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'पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों में मध्य प्रदेश भी निभा रहा है अहम भूमिका', सेमिनार में बोले मुख्यमंत्री मोहन यादव

MP Climate Consultation: मुख्यमंत्री यादव ने कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में “जलवायु परिवर्तन के लिए वैश्विक प्रयास: भारत की प्रतिबद्धता में राज्यों का योगदान” विषय पर आयोजित नेशनल सेमिनार को संबोधित किया।

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MP Climate Consultation

MP Climate Consultation: मुख्यमंत्री यादव ने कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में आयोजित डिस्कशन सेशन और नेशनल सेमिनार को संबोधित कर रह थे। इसका आयोजन अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन और नीति विश्लेषण संस्थान (Institute For Policy Analysis) और मध्य प्रदेश विज्ञान और प्रौद्योगिकी परिषद ने नर्मदा समग्र संस्था पैरवी और सिकोइडिकोन संगठन के सहयोग से किया है।

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा है कि पर्यावरण आज सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण विषय है। वसुधा को बचाने का कर्तव्य हम सभी को निभाना है। भारत की पहचान दुनिया में प्रकृति और पर्यावरण को बचाने के संदर्भ में भी बनी है। प्रकृति और प्रगति में समन्वय जरूरी है। प्रधानमंत्री मोदी सारे विश्व में अपने सक्षम नेतृत्व से भारत की प्रतिष्ठा बढ़ा रहे हैं।

पर्यावरण के प्रति उनकी चिंता इस बात से सिद्ध होती है कि वे साल 2030 तक भारत द्वारा 500 गीगावाट रिन्यूएबल एनर्जी के लक्ष्य को लेकर चल रहे हैं। निश्चित ही हम कार्बन उत्सर्जन में एक बिलियन टन की कमी लाने में सफल होंगे। पर्यावरण की दृष्टि से यह महत्वपूर्ण संकल्प है।

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इसकी पूर्ति के लिए राष्ट्रवासी भी सहयोग कर रहे हैं। मध्य प्रदेश रिन्यूएबल एनर्जी क्षेत्र में लगातार काम कर रहा है। प्रधानमंत्री मोदी के संकल्प के अनुसार सौर ऊर्जा उत्पादन में वृद्धि के लिए प्रदेश अधिक से अधिक योगदान देगा।

मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि वर्तमान समय में दुनिया जिस दौर से गुजर रही है, उसमें हमारी भारतीय जीवन पद्धति, हमारी मान्यताओं और परमात्मा एवं प्रकृति से जुड़ने के हमारे मूल दृष्टिकोण का अपना महत्व सामने आता है।

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एक श्रेष्ठ जीवनशैली के लिए भारतीय जाने जाते हैं। खान-पान और जल की शुद्धता के लिए हम गंभीर हैं। मध्य प्रदेश पर परमात्मा की विशेष कृपा है। जहां हमारा देश मानवता प्रेमी है। वहीं, पर्यावरण के प्रति प्रतिबद्धता के लिए भी भारत सक्रिय है। विश्व के कल्याण के लिए भारत के उदात्त भाव से सभी परिचित हैं।

पीएम मोदी विश्व के देशों के लिए आशा की किरण- मुख्यमंत्री यादव 

मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी विश्व के देशों के लिए आशा की किरण हैं। जहां रूस और यूक्रेन के युद्ध की परिस्थितियां सभी के सामने हैं. वहीं इजराइल जैसे राष्ट्र जो तकनीक के उपयोग और अस्मिता के संघर्ष के लिए जाने जाते हैं, भारत के लिए इन सभी राष्ट्रों का सम्मानजनक रूख है। स्वामी विवेकानंद जी ने कहा था कि 21वीं सदी भारत की होगी। आज प्रधानमंत्री मोदी और भारत की सामर्थ्य एवं पर्यावरण प्रेमी होने के दृष्टिगत हमारी प्रतिष्ठा विश्व में बढ़ रही है।

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मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश सरकार ने नर्मदा नदी और उसके तटों की पर्यावरणीय संरक्षण के लिए जरूरी निर्णय लिए हैं। मध्य प्रदेश नदियों का मायका है। सभी नदियों की स्वच्छता और हमारे ईको सिस्टम का संतुलन बनाए रखना हमारी प्राथमिकता है।

हमारी सोन नदी, पुण्य सलिला गंगा को बलिष्ठ बनाती है। गंगा बेसिन के लिए यमुना के माध्यम से चंबल और क्षिप्रा भी यही भूमिका निभाती हैं। बेतवा भी यमुना जी में जाकर मिलती है। मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि हमारा विश्वास “जियो और जीने दो” में है। भोपाल के पास रातापानी टाइगर अभ्यारण्य है। भोपाल के पास सड़कों पर दिन में मनुष्य और रात्रि में टाइगर दिखाई देते हैं।

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मुख्यमंत्री यादव ने आशा व्यक्त की कि इस नेशनल सेमिनार और डिस्कशन सेशन से पर्यावरण से जुड़े अलग-अलग पहलुओं पर महत्वपूर्ण निष्कर्ष सामने आएंगे। उन्होंने इस वैचारिक कार्यक्रम की सफलता की कामना की। मुख्यमंत्री यादव ने दीप जलाकर विमर्श-सत्र का शुभारंभ किया।

सत्र को नार्वे के पूर्व अंतर्राष्ट्रीय विकास और पर्यावरण मंत्री और यूएनडीपी के पूर्व कार्यकारी निदेशक एरिक सोलहेम ने वर्चुअल रूप से संबोधित किया। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश बहुत सुंदर राज्य है। इसकी हेरिटेज देखने लायक है। मध्यप्रदेश में होने वाले जलवायु संरक्षण (Climate Protection)के कार्यों का वैश्विक महत्व होगा।

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एग्पा के सीईओ लोकश शर्मा ने कहा कि मध्य प्रदेश ने गत दो दशक से प्रगति के अनेक आयाम छुए हैं। पर्यावरण के प्रति मध्य प्रदेश सरकार गंभीर है। आगामी माह अजरबैजान में संयुक्त राष्ट्र जलवायु सम्मेलन का आयोजन हो रहा है।

इस परिप्रेक्ष्य में राज्य स्तरीय प्री-सीओपी विमर्श-सत्र का आयोजन महत्वपूर्ण है। भारत की पर्यावरण के प्रति प्रतिबद्धता के संबंध में राज्यों की भागीदारी के संबंध में यह अपनी तरह का पहला डिस्कशन कार्यक्रम है। सरकार के साथ समाज की भागीदारी बढ़ाने और पर्यावरण के लिए प्रहरी के रूप में कार्य करने वाले व्यक्तियों और संस्थाओं के साथ विचार-विमर्श के लिए इस विमर्श कार्यक्रम की रूपरेखा बनाई गई।

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कार्यक्रम को पैरवी संस्था के संचालक अजय झा ने कहा कि सदी के अन्त तक तापमान 2.5 डिग्री तक बढ़ने की संभावना है। विज्ञान भारती, केरल के डॉ. विवेकानंद पई ने कहा कि भारत में कार्बन उत्सर्जन 1.8 टन पर केपिटा है, जो कि विश्व की एवरेज केपिटा पर 4.5 टन से कम है।

सिकोईडीकोन की सचिव मंजूबाला जोशी ने कहा कि जलवायु परिवर्तन की विभीषका को रोकने के लिए सभी को मिलकर प्रयास करना होगा। भारतीय प्रशासनिक सेवा के सेवानिवृत्त अधिकारी आरएस प्रसाद ने कहा कि जलवायु परिवर्तन से संबंधित सभी कार्यक्रम सेल्फ ड्रिबेन हो। क्लाइमेट जस्टिस जरूरी है। विज्ञान एवं प्रौद्योगिक परिषद के महानिदेशक डॉ. अनिल कोठारी ने आभार व्यक्त किया।

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“जलवायु परिवर्तन के लिये वैश्विक प्रयास-भारत की प्रतिबद्धता में राज्य का योगदान’’ विषय पर भोपाल में पहला राज्य-स्तरीय प्री-कॉन्फ्रेंस ऑफ पार्टीज (State-level Pre-Conference of Parties) परामर्श-सत्र में जलवायु परिवर्तन के क्षेत्र में कार्यरत प्रमुख लीडर्स को एक मंच पर लाने का प्रयास किया गया।

भोपाल में यह आयोजन क्लाइमेट चेंज के क्षेत्र में राज्य द्वारा लिया गया एक महत्वपूर्ण कदम माना गया है। यह परामर्श मध्य प्रदेश के आर्थिक विकास और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी को एक साथ लाने के नवीन दृष्टिकोण को दर्शाता है।

कार्यक्रम में 200 से अधिक राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय क्लाइमेट लीडर्स, शासकीय अधिकारी, पर्यावरण विशेषज्ञ और प्रतिनिधि शामिल हुए। इस विमर्श के केंद्र में मध्यप्रदेश किए जा रहे प्रयासों की विशेष चर्चा हुई, जो भारत के नेशनली डिटरमिन्ड कंट्रीब्यूशन (NDCs) और सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) को आगे बढ़ाने में महती भूमिका निभा रहे हैं।

मुख्यमंत्री यादव ने दिखाई कलाकारी

मुख्यमंत्री यादव ने भोपाल के माटी शिल्पकार लखन कुमार प्रजापति और बबलू प्रजापति द्वारा निर्मित टेराकोटा शिल्प का अवलोकन किया। इन शिल्प में लक्ष्मी माता की प्रतिमा, दिए और अन्य शिल्प शामिल हैं। मुख्यमंत्री यादव को प्रजापति ने चहचहाती हुई गोबर और मिट्टी के मिश्रण से बनी मैजिक चिड़िया दिखाई साथ ही श्रीनाथ जी की प्रतिमा भेंट की।

मुख्यमंत्री यादव ने प्रजापति की प्रतिभा की सराहना की। उन्होंने स्वयं भी माटी शिल्प निर्माण में भागीदारी की। मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने वोकल फॉर लोकल के लिए पूरे देश के लोगों को प्रेरित किया है।

दिए-बाती बनाने वाले, श्रृंगार और साज-सज्जा की सामग्री बनाने वाले कुम्हारों को उनकी बनाई सामग्री के लिए प्रोत्साहित करते हुए उनकी कला से समुचित आर्थिक लाभ दिलवाने के प्रयास जरूरी हैं। मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि प्रत्येक नागरिक को ऐसे उत्पाद खरीदकर शिल्पकारों को सहयोग करना चाहिए।

बाजारों में स्थानीय स्तर पर बनी सामग्री खरीदकर कुम्हारों और श्रमिक भाइयों को हम दीपावली का आनंद दिलवाएं, यह हमारा दायित्व भी है। मुख्यमंत्री यादव ने इस अवसर पर एक युवक जिसने खोपरा पाक व्यंजन कला के बारे में जानकारी दी, उसे सराहा और नगद पारितोषिक प्रदान किया।

विद्यार्थियों ने दिखाए चित्रकला के नमूने

मुख्यमंत्री यादव ने कार्यक्रम स्थल पर अलग-अलग विद्यालयों के छात्र-छात्राओं से भेंट भी की। पर्यावरण और प्रकृति संरक्षण पर केन्द्रित अनेक चित्र बनाने वाले विद्यार्थी मुख्यमंत्री यादव से मिलकर काफी प्रसन्न हुए। विद्यार्थियों को चित्रकला प्रतिभा के लिए मुख्यमंत्री यादव ने बधाई भी दी।

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