Jabalpur Organ Donation: मध्य प्रदेश के जबलपुर में एक परिवार ने गहरे दुख के बीच इंसानियत की बड़ी मिसाल पेश की है. सड़क हादसे के बाद ब्रेन डेड घोषित सॉफ्टवेयर इंजीनियर के परिवार ने उसके अंग दान करने का फैसला किया है. इस फैसले से कई गंभीर मरीजों को नई जिंदगी मिलने जा रही है. जानकारी के अनुसार, 31 अक्टूबर को एक युवक गंभीर सड़क दुर्घटना का शिकार हो गया था. उसे बेहद नाजुक हालत में जबलपुर के बडेरिया मेट्रोप्राइम मल्टी स्पेशियलिटी अस्पताल में भर्ती कराया गया. डॉक्टरों ने तमाम जरूरी जांचें कीं, जिसके बाद पाया गया कि मरीज ‘ब्रेनस्टेम डेथ’ की स्थिति में पहुंच चुका है, जहां से जीवन की कोई उम्मीद नहीं बची थी.
परिवार ने इस मुश्किल वक्त में दिखाई हिम्मत
अस्पताल के किडनी ट्रांसप्लांट सर्जन डॉ. राजेश पटेल ने बताया कि हादसे के बाद मरीज की स्थिति लगातार गंभीर बनी हुई थी. तमाम जरूरी मेडिकल जांचों के बाद डॉक्टरों ने पाया कि मरीज ‘ब्रेनस्टेम डेथ’ (ब्रेन-डेड) की स्थिति में पहुंच चुका है, जहां से मरीज का दोबारा बचना मुमकिन नहीं था. इसके बाद डॉक्टरों की टीम ने परिवार के सदस्यों से बात की और उन्हें अंगदान का महत्व समझाया. दुख की इस घड़ी में भी परिजनों ने समझदारी दिखाई
अस्पताल के किडनी ट्रांसप्लांट सर्जन डॉ. राजेश पटेल ने बताया कि डॉक्टरों की टीम ने मरीज के परिजनों को स्थिति की जानकारी दी और उन्हें अंगदान का महत्व समझाया. परिवार ने इस मुश्किल वक्त में हिम्मत दिखाई और दूसरे लोगों का जीवन बचाने के लिए अंगदान की लिखित मंजूरी दे दी.
बनाए दो ‘ग्रीन कॉरिडोर
बडेरिया मेट्रोप्राइम अस्पताल के डायरेक्टर राजीव बडेरिया ने बताया कि मरीज के अंगों को बिना किसी रुकावट के समय पर पहुंचाने के लिए प्रशासन की मदद से दो ‘ग्रीन कॉरिडोर’ बनाए जा रहे हैं. डोनर का दिल और लिवर अहमदाबाद के CIMS अस्पताल ले जाया जा रहा है. इसके लिए डॉक्टरों की एक विशेष टीम चार्टर्ड फ्लाइट से जबलपुर पहुंच रही है. यह पहला मौका है जब जबलपुर से दिल को एयरलिफ्ट कर अहमदाबाद ले जाया जा रहा है.
दोनों किडनियां भी अलग-अलग अस्पताल जाएंगी
अंगों के वितरण की योजना के तहत, एक किडनी बडेरिया मेट्रोप्राइम अस्पताल में ट्रांसप्लांट की जाएगी, जबकि दूसरी किडनी जबलपुर के मेडिकल कॉलेज में भर्ती मरीज को लगाई जाएगी. डॉक्टरों की टीम डोनर के दिल, फेफड़े और दोनों किडनी निकालकर जरूरतमंद मरीजों तक पहुंचा रही है, ताकि समय रहते कई लोगों की जान बचाई जा सके.