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प्रदेश

उत्तराखंड में कांग्रेस को मिला बड़ा बूस्ट, बीजेपी के पूर्व विधायकों और दिग्गज नेताओं ने थामा ‘हाथ’

उत्तराखंड में कांग्रेस को बड़ा राजनीतिक फायदा मिला है. 3 पूर्व विधायक, एक पूर्व मेयर और कई नेता पार्टी में शामिल हुए हैं, जिससे चुनाव से पहले सियासी हलचल तेज हो गई है.

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Written By: Varsha Sikri Updated: Mar 28, 2026 18:01
Many leaders joins Uttarakhand Congress
Credit: Social Media

उत्तराखंड की राजनीति में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले सियासी हलचल तेज होती नजर आ रही है. राज्य में कांग्रेस पार्टी को बड़ा राजनीतिक फायदा मिला है, जहां बीजेपी के तीन पूर्व विधायक, एक एक्स मेयर और एक पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष समेत कई नेताओं ने पार्टी का दामन थाम लिया है. पार्टी नेतृत्व का मानना है कि इन अनुभवी नेताओं के आने से जमीनी स्तर पर संगठन को मजबूती मिलेगी और आगामी चुनावों में इसका सीधा फायदा मिलेगा. सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस ने इन नेताओं का स्वागत करते हुए कहा कि पार्टी में सभी को सम्मान और जिम्मेदारी दी जाएगी. साथ ही, जनता से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाया जाएगा. पार्टी का फोकस बेरोजगारी, महंगाई और विकास जैसे मुद्दों पर रहेगा, जो राज्य की राजनीति में अहम भूमिका निभाते हैं.

ये भी पढ़ें: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिले सीएम पुष्कर सिंह धामी, उत्तराखंड आगमन का दिया निमंत्रण

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कौन-कौन हुए शामिल?

कांग्रेस का हाथ थामने वालों में रुद्रपुर से 2 बार के विधायक राजकुमार ठुकराल, भीमताल से चर्चित चेहरा लखन सिंह, घनसाली से बीजेपी विधायक रहे भीम लाल आर्य, मसूरी के पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष अनुज गुप्ता और सितारगंज से 2 बार के विधायक नारायण पाल का नाम शामिल है. वहीं, बीजेपी से रुड़की के पूर्व मेयर गौरव गौयल भी कांग्रेस से जुड़ गए. उत्तराखंड कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष और प्रभारी ने सभी नेताओं का तहेदिल से स्वागत किया. इस मौके पर CWC सदस्यों समेत उत्तराखंड कांग्रेस के कई दिग्गज नेता भी मौजूद रहे. राजनीतिक जानकारों का कहना है कि चुनाव से पहले इस तरह के दल-बदल आम बात है, लेकिन एक साथ कई प्रभावशाली नेताओं का कांग्रेस में शामिल होना पार्टी के लिए सकारात्मक संकेत है. इससे ना केवल संगठन मजबूत होगा बल्कि कार्यकर्ताओं का मनोबल भी बढ़ेगा.

हरीश रावत क्यों हैं नाराज?

सूत्रों के मुताबिक, पूर्व सीएम हरीश रावत एक नेता के कांग्रेस में शामिल ना होने से थोड़े से नाराज हैं, जिसके लिए उन्होंने सोशल मीडिया पर भी पोस्ट डाला है. दरअसल, रामनगर से बतौर निर्दलीय विधायक चुनाव लड़ चुके संजय नेगी भी कांग्रेस में शामिल होने वाले थे, लेकिन वो ऐन वक्त पर पीछे हट गए. संजय नेगी को हरीश रावत का करीबी कहा जाता है, इसलिए पूर्व सीएम थोड़े खफा हैं. आपको बता दें, उत्तराखंड में 70 विधानसभा सीटें हैं और यहां अगला चुनाव 2027 तक होना है. ऐसे में सभी राजनीतिक दल अभी से अपनी रणनीति तैयार करने में जुटे हैं. बीते कुछ समय से राज्य में राजनीतिक दलों के बीच खींचतान और नेताओं के दल बदलने का सिलसिला जारी है. ऐसे में कांग्रेस इस मौके को अपने पक्ष में भुनाने की कोशिश कर रही है. हालांकि, विपक्षी दलों का कहना है कि यह केवल चुनावी रणनीति का हिस्सा है और इससे जमीनी हकीकत पर ज्यादा असर नहीं पड़ेगा. वहीं कांग्रेस का दावा है कि जनता का भरोसा उसके साथ है और आने वाले चुनाव में इसका परिणाम देखने को मिलेगा.

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First published on: Mar 28, 2026 06:01 PM

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