'मुंबई में 31 लाख फर्जी वोटर्स', BMC चुनाव से पहले एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में आदित्य ठाकरे का बड़ा दावा

Aditya Thackeray exclusive interview: मुंबई महानगरपालिका समेत महाराष्ट्र के 29 शहरों में होने वाले नगर निकाय चुनाव किसी भावनात्मक या राष्ट्रीय मुद्दे पर नहीं, बल्कि गटर, पानी और मीटर जैसे बुनियादी सवालों पर लड़े जा रहे हैं. शिवसेना (UBT) नेता आदित्य ठाकरे ने न्यूज 24 में मानक गुप्ता को दिए एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में SIR समेत कई मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखी.

aditya thakre Interview

Aditya Thackeray exclusive interview: मुंबई महानगरपालिका समेत महाराष्ट्र के 29 शहरों में होने वाले नगर निकाय चुनाव से पहले शिवसेना (UBT) नेता आदित्य ठाकरे ने स्पष्ट किया है कि उनकी राजनीति का केंद्र इस वक्त मुंबई और उसके बुनियादी सवाल हैं. न्यूज 24 को दिए एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में आदित्य ठाकरे ने कहा कि महाराष्ट्र के 29 शहरों में 9 साल बाद चुनाव हो रहे हैं, इसलिए जनता में उत्साह भी है और सवाल भी. उन्होंने मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर निशाना साधते हुए कहा कि चुनावी बहस को जानबूझकर भटकाया जा रहा है. ‘जहां शहर को साफ पानी, सीवरेज और पारदर्शी मीटर सिस्टम चाहिए, वहां मुख्यमंत्री बांग्लादेश बॉर्डर जैसे मुद्दों पर बात कर रहे हैं,’ राहुल गांधी की नकल के सवाल पर आदित्य बोले, ‘अकल की नकल हो सकती है. अगर राहुल जी ने हरियाणा में डेटा एक्सपोज किया तो यह कोई राजनीतिक शोर नहीं, बल्कि हमने मुंबई के लिए वही डेटा आधारित अकादमिक एक्सरसाइज की है.

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मुंबई में करीब 31 लाख संदिग्ध और फर्जी वोटर

आदित्य ठाकरे ने वोटर लिस्ट में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी का दावा करते हुए कहा कि मुंबई में मुंबई के 1 करोड़ 1 लाख मतदाताओं में से लगभग 31 लाख संदिग्ध और फर्जी वोटर हो सकते हैं. उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि वर्ली में ‘गसीटाराम हलवाई’ के पते पर 50 लोग पंजीकृत पाए गए. कुछ पतों पर 1800 लोग तक दर्ज हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि कई ‘मृत मतदाता’ (Dead Voters) भी वोट डाल गए. उन्होंने कहा कि उम्र के कॉलम में 120 से 140 साल तक की उम्र दिखाई गई है. उन्होंने साफ किया कि यह मुद्दा उन्होंने चुनावी शोर के तौर पर नहीं उठाया. पार्टी कार्येकर्ताओं ने हर घर जाकर लोगों की मदद की कि अगर नाम डबल या ट्रिपल है तो उसे ठीक कैसे कराया जाए. इससे वोटिंग प्रतिशत कम करने की साजिश को रोका जा सके

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नागरिकता साबित करने का दबाव गलत

स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) पर बोलते हुए आदित्य ठाकरे ने कहा कि अगर इसका मकसद फर्जी वोटर हटाना है तो वे इसके पक्ष में हैं, लेकिन नागरिकता साबित करने का दबाव गलत है. उन्होंने कहा कि बिहार समेत देश में कहीं भी एसआईआर के बाद एक भी विदेशी पकड़ा नहीं गया, जिससे सरकार के दावे खोखले साबित होते हैं. राजनीतिक शक्ति को लेकर उठे सवालों पर उन्होंने कहा कि शिवसेना ने हमेशा मुंबई को सुरक्षित रखा है. उन्होंने कहा कि शिवसेना (यूबीटी) का फोकस साफ है—सेवा, पारदर्शिता और मुंबई के बुनियादी ढांचे को सुधारना.उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव से पहले ड्राफ्ट वोटर लिस्ट उपलब्ध कराई गई थी, लेकिन विधानसभा चुनाव में ऐसा नहीं हुआ. बीएमसी चुनाव की ड्राफ्ट लिस्ट में भी लाखों आपत्तियां दर्ज कराने के बावजूद चुनाव आयोग ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। बीएमसी और मुंबई की राजनीति पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि शिवसेना का उद्देश्य कभी भी मुंबई को अस्थिर करना नहीं रहा. संजय राउत के 10 मिनट में मुंबई बंद के बयान को संदर्भ से अलग करके पेश किया गया. आदित्य ठाकरे ने कहा कि मुंबई देश की आर्थिक राजधानी है और उसकी सुरक्षा सबसे पहले आती है

रैपिड फायर में कई राजनीतिक संकेत

रैपिड फायर में आदित्य ठाकरे ने कई राजनीतिक संकेत भी दिए. शिवसेना के एक होने के सवाल पर उन्होंने दो टूक कहा कि ‘शिवसेना एक ही है, जो चुराकर ले गए वह सेना नहीं हो सकती.’ एनडीए में जाने की संभावना को उन्होंने गैर-परक्राम्य सिद्धांतों के कारण नकार दिया. प्रधानमंत्री पद को लेकर उन्होंने कहा कि राहुल गांधी पीएम बन सकते हैं और उद्धव ठाकरे को लेकर उनकी व्यक्तिगत इच्छा है कि वे मुख्यमंत्री बनें. ‘कोविड में उन्होंने जिस तरह राज्य संभाला, वह मिसाल है,’ ईवीएम बनाम बैलेट पर उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में मतदाता को यह जानने का अधिकार है कि उसका वोट कहां जाता है. हार–जीत से ज्यादा जरूरी भरोसा है, इंटरव्यू के अंत में आदित्य ठाकरे ने साफ किया कि उनका फोकस किसी वैचारिक बहस से ज्यादा शहर की जरूरतों पर है. आने वाले चुनावों में शिवसेना (यूबीटी) का नैरेटिव पूरी तरह स्थानीय मुद्दों पर केंद्रित रहेगा.

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Vijay Jain

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विजय कुमार न्यूज 24 में बतौर सीनियर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं. विजय कुमार ने अपने पत्रकारिता के सफर की शुरुआत प्रिंट मीडिया के साथ की. अपने 23 साल के करियर में वह दैनिक जागरण, अमर उजाला और दैनिक भास्कर जैसे संस्थानों के साथ जुड़े रहे हैं. विजय कुमार राजनीति, चुनाव, क्राइम और करंट अफेयर्स जैसे विषयों पर तथ्यपरक पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं. विजय कुमार ने दैनिक भास्कर में रिपोर्टिंग के दौरान स्टिंग ऑपरेशन भी किए. 23 साल के अनुभव के दौरान विजय कुमार ने करियर के शुरुआती दौर में डेस्क जर्नलिस्ट रहते हुए की. विजय कुमार को 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के अलावा बिहार, यूपी, बंगाल, राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों के विधानसभा चुनाव की ग्राउंड कवरेज का अनुभव है. ग्रामीण उद्योगीकरण में स्नातक की डिग्री होने के कारण विजय कुमार को ग्रामीण इलाकों की समस्याओं और उनसे जुड़ी कवरेज का खासा अनुभव है. अपने लेख के माध्यम से उन्होंने ग्रामीण इलाकों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया है. पत्रकारिता में अनुभव: 23 साल योग्यता, डिग्री / अन्य उपलब्धियां: शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से ग्रामीण उद्योगीकरण विषय में बीए की डिग्री प्राप्त की है. विजय कुमार को पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए 2017 में 'श्रीफल जर्नलिज्म नेशनल अवॉर्ड' से सम्मानित किया गया.
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