इन दिनों मध्य प्रदेश की IAS अधिकारी नेहा मारव्या सिंह का नाम काफी सुर्खियों में है. एक साल में चौथी बार हुए ट्रांसफर के बाद IAS ऑफिसर का गुस्सा सातवें आसमान पर हैं. उनका कहना है कि सब-ऑर्डिनेट कर्मचारियों ने उनके खिलाफ बगावत की, जिससे उन्हें काफी अपमानित महसूस हुआ. नेहा मारव्या ने कहा कि हाल ही में उनका जो ट्रांसफर हुआ, वो पोस्टिंग के महज 50 दिन बाद ही हो गया. 2011 बैच की मध्य प्रदेश कैडर की IAS अधिकारी ने MP IAS ऑफिसर्स एसोसिएशन के साथ एक मैसेज शेयर कर अपनी नाराजगी जाहिर की है.
नेहा मारव्या ने क्या कहा?
नेहा मारव्या ने कहा कि 5 सितंबर को जो ट्रांसफर लिस्ट जारी हुई, उससे वो बेहद परेशान और दुखी महसूस कर रही हैं. नेहा सिंह ने लिखा, ''मेरा ट्रांसफर इसलिए किया जा रहा है क्योंकि जिन कर्मचारियों का कामकाज सीधे मेरे अंडर नहीं बल्कि डिपार्टमेंट के अधीन है, उन्होंने मेरे खिलाफ बगावत कर दी है. वो मेरी टेबल पर हाथ पटककर मुझे ट्रांसफर की धमकी दे रहे हैं.'' दरअसल, हाल ही में कई सिविल सेवकों ने अपने सरकारी पद त्याग दिए हैं. उत्तर प्रदेश कैडर की 2013 बैच की IAS अधिकारी दिव्या मित्तल ने 13 साल की सेवा के बाद खुद की मर्जी से इस्तीफा देने का ऐलान किया. एक दूसरे IAS अधिकारी रोमन सैनी ने भी कुछ वक्त तक ब्यूरोक्रेसी में रहने के बाद रिजाइन कर दिया और आगे चलकर एड-टेक प्लेटफॉर्म Unacademy की को-फाउंडर बनी.
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नेहा मारव्या ने लगाए आरोप
नेहा सिंह ने कहा कि उन्होंने अपने सब-ऑर्डिनेट वर्कर्स की अनुशानहीनता, फाइलें दबाकर रखने और दुर्व्यवहार की शिकायत सही तरीके से की थी और उन्हें उम्मीद थी कि जिम्मेदार लोगों के खिलाफ जरूरी एक्शन लिया जाएगा. उन्होंने कहा, ''इसके बजाय, मेरा ही तबादला किया जा रहा है. मैं अच्छी तरह समझती हूं कि एक IAS अधिकारी होने के नाते, मध्य प्रदेश सरकार जहां चाहे, वहां मुझे मेरी ड्यूटी करने के लिए कह सकती है और मैंने हमेशा सम्मानपूर्वक आदेशों को माना है. लेकिन इस बार मैं बहुत निराश महसूस कर रही हूं.''
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