अगर आपके घर में भी बच्चे इस वक्त 9वीं कक्षा (सत्र 2026-27) में पढ़ रहे हैं और 2028 में 10वीं का बोर्ड एग्जाम देने वाले हैं, तो यह खबर आपके लिए बहुत जरूरी है. केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने 2028 की 10वीं बोर्ड परीक्षा के नए पाठ्यक्रम और परीक्षा पैटर्न पर स्थिति साफ कर दी है. इस नए स्ट्रक्चर में वोकेशनल एजुकेशन को अनिवार्य किया गया है और 22 स्किल सब्जेक्ट्स में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसी नई और आधुनिक तकनीक को भी जोड़ा गया है.
सबसे बड़ी राहत की बात यह है कि अगर कोई छात्र गणित या विज्ञान जैसे विषय में पिछड़ जाता है, तो यह नया स्किल सब्जेक्ट उसे पास कराने में मददगार साबित हो सकता है. जानिये CBSE का नया नियम क्या है.
2028 के 10वीं बोर्ड एग्जाम में क्या होगा नया?
CBSE की निदेशक (अकादमिक) प्रज्ञा एम. सिंह द्वारा जारी सूचना के अनुसार यह नया नियम सत्र 2026-27 में कक्षा 9वीं में पढ़ने वाले छात्रों पर लागू होगा, जो 2028 में 10वीं बोर्ड परीक्षा देंगे. अभी 10वीं के छात्रों पर यह लागू नहीं है. 10वीं के छात्रों के लिए वोकेशनल एजुकेशन अनिवार्य रहेगा. इसके लिए छात्र ‘कौशल विकास’ (Kaushal Vikas) या बोर्ड द्वारा अधिसूचित 22 स्किल सब्जेक्ट्स में से कोई भी एक विषय चुन सकते हैं. इन 22 विषयों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डेटा साइंस (Data Science), इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (IT), फाइनेंस, हेल्थकेयर और डिज़ाइन थिंकिंग जैसे आधुनिक विषय शामिल हैं.
5 कंपलसरी सब्जेक्ट्स और 9 कुल विषय
छात्रों को बोर्ड परीक्षा 5 मुख्य (कंपलसरी) विषयों में देनी होगी:
- पहली भाषा (Language 1)
- दूसरी भाषा (Language 2)
- गणित (Mathematics)
- विज्ञान (Science)
- सामाजिक विज्ञान (Social Science)
इसके अलावा, छात्रों को कुल 9 विषय पढ़ने होंगे जिनमें तीसरी भाषा (Third Language), आर्ट एजुकेशन, फिजिकल एजुकेशन और वोकेशनल एजुकेशन/स्किल सब्जेक्ट शामिल हैं.
गणित, साइंस या सोशल साइंस में फेल होने पर बचाएगा स्किल सब्जेक्ट
CBSE के नए नियमों के तहत स्किल सब्जेक्ट को लेकर एक बड़ा रिप्लेसमेंट रूल (Best of 5 Rule) दिया गया है. अगर कोई छात्र गणित (Maths), साइंस (Science) या सोशल साइंस (Social Science) में फेल हो जाता है या कम नंबर लाता है, और उसने 6ठे विषय के रूप में स्किल सब्जेक्ट पास कर लिया है, तो उस स्किल सब्जेक्ट के नंबर से फेल हुए मुख्य विषय को रिप्लेस करके उसे पास घोषित किया जा सकता है. जो छात्र इन 22 में से किसी भी स्किल सब्जेक्ट में पास होंगे, उनके अंक मार्कशीट में दिखेंगे और उन्हें NSQF (नेशनल स्किल्स क्वालिफिकेशन फ्रेमवर्क) का सर्टिफिकेट भी मिलेगा.
कौन से विषय फिलहाल शामिल नहीं होंगे?
CBSE ने स्पष्ट किया है कि कुछ प्रस्तावित विषय जैसे कि सोसायटी में व्यक्ति (Individuals in Society), पर्यावरण शिक्षा (Environmental Education) और कंप्यूटेशनल थिंकिंग एवं AI के मॉड्यूल इस बैच के मुख्य पाठ्यक्रम का हिस्सा नहीं होंगे.
बहरहाल, CBSE का यह कदम छात्रों को रट्टा-मार पढ़ाई से बाहर निकालकर व्यावहारिक कौशल (Practical Skills) और नई तकनीकों जैसे AI से जोड़ने का एक बेहतरीन प्रयास है. इससे न केवल बोर्ड परीक्षा का तनाव कम होगा, बल्कि छात्रों को भविष्य के हिसाब से आधुनिक करियर चुनने में भी मदद मिलेगी.