Madhya Pradesh CM Mohan Yadav: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने राज्य की जिम्मेदारी संभालते ही प्रदेश की जनता के लिए काम करना शुरू कर दिया था। सीएम मोहन यादव राज्य के किसानों की काफी इज्जत करते हैं और उनकी परेशानी को दूर करने का हर संभव प्रयास करते हैं। हाल ही में एक बार फिर से सीएम मोहन यादव ने कुछ ऐसा ही किया है। दरअसल, सीएम मोहन यादव ने बीते दिनों प्रदेश के कुछ जिलों में 11 से लेकर 14 फरवरी तक हुई असामायिक बारिश और ओलावृष्टि से हुए किसानों के नुकसान का तत्काल सर्वे करने के निर्देश दिया है।
सीएम का आधिकारियों को निर्देश
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने आधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि ओलावृष्टि से प्रभावित होने वाला एक भी किसान इस राहत और सर्वे से छुटना नहीं चाहिए। इसके साथ ही सीएम यादव ने इन जिलों के कलेक्टरों को निर्देश दिया कि सर्वे के बाद पीड़ित किसानों को आरबीसी 6 (4) में राहत राशि बांटी जाए।
इन 11 जिलों का होगा सर्वे
जानकारी के अनुसार इन 4 दिनों की सामायिक बारिश और ओलावृष्टि से नरसिंहपुर, सतना, अनूपपुर, डिडोंरी, कटनी, बालाघाट, सिवनी, मण्डला, सिंगरौली, छतरपुर और पन्ना की 34 तहसीलों के 343 गांव के 3 हजार 701 किसानों की फसलें प्रभावित हुई हैं। हालांकि इसकी सूचना मिलते ही सीएम मोहन यादव द्वारा तत्काल सर्वे के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही सर्वे के बाद राजस्व पुस्तक परिपत्र के प्रावधानों के तहत प्रभावित किसानों को राहत राशि प्रदान करने के लिए भी कहा गया है।
राज्य सरकार का बजट
बता दें कि वित्तीय वर्ष 2023-24 में ओलावृष्टि प्रभावितों को राज्य सरकार द्वारा 121 करोड़ रुपये वितरित किए गए हैं। वहीं पिछले 3 सालों में प्राकृतिक आपदा से प्रभावित किसानों को 1,820 करोड़ रुपये की सहायता राशि दी गई है।