Ghanshyam Singh Wins Datia Assembly Bypoll: दतिया में हुए विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस ने बाजी मार ली है, धनश्याम सिंह ने बीजेपी को 6016 वोटों से हरा दिया. जहां कांग्रेस को 66757 वोट मिले, वहीं भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार आशुतोष तिवारी को 60741 वोट ही मिल पाया. इसके अलावा आज समाज पार्टी (कांशी राम) के कैंडिडेट दामोदर यादव मंडल 22527 वोटों के साथ तीसरे नंबर पर रहे.
क्यों खाली हुई थी ये सीट?
की दतिया विधानसभा सीट इसलिए खाली हुई थी क्योंकि कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती की सदस्यता अयोग्य घोषित होने के कारण खत्म हो गई थी. उन्हें एक धोखाधड़ी मामले में 2 साल से ज्यादा की सजा सुनाई गई थी. रिप्रेजेंटेशन ऑफ पीपल एक्ट 1951 की धारा 8 के तहत 2 साल या उससे ज्यादा की सजा मिलने पर विधायक की सदस्यता खुद ब खुद खत्म हो जाती है. इसी वजह से चुनाव आयोग ने दतिया सीट पर उपचुनाव कराने का ऐलान किया था.
2023 में जीती थी कांग्रेस
राजेंद्र भारती ने 2023 के मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व गृह मंत्री नारोत्तम मिश्रा को हराकर दतिया सीट जीती थी. लेकिन उनकी अयोग्यता के बाद ये सीट खाली हो गई और जुलाई 2026 में उपचुनाव कराया गया. इस उपचुनाव में भाजपा ने अशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाया, जबकि कांग्रेस ने घनश्याम सिंह को मैदान में उतारा गया.
नरोत्तम मिश्रा का कटा था टिकट
इस उपचुनाव से पहले भाजपा का सबसे चर्चित फैसला पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा का टिकट काटना रहा. दतिया लंबे समय तक नरोत्तम मिश्रा का मजबूत गढ़ माना जाता रहा है. हालांकि 2023 के विधानसभा चुनाव में उन्हें कांग्रेस के राजेंद्र भारती से हार का सामना करना पड़ा था. 2026 के उपचुनाव में पार्टी ने नरोत्तम मिश्रा पर दोबारा दांव लगाने के बजाय अशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाया. भाजपा ने इस फैसले के जरिए लोकल लीडरशिप को आगे बढ़ाने और नए चेहरे के साथ चुनावी मुकाबले में उतरने की रणनीति अपनाई.
टिकट कटने के बावजूद नरोत्तम मिश्रा ने सार्वजनिक रूप से पार्टी के फैसले का समर्थन किया और भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में चुनाव प्रचार भी किया. उन्होंने कार्यकर्ताओं से पार्टी उम्मीदवार को जिताने की अपील की और इसे संगठन का निर्णय बताते हुए अनुशासन का संदेश दिया. हालांकि उनके समर्थकों ने टिकट कटने पर दातिया में जमकर हंगामा मचाया था.