झारखंड में JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में हुई गड़बड़ियों को लेकर चल रहा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है. आंदोलन के 14वें दिन शुक्रवार को रांची के राजकीय अतिथिशाला में हेमंत सोरेन सरकार द्वारा गठित 4 मंत्रियों के विशेष पैनल और आंदोलनकारी छात्रों के 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल की करीब डेढ़ घंटे तक चली बैठक बेनतीजा समाप्त हो गई. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा गठित मंत्रियों की विशेष समिति और छात्रों के प्रतिनिधिमंडल के बीच विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा तो हुई, लेकिन किसी अंतिम सहमति या ठोस निष्कर्ष पर दोनों पक्ष नहीं पहुंच सके. छात्र नेता का कहना है कि बातचीत पॉजिटिव रही, लेकिन सभी मांगें माने जाने तक आंदोलन जारी रहेगा.
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बैठक में कौन-कौन रहा मौजूद?
बैठक में सरकार की ओर से गठित मंत्रियों की समिति के सदस्य मंत्री सुदीव्य कुमार सोनू, मंत्री दीपिका पांडे सिंह, मंत्री चमरा लिंडा और मंत्री संजय यादव शामिल हुए. वहीं, छात्रों की ओर से रवीन्द्र पासवान, पीयूष कुमार, राजेश प्रसाद, नीतू कुजूर, अंकित राज, कार्तिक सोरेन, शालू कुमारी, रवींद्र कुमार रवि, आनंद कुमार और अंकित कुमार की 10 सदस्यीय टीम ने छात्रों का पक्ष रखा. बैठक में रांची के उपायुक्त और एसएसपी भी प्रशासनिक सहयोग के लिए मौजूद रहे.
जब तक मांगें पूरी नहीं, तब तक आंदोलन जारी: पीयूष
बैठक खत्म होने के बाद छात्र नेता पीयूष ने मीडिया को बताया कि प्रतिनिधिमंडल ने छात्रों की सभी प्रमुख मांगों को मंत्रियों के सामने मजबूती से रखा है. उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भले ही सरकार के साथ बातचीत का दौर आगे भी जारी रहेगा, लेकिन आंदोलन फिलहाल समाप्त नहीं होगा. छात्र अपनी मांगों पर अडिग हैं और जब तक सरकार की तरफ से कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक उनका यह आंदोलन जारी रहेगा.
उल्लेखनीय है कि पिछले दो हफ्तों (14 दिनों) से अभ्यर्थी परीक्षा प्रणाली में सुधार, निष्पक्ष जांच और पारदर्शिता की मांग को लेकर रांची में डटे हुए हैं. फिलहाल सरकार और छात्र नेताओं के बीच आगे भी बातचीत जारी रहने की संभावना बनी हुई है, लेकिन छात्रों के रुख से साफ है कि वे बिना लिखित और ठोस फैसले के पीछे हटने वाले नहीं हैं.