खेत में चारा काट रही मां से वर्दी पहनकर मिलने पहुंचा DSP बेटा, 48 घंटे में 80 लाख से ज्यादा लोगों ने देखा Video
Edited By Arpit Pandey

gwalior dsp santosh patel reached to meet his mother video viral
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Gwalior: मां और बेटे का रिश्ता दुनिया में सबसे बड़ा रिश्ता माना जाता है। क्योंकि जितनी तरक्की करते हुए एक मां अपने बेटे को देखना चाहती है उतना शायद कोई नहीं चाहता। मध्य प्रदेश के ग्वालियर में मां और बेटे के बीच का ऐसा ही एक रिश्ता देखने को मिला, जो हर किसी को भावुक कर रहा है। ग्वालियर के घाटीगांव में DSP संतोष पटेल पांच साल बाद पहली बार वर्दी पहनकर जब अपनी मां से मिलने पहुंचे तो नजारा भावुक करने वाला था।
ग्वालियर के घाटीगांव में DSP संतोष पटेल पुलिस विभाग में कुछ नया कर गुजरने वाले जज्बे के साथ काम कर रहे हैं। संतोष पटेल का अपराधियों से निपटने के सख्त रवैया और जनता के प्रति स्नेह और जागरूक करने वाला भाव लोगों को खूब भा रहा है। संघर्षों से जूझ कर संतोष पटेल पहले फॉरेस्ट गार्ड बने और उसके बाद फिर वह एसडीओपी बन गए।
https://twitter.com/arpitbundeli/status/1630548576198885376?s=20
संतोष पांच साल बाद पहली बार वर्दी पहनकर अपने गांव में गए, खेत में काम करती मां के साथ संतोष की आत्मीय बातचीत हुई। इस बातचीत का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। 48 घंटे में 80 लाख लोगों ने SDOP और उनकी मां की बातचीत का वीडियो देखा है। लाखों लोगों ने लाइक कर कमेंट्स लिखें हैं।
संतोष तीन दिन पहले सतना में अमित शाह के दौरे पर ड्यूटी करने गए थे, लौटते वक्त संतोष वर्दी में ही अपने गांव पन्ना जिले के देव गांव पहुंचे। घर पर मां नहीं थीं क्योंकि वह खेत पर काम कर रही थी। ऐसे में संतोष उनसे मिलने खेत पर पहुंच गए। वर्दी में संतोष और उनकी मां के बीच देशी भाषा में आत्मीय बातचीत हुई, संतोष ने इस बातचीत का वीडियो फेसबुक पर पोस्ट किया तो 48 घंटे में 80 लाख से ज्यादा लोगों ने इस बातचीत को देखा और पसंद किया।
‘अम्मा खेत म गुड़ाली छुवालत। मैं कैहौं कि आराम से रहो कर अब य काम करैं कै जरूरत निहाय। तौ बोली महतारी_ कै ममता नहीं मानत याय, अपने बेटन का 2 रुपिया जोड़य चाहत ही। पढ़ाई करो चाहिए कहे से नौकरी राजा चीज होत ही, पढ़े से राज गद्दी मिलत ही।’
दरअसल, बेटे का कहना था कि अब आराम से घर में रहिए, आपको काम करने की जरुरत नहीं है। जिस पर मां ने कहा कि मन नहीं मानता है, वह अपने बच्चों के लिए अभी 2 रुपया जोड़कर रखना चाहती हैं।’ मां और बेटे की इस बातचीत में एक दूसरे के लिए प्रेम छिपा था।
इस वीडियो को सोशल मीडिया पर पसंद करने और उससे सीख लेने पर SDOP संतोष कहते है कि “कभी मुंह से डांटा, कभी डंडे से पीटा कभी नींबू के पेड़ से बांधा, अनपढ़ थी लेकिन पढ़ाई के माहौल में बांधकर रखा। जमीन, जायदाद और नेता विधायक सब फेल हैं सरकारी नौकरी के आगे। किसी को मेहनत की कोचिंग लेना हो तो देवगांव में बिना फीस, ले सकता है मेरी अम्मा से अमृत आशीष। सुनें शायद आपको अच्छा महसूस होगा क्योंकि प्रत्येक माँ बच्चों के लिए कुछ न कुछ जोड़कर रखना चाहती है।।
गौरतलब है कि संतोष पटेल का बचपन संघर्ष में बीता है। पन्ना जिले के देवगांव के रहने वाले संतोष गांव के ही सरकार स्कूल में पढ़ते थे, पढ़ाई के साथ साथ संतोष को अपने पिता के साथ पत्थर तोड़ना, जंगल मे पौधे लगाना, तेंदूपत्ता संग्रहण में हाथ बंटाना पड़ता था। इसके बाद उत्कृष्ट विद्यालय पन्ना में दाखिला लिया यहां 10वीं 12 वीं की पढ़ाई पूरी की, इसके बाद IIT पास कर भोपाल से सिविल इंजीनियरिंग का कोर्स पूरा किया।
साल 2015 में संतोष ने कसम खा ली कि ‘जब तक लाल बत्ती वाली नौकरी नहीं मिलेगी मैं अपनी दाढ़ी नहीं बनाऊंगा’। गांव वाले इस बात को लेकर संतोष को ताने भी देते थे। इसी बीच संतोष को वन रक्षक की नौकरी मिल गई। वन रक्षक की नौकरी के दौरान अपनी जिद पूरा करने के लिए पढ़ाई जारी रखी आखिर में साल 2018 में संतोष का चयन उप पुलिस अधीक्षक के पद पर हो गया है। ये खबर सुनकर संतोष के परिवार के साथ पूरा गांव ने खुशी मनाई थी।
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