बीजेपी नेता नरोत्तम मिश्रा को मध्य प्रदेश दतिया विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव को लेकर टिकट ना दिए से बवाल मच गया है. बीजेपी के कई नेताओं ने ये साफ कर दिया है कि अगर बीजेपी आलाकमान नरोत्तम मिश्रा को टिकट नहीं देती है तो वो इस्तीफा दे देंगे. इसी सिलसिले में नरोत्तम मिश्रा ने न्यूज़ 24 से खास बातचीत की है. उन्होंने कहा कि सारे समर्थक उनके अपने हैं, वो सबको मना लेंगे. नरोत्तम मिश्रा ने टिकट ना मिलने पर कोई नाराज़गी ज़ाहिर नहीं की. उन्होंने कहा कि वो रूठे नहीं हैं, बल्कि खुश हैं. उनका कहना है कि उन्होंने अपनी लाइफ में 6 चुनाव लड़े हैं, पार्टी ने उन्हें बहुत कुछ दिया है जो उनके लिए काफी है.
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कांग्रेस पर किया करारा वार
आपको बता दें कि बीजेपी ने दतिया सीट से आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार चुना है, जो दतिया के ही रहने वाले हैं और लंबे वक्त से बीजेपी के साथ हैं. नरोत्तम मिश्रा ने न्यूज़ 24 से बात करते हुए कहा कि आशुतोष तिवारी एक समर्पित कार्यकर्ता हैं और वो चुनाव में अच्छा प्रदर्शन करेंगे. नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि चुनाव में जीत दिलाने के लिए उनका पूरा साथ देंगे. उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि दिग्विजय सिंह या कांग्रेस इस तरह के अवसर ढूंढ रहे हैं, लेकिन उनके हाथ सिर्फ निराशा ही लगेगी. जब नरोत्तम मिश्रा से पूछा गया कि वो पार्टी हाईकमान से बात कर रहे हैं या नहीं तो उन्होंने बताया कि उनका फोन बंद था, अब वो उनसे बात करेंगे. उन्होंने साफ किया कि उनकी किसी से कोई नाराज़गी नहीं है. नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि उन्होंने पार्टी आलाकमान से टिकट का कोई निवेदन नहीं किया है और वो उनके फैसले का सम्मान करते हैं.
पार्टी आलाकमान ने क्यों लिया फैसला?
सूत्रों के मुताबिक, एक खास सेंट्रल सर्वे टीम लगातार लोगों के बीच मौजूद थी, जो ये पता लगा रही थी कि बीजेपी नेताओं को लेकर जनता की क्या राय है और वो उनके कामों से कितनी खुश या नाखुश है. कहा जा रहा है कि इस सीक्रेट सर्वे रिपोर्ट में नरोत्तम मिश्रा के खिलाफ एंटी-इंकंबेंसी की बात ज़ाहिर हुई थी, जिसे लेकर बीजेपी हाईकमान अलर्ट मोड पर आ गया और ये बड़ा फैसला लिया. दरअसल, 2023 के चुनाव में दतिया विधानसभा सीट से कांग्रेस नेता राजेंद्र भारती विधायक चुने गए थे, उन्होंने नरोत्तम मिश्रा को करारी मात दी थी. लेकिन कोऑपरेटिव बैंक धोखाखड़ी से जुड़े एक पुराने क्रिमिनल केस की सुनवाई के दौरान दिल्ली की एक कोर्ट ने राजेंद्र भारती को दोषी ठहराते हुए 3 साल की सज़ा दे दी. जैसे ही वो आरोपी साबित हुए, उनकी विधायकी छीन ली गई. जिसके बाद दतिया विधानसभा सीट पर उपचुनाव करवाने का फैसला लिया गया.
ये भी पढ़ें: मध्य प्रदेश में BJP की जिला कार्यकारिणी का इस्तीफा, नरोत्तम मिश्रा के समर्थकों ने NH-44 किया ब्लॉक, पत्थरबाजी में SP समेत 6 घायल
बीजेपी नेता नरोत्तम मिश्रा को मध्य प्रदेश दतिया विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव को लेकर टिकट ना दिए से बवाल मच गया है. बीजेपी के कई नेताओं ने ये साफ कर दिया है कि अगर बीजेपी आलाकमान नरोत्तम मिश्रा को टिकट नहीं देती है तो वो इस्तीफा दे देंगे. इसी सिलसिले में नरोत्तम मिश्रा ने न्यूज़ 24 से खास बातचीत की है. उन्होंने कहा कि सारे समर्थक उनके अपने हैं, वो सबको मना लेंगे. नरोत्तम मिश्रा ने टिकट ना मिलने पर कोई नाराज़गी ज़ाहिर नहीं की. उन्होंने कहा कि वो रूठे नहीं हैं, बल्कि खुश हैं. उनका कहना है कि उन्होंने अपनी लाइफ में 6 चुनाव लड़े हैं, पार्टी ने उन्हें बहुत कुछ दिया है जो उनके लिए काफी है.
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कांग्रेस पर किया करारा वार
आपको बता दें कि बीजेपी ने दतिया सीट से आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार चुना है, जो दतिया के ही रहने वाले हैं और लंबे वक्त से बीजेपी के साथ हैं. नरोत्तम मिश्रा ने न्यूज़ 24 से बात करते हुए कहा कि आशुतोष तिवारी एक समर्पित कार्यकर्ता हैं और वो चुनाव में अच्छा प्रदर्शन करेंगे. नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि चुनाव में जीत दिलाने के लिए उनका पूरा साथ देंगे. उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि दिग्विजय सिंह या कांग्रेस इस तरह के अवसर ढूंढ रहे हैं, लेकिन उनके हाथ सिर्फ निराशा ही लगेगी. जब नरोत्तम मिश्रा से पूछा गया कि वो पार्टी हाईकमान से बात कर रहे हैं या नहीं तो उन्होंने बताया कि उनका फोन बंद था, अब वो उनसे बात करेंगे. उन्होंने साफ किया कि उनकी किसी से कोई नाराज़गी नहीं है. नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि उन्होंने पार्टी आलाकमान से टिकट का कोई निवेदन नहीं किया है और वो उनके फैसले का सम्मान करते हैं.
पार्टी आलाकमान ने क्यों लिया फैसला?
सूत्रों के मुताबिक, एक खास सेंट्रल सर्वे टीम लगातार लोगों के बीच मौजूद थी, जो ये पता लगा रही थी कि बीजेपी नेताओं को लेकर जनता की क्या राय है और वो उनके कामों से कितनी खुश या नाखुश है. कहा जा रहा है कि इस सीक्रेट सर्वे रिपोर्ट में नरोत्तम मिश्रा के खिलाफ एंटी-इंकंबेंसी की बात ज़ाहिर हुई थी, जिसे लेकर बीजेपी हाईकमान अलर्ट मोड पर आ गया और ये बड़ा फैसला लिया. दरअसल, 2023 के चुनाव में दतिया विधानसभा सीट से कांग्रेस नेता राजेंद्र भारती विधायक चुने गए थे, उन्होंने नरोत्तम मिश्रा को करारी मात दी थी. लेकिन कोऑपरेटिव बैंक धोखाखड़ी से जुड़े एक पुराने क्रिमिनल केस की सुनवाई के दौरान दिल्ली की एक कोर्ट ने राजेंद्र भारती को दोषी ठहराते हुए 3 साल की सज़ा दे दी. जैसे ही वो आरोपी साबित हुए, उनकी विधायकी छीन ली गई. जिसके बाद दतिया विधानसभा सीट पर उपचुनाव करवाने का फैसला लिया गया.
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