Madhya Pradesh Assembly Election 2023 Special Polling Booth: मध्य प्रदेश समेत 5 राज्यों में विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान हो चुका है। चुनाव आयोग ने अपनी तैयारी शुरू कर दी है। आयोग ने पोलिंग बूथों समेत अन्य सभी जरूरी कार्यों के लिए दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। ऐसे में मध्य प्रदेश में सिर्फ एक परिवार के लिए चुनाव आयोग ने पोलिंग बूथ बनाया है।
न्यूज साइट टीओआई की एक रिपोर्ट के अनुसार मध्य प्रदेश का सबसे छोटा मतदान केंद्र बनाया गया है। यहां 44 मतदाता मध्य प्रदेश के विधानसभा चुनाव में वोटिंग करेंगे। ये सभी एक ही परिवार के लोग हैं। रिपोर्ट में बताया गया है कि इन लोगों को वोटिंग के लिए 55 किमी की यात्रा से बचाने के लिए आयोग ने ये काम किया है।
बाढ़ आने से 55 किमी का हुआ रास्ता
सोनवानी गांव माओवाद प्रभावित बालाघाट जिले के घने जंगली इलाके में है। इससे पहले मतदाताओं को नवेगांव नामक गांव में नदी और कई नालों को पार करके करीब 20 किमी दूर मतदान के लिए जाना पड़ता था। लेकिन इस बार नदी में बाढ़ आ जाने के कारण ये रास्ता 50 से 55 किमी तक लंबा हो चुका है।
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7 छात्रों वाले स्कूल में होगी वोटिंग
बताया गया है कि चुनाव आयोग ने यहां एक स्कूल को मतदान केंद्र बनाया है, जिसमें मात्र 7 छात्र पढ़ते हैं। सोनवानी टेकाडी ग्राम पंचायत के तहत आता है। इतना ही नहीं ये गांव जिला मुख्यालय से करीब 35-40 किमी दूर है। यहां केवल 10 परिवार रहते हैं, जो आपस में रिश्तेदार हैं। एक ही परिवार के लोग हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इस गांव की शुरुआत तीन परिवारों से हुई थी। सभी रिश्तेदार थे। आबादी की बात करें तो यहां कुल 62 लोग रहते हैं। गांव में रहने वाले संजय कुमरे ने बताया कि उस समय हमारे पास केवल साइकिलें थीं।
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न्यूज साइट टीओआई की एक रिपोर्ट के अनुसार मध्य प्रदेश का सबसे छोटा मतदान केंद्र बनाया गया है। यहां 44 मतदाता मध्य प्रदेश के विधानसभा चुनाव में वोटिंग करेंगे। ये सभी एक ही परिवार के लोग हैं। रिपोर्ट में बताया गया है कि इन लोगों को वोटिंग के लिए 55 किमी की यात्रा से बचाने के लिए आयोग ने ये काम किया है।
बाढ़ आने से 55 किमी का हुआ रास्ता
सोनवानी गांव माओवाद प्रभावित बालाघाट जिले के घने जंगली इलाके में है। इससे पहले मतदाताओं को नवेगांव नामक गांव में नदी और कई नालों को पार करके करीब 20 किमी दूर मतदान के लिए जाना पड़ता था। लेकिन इस बार नदी में बाढ़ आ जाने के कारण ये रास्ता 50 से 55 किमी तक लंबा हो चुका है।
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7 छात्रों वाले स्कूल में होगी वोटिंग
बताया गया है कि चुनाव आयोग ने यहां एक स्कूल को मतदान केंद्र बनाया है, जिसमें मात्र 7 छात्र पढ़ते हैं। सोनवानी टेकाडी ग्राम पंचायत के तहत आता है। इतना ही नहीं ये गांव जिला मुख्यालय से करीब 35-40 किमी दूर है। यहां केवल 10 परिवार रहते हैं, जो आपस में रिश्तेदार हैं। एक ही परिवार के लोग हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इस गांव की शुरुआत तीन परिवारों से हुई थी। सभी रिश्तेदार थे। आबादी की बात करें तो यहां कुल 62 लोग रहते हैं। गांव में रहने वाले संजय कुमरे ने बताया कि उस समय हमारे पास केवल साइकिलें थीं।
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