Arpit Pandey
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MP News: गर्मी के मौसम में डॉग बाइट के मामलों में बढ़ोतरी हो रही है, ग्वालियर में बीते 2 दिनों के अंदर दो डॉग बाइट के गंभीर मामले सामने आए हैं, जहां 9 साल के एक बच्चे को स्ट्रीट डॉग ने हाथ पर काटा जिसके चलते वह गंभीर रूप से घायल हो गया तो वही 8 साल की मासूम बच्ची के चेहरे पर स्ट्रीट डॉग ने जानलेवा हमला कर दिया, जिसके चलते उसके होंठ और आंख के पास गंभीर घाव आए हैं।
आलम यह है कि डॉग बाइट के चलते एंटी रेबीज इंजेक्शन लगवाने अस्पताल में जहां मासूम बच्चों की भीड़ लग रही है, तो वहीं दूसरी ओर नगर निगम और एनिमल लवर्स एक दूसरे के खिलाफ मोर्चा खोले हुए है। लेकिन इस तरह की घटनाओं से सबसे ज्यादा परेशानियां आम आदमी को उठानी पड़ रही है।
दो अलग अलग तस्वीरों में नजर आ रहे यह दो मासूम बच्चे सत्येंद्र और प्रतीक्षा है, 9 साल का सतेंद्र ग्वालियर के संजय नगर का रहने वाला है, वहीं 8 साल की प्रतीक्षा ग्वालियर के ही किठौदा गांव की रहने वाली है। इन दोनों को ही आवारा स्ट्रीट डॉग ने खेलने के दौरान जानलेवा हमला कर अपना शिकार बनाया, सत्येंद्र के हाथ पर जहां गंभीर घाव आए हैं तो वहीं प्रतीक्षा के चेहरा देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि स्ट्रीट डॉग का हमला कितना घातक रहा होगा। गंभीर घायल हालात में दोनों को अंचल के सबसे बड़े अस्पताल जयारोग्य अस्पताल लाया गया था, जहां एंटी रेबीज इंजेक्शन लगाने के साथ दोनों के घाव का इलाज भी किया गया।
जयारोग्य अस्पताल ग्वालियर चंबल अंचल का सबसे बड़ा हॉस्पिटल है, जहां बीती 1 मई से 10 मई तक 714 डॉग बाइट के केस आए हैं, जिन्हें पीसीएम डिपार्टमेंट में एंटी रैबीज इंजेक्शन लगाया गया है। डॉग बाइट के केसों में सबसे ज्यादा मासूम बच्चे सामने आए हैं। आंकड़े बयां कर रहे हैं कि हर रोज 70 से 100 मामले अकेले जयारोग्य अस्पताल पहुंच रहे हैं, जबकि मुरार जिला अस्पताल में भी डॉग बाइट से जुड़े 50 से ज्यादा केस हर रोज पहुंच रहे हैं।
अस्पताल में अपने मासूम बच्चों को इंजेक्शन लगवाने पहुंच रहे परिजनों का कहना है कि स्ट्रीट डॉग्स के कारण पूरे शहर में लोग परेशान हैं, घर के बाहर बच्चे खेलते हैं तो स्ट्रीट डॉग उन्हें काटते हैं, परिजनों ने निगम से गुहार लगाई है कि वह स्ट्रीट डॉगस को पकड़े।
शहरवासी कह रहे हैं कि स्ट्रीट डॉग पर कार्रवाई की जाए, जबकि इस मामले पर जिम्मेदार नगर निगम के अधिकारी गौरव परिहार का कहना है कि गर्मियों के मौसम में डॉग बाइट के मामलों में बढ़ोतरी हुई है उनकी टीम शहर के अलग-अलग इलाकों में आवारा डॉग्स को पकड़ने का काम भी कर रही है, उन्हें बिरला नगर एबीसी सेंटर भी ले जाया जाता है ताकि नसबंदी कर इनकी जनसंख्या पर कंट्रोल किया जा सके। लेकिन निगम की इस काम में एनिमल लवर्स रोड़ा बनते हैं, जिसके चलते कई बार ऐसे हालात बनते हैं कि बड़ी मुश्किल से आवारा डॉग्स को पकड़ा जाता है।
एनिमल लवर्स उन्हें पिंजरे से खोल देते हैं जिससे टीम की मेहनत खराब होती है। सीनियर अधिकारियों के निर्देश पर अब तय किया है कि जो लोग इस काम में परेशानी डालेंगे उनके खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा जैसी सख्त धाराओं के तहत मामला दर्ज कराया जाएगा।
वहीं नगर निगम के इस बयान पर एनिमल लवर्स का कहना है कि नगर निगम की टीम जिन स्ट्रीट डॉग्स की नसबंदी हो चुकी है उनको भी पकड़ कर ले जाती है उन्हें भूखा रखा जाता है जिसके चलते उनका नेचर आक्रमक हो रहा है। हम निगम की कार्यवाही को सपोर्ट करते हैं लेकिन स्ट्रीट डॉगस के साथ वह लोग जैसा बर्ताव करते हैं उसके खिलाफ हमें बोलना ही पड़ता है।
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