस बार भाजपा ने इसे राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेशी प्रभाव जैसे गंभीर मुद्दों से जोड़कर राजनीतिक तापमान और बढ़ा दिया है.

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वहीं, कांग्रेस ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे ध्यान भटकाने की रणनीति बताया है. पार्टी का कहना है कि मौजूदा मुद्दों से जनता का ध्यान हटाने के लिए इतिहास को तोड़-मरोड़कर पेश किया जा रहा है.

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फिलहाल सोशल मीडिया पर छिड़ी यह बहस अब सियासी मंचों तक पहुंच चुकी है. आने वाले दिनों में संसद से लेकर चुनावी रैलियों तक, नेहरू-गांधी विरासत और राष्ट्रवाद का यह मुद्दा और तेज़ होने के संकेत दे रहा है. देश की राजनीति में इतिहास का यह अध्याय एक बार फिर वर्तमान की लड़ाई का हथियार बनता दिख रहा है.

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लेखक के बारे में

Akarsh Shukla

Akarsh Shukla

आकर्ष शुक्ला न्यूज 24 के साथ बतौर चीफ सब एडिटर जुड़े हुए हैं. मूल रूप से नोएडा, उत्तर प्रदेश के रहने वाले आकर्ष ने पत्रकारिता का सफर 2016 में प्रिंट मीडिया से शुरू हुआ, बाद में उन्होंने डिजिटल मीडिया का रुख किया. आकर्ष शुक्ला ने गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री हासिल की. आकर्ष ने दिल्ली के अखबार वूमेन एक्सप्रेस में काम किया. इसके बाद नवोदय टाइम्स, ओपेरा न्यूज, वनइंडिया, इंडिया डॉट कॉम (जी मीडिया ग्रुप) में विभिन्न पदों पर कार्य किया. आकर्ष शुक्ला अक्टूबर, 2025 से न्यूज24 से जुड़े हुए हैं, जहां वो मुख्य रूप से राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय और राजनीति से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं. इसके साथ ही आकर्ष शिफ्ट हेड के तौर पर टीम का नेतृत्व भी करते हैं. आकर्ष ने लोकसभा और विधानसभा चुनाव के अलावा संसद से जुड़ी खबरों को कवर किया है. उनकी राजनीति में गहरी रुचि है, इस कारण वह राजनीति से जुड़ी खबरों को आसान शब्दों में लिखने में माहिर हैं. डिग्री और डिप्लोमा: आकर्ष शुक्ला ने दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक (BA) की डिग्री के बाद गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) पोस्ट ग्रेजुएशन किया है. आकर्ष शुक्ला ने DICS इंस्टीट्यूट से कंप्यूटर सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर में 2 साल का डिप्लोमा भी किया है. पत्रकारिता में अनुभव: 10 वर्ष से अधिक
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