मध्यप्रदेश के श्योपुर के बाद अब मैहर में 26 जनवरी को जब पूरा देश संविधान और अधिकारों का उत्सव मना रहा था, ठीक उसी वक्त मैहर जिले के एक सरकारी स्कूल में नौनिहालों के आत्मसम्मान को रद्दी के कागजों पर मसला जा रहा था. मैहर जिले के शासकीय हाई स्कूल भटिगंवा में गणतंत्र दिवस के दिन विशेष भोज (मिड-डे मील) के नाम पर बच्चों के साथ जो सुलूक किया गया, उसने सरकारी दावों की धज्जियां उड़ा दी हैं. बच्चों को खाना खाने के लिए थाली या पत्तल तक नसीब नहीं हुए, उन्हें रद्दी कॉपी और किताबों के फटे पन्नों पर हलुआ पूरी भोजन परोसा गया है कागज पर निवाला सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो ने इस अमानवीयता को दुनिया के सामने ला दिया है. वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि स्कूल के छात्र-छात्राएं स्कूल परिसर में जमीन पर बैठे हैं. उनके सामने न कोई थाली है, न प्लेट. बच्चों के सामने पुरानी कॉपियों और किताबों के पन्ने फाड़कर बिछाए गए हैं. इन्हीं गंदे और स्याही लगे कागजों पर हलुआ और पूड़ी परोसी गई है. बच्चे मजबूरी में उसी कागज से खाना खा रहे हैं.
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मामला सामने आने के बाद DCP ने जांच के आदेश दिए है
वायरल वीडियो
बच्चों को रद्दी कागज में भोजन कराने के मामले में मैहर कलेक्टर ने संज्ञान लिया है, कलेक्टर मैहर श्रीमती रानी बाटड ने संबंधितों पर सख्त कार्यवाही की है. शासकीय हाई स्कूल भटगवा के प्रभारी प्राचार्य सुनील कुमार त्रिपाठी के निलंबन का प्रस्ताव कमिश्नर रीवा को भेजा गया है. संविदा कर्मचारी बीआरसी प्रदीप सिंह का एक माह का वेतन काटा गया है. कलेक्टर ने इस लापरवाही पर जिला पंचायत की मध्यान्ह भोजन शाखा प्रभारी और डीपीसी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है.
मध्यप्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष जीतू सरकार ने x पर वीडियो शेयर करते हुए लिखा कि सरकार रबड़ी और मलाई खा रही है,
बच्चों की थाली भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा रही है.
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