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कूनो के चीतों का ‘शाही’ खाना, रोजाना 35 हजार का मटन डकार रहे चीते; सरकार के पास अलग से बजट नहीं

कूनो नेशनल पार्क के लिए नामीबिया से चीते लाए गए थे. इन अफ्रीकी चीतों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सितंबर, 2022 को पार्क में छोड़ा था.

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मध्य प्रदेश सरकार कूनो नेशनल पार्क में चीतों को खिलाने पर करोड़ों रुपये खर्च कर रही है. हर रोज करीब 35 हजार रुपए का मटन इन चीतों को खिलाया जा रहा है. इसकी जानकारी खुद सरकार ने विधानसभा में दी है. कांग्रेस विधायक मुकेश मल्होत्रा ने ‘प्रोजेक्ट चीता’ के तहत चीतों के भोजन पर होने वाले खर्च की जानकारी मांगी थी.

चीतों के खाने पर कितना खर्च?

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने लिखित जवाब में बताया कि साल 2024-25 में मटन खरीदने पर कुल 1,27,10,870 रुपये खर्च किए गए. एक दिन के हिसाब से यह खर्च करीब 34,825 रुपये आता है. साथ ही मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि चीतों के भोजन के लिए कोई अलग बजट नहीं है. दूसरे मदों से इसके लिए धन निकाला जाता है. साथ ही बताया कि रोजाना कितनी बकरियों का मांस खिलाया जाता है, इसकी संख्या तय नहीं है.

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बता दें, अभी कुनो नेशनल पार्क में कुल 35 चीता हैं.

कांग्रेस विधायक ने पूछे कई सवाल

कांग्रेस विधायक ने पूछा था कि चीतों के खाने के लिए वार्षिक आवंटन कितना है? रोजाना कितनी बकरियां खिलाई जाती हैं? क्या बकरियों की खरीद पर करोड़ों खर्च हो रहे हैं? क्या चीते या तेंदुए आसपास के गांवों में मवेशियों का शिकार कर रहे हैं? क्या भोजन की कमी की वजह से 6 दिसंबर 2025 को सड़क दुर्घटना में एक तेंदुए की मौत हुई थी? अधिकारियों के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई है?

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यह भी पढ़ें : MP News: जहां फिर से गूंजेगी चीतों की दहाड़… उस ‘गांधी सागर सेंचुरी’ की क्या है खासियत?

सरकार ने क्या कहा?

सरकार ने उन दावों को खारिज कर दिया कि चीतों को खाना नहीं दिया जा रहा. सरकार ने कहा कि एक निगरानी टीम चौबीस घंटे काम कर रही है. 6 दिसंबर को तेंदुए की मौत के बारे में कहा कि यह सड़क दुर्घटना में हुई थी. साथ ही यह भी कबूल किया कि तेंदुए खुले वन क्षेत्रों में घूमते समय कभी-कभी गांवों में मवेशियों का शिकार करते हैं.

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बता दें, कूनो नेशनल पार्क के लिए नामीबिया से चीते लाए गए थे. इन अफ्रीकी चीतों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सितंबर, 2022 को पार्क में छोड़ा था. फरवरी 2023 में, दक्षिण अफ्रीका से बारह और चीते जोड़े लाए गए.

First published on: Feb 26, 2026 11:24 PM

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About the Author

Arif Khan

आरिफ खान मंसूरी न्यूज 24 में बतौर डिप्टी न्यूज एडिटर कार्यरत हैं. आरिफ को डिजिटल पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा अनुभव हैं. उन्होंने 2014, 2019 और 2024 के लगातार तीन लोकसभा चुनाव के अलावा पिछले 15 सालों में देशभर में हुए विधानसभा चुनावों की भी व्यापक कवरेज की है. न्यूज 24 से पहले उन्होंने देश के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की थी, यहां देश, दुनिया और पॉलिटिक्स की खबरों पर काम किया. आरिफ ने इसके बाद इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप की हिंदी वेबसाइट जनसत्ता के साथ अपनी पारी शुरू की. इसके बाद उन्होंने हिंदुस्तान टाइम्स की हिंदी न्यूज वेबसाइट लाइवहिंदुस्तान ज्वाइन कर लिया. लाइवहिंदुस्तान.कॉम के बाद वह एनडीटीवी ग्रुप के साथ जुड़ गए. एनडीटीवी में करीब छह साल तक काम करने के बाद न्यूज24 के साथ जुड़ गए. न्यूज24 में भी होमपेज की जिम्मेदारी संभालते हैं. शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से कला संकाय में स्नातक और मास्टर ऑफ जर्नलिज्म की डिग्री हासिल की है. आरिफ देश, विदेश और राजनीति से जुड़ी खबरों के अलावा एक्सप्लेनर लिखने में भी माहिर हैं.

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