कमाई में इस राज्य के लोग सबसे अमीर, सबसे गरीब स्टेट कौन? देखें प्रति व्यक्ति आय की रिपोर्ट में अमीर-गरीब राज्यों की पूरी लिस्ट!

Per Capita Income Report 2026: देश में प्रति व्यक्ति आय के नए आंकड़े जारी। सिक्किम बना सबसे अमीर राज्य, जबकि बिहार अभी भी सबसे निचले पायदान पर। जानें इसके पीछे की मुख्य वजहें।

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नई दिल्ली: भारत की अर्थव्यवस्था भले ही वैश्विक स्तर पर नए रिकॉर्ड बना रही हो, लेकिन देश के भीतर राज्यों की आर्थिक स्थिति में एक बहुत बड़ा फासला नजर आ रहा है। हाल ही में जारी की गई एक नई आर्थिक रिपोर्ट के मुताबिक, प्रति व्यक्ति आय (Per Capita Income) के मामले में सिक्किम ने देश के सभी राज्यों को पछाड़कर पहला स्थान हासिल किया है, जबकि बिहार इस सूची में सबसे निचले पायदान पर बना हुआ है। यह रिपोर्ट साफ करती है कि देश के अलग-अलग हिस्सों में रहने वाले लोगों की औसत कमाई में जमीन-आसमान का अंतर है।

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क्या होती है प्रति व्यक्ति आय (Per Capita Income)?

सरल शब्दों में कहें तो किसी राज्य की कुल सालाना कमाई को जब वहां की कुल जनसंख्या से विभाजित (Divide) किया जाता है, तो जो औसत आंकड़ा निकलकर आता है, उसे प्रति व्यक्ति आय कहते हैं। हालांकि, इसका यह मतलब बिल्कुल नहीं है कि उस राज्य का हर नागरिक उतना ही कमा रहा है, लेकिन इससे उस राज्य के लोगों के रहन-सहन (Lifestyle) और वहां की आर्थिक मजबूती का एक सटीक खाका जरूर मिल जाता है।

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सिक्किम के नंबर 1 बनने का सीक्रेट क्या है?
पहाड़ी राज्य सिक्किम का देश में सबसे अमीर राज्य बनकर उभरना कई मायनों में खास है। आर्थिक विशेषज्ञों के अनुसार, इसके पीछे कुछ मुख्य वजहें हैं:

पहली वजह – सीमित आबादी: राज्य की जनसंख्या कम होने के कारण कुल आय का हिस्सा प्रति व्यक्ति अधिक बैठता है।

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दूसरी वजह – कमाई के मजबूत साधन: सिक्किम में फलफूल रहा पर्यटन उद्योग (Tourism), बड़े पैमाने पर चल रही जलविद्युत परियोजनाएं (Hydroelectric Projects) और बेहतर टैक्स कलेक्शन ने इसकी अर्थव्यवस्था को पंख लगा दिए हैं।

बिहार की कश्ती अब भी पीछे क्यों?
इसके विपरीत, बिहार तमाम कोशिशों के बावजूद इस सूची में सबसे नीचे है। रिपोर्ट के अनुसार, इसके पीछे ये बड़े कारण जिम्मेदार हैं:

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पहली वजह – तेजी से बढ़ती जनसंख्या: बिहार की विशाल आबादी के मुकाबले संसाधनों और आय का वितरण धीमा है।

दूसरी वजह – औद्योगिक पिछड़ेपन: राज्य में बड़े उद्योगों और भारी निवेश की कमी के चलते रोजगार के उस स्तर के अवसर पैदा नहीं हो पाए हैं। हालांकि, पिछले कुछ वर्षों में बिहार की विकास दर सुधरी है, लेकिन प्रति व्यक्ति आय की रेस में वह अभी भी बहुत पीछे है।

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कमाई की रेस में ये राज्य भी हैं आगे
सिर्फ सिक्किम ही नहीं, देश के कुछ अन्य राज्य और केंद्र शासित प्रदेश भी अपनी मजबूत नीतियों के कारण इस सूची में टॉप पर बने हुए हैं। इन राज्यों में मजबूत औद्योगिक विकास, आईटी सेक्टर, पर्यटन और मजबूत आर्थिक गतिविधियों के कारण लोगों की औसत कमाई सबसे अधिक है:

सिक्किम (Sikkim): देश में पहले स्थान पर (कम आबादी, पर्यटन और जलविद्युत परियोजनाओं के कारण सबसे आगे)।

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गोवा (Goa)

दिल्ली (Delhi)

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कर्नाटक (Karnataka)

हरियाणा (Haryana)

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तेलंगाना (Telangana)

देश के सबसे पिछड़े राज्य (निचले पायदान)
इन राज्यों में बढ़ती जनसंख्या, कम औद्योगिक विकास और बुनियादी ढांचे की धीमी रफ्तार की वजह से प्रति व्यक्ति आय राष्ट्रीय औसत से कम है:

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बिहार (Bihar): देश में सबसे निचले पायदान पर (सबसे कम प्रति व्यक्ति आय).

उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh)

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झारखंड (Jharkhand)

ओडिशा (Odisha)

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मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh)

आर्थिक जानकारों की राय: कैसे मिटेगी यह खाई?
आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि अमीर और गरीब राज्यों के बीच का यह बढ़ता अंतर चिंता का विषय है। जिन राज्यों में निजी निवेश, बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और आधुनिक सेवाएं पहुंच रही हैं, वे तेजी से आगे निकल रहे हैं। यदि बिहार जैसे पिछड़े राज्यों में बुनियादी ढांचे (Infrastructure), नए निवेश और रोजगार के नए अवसरों पर युद्ध स्तर पर काम किया जाए, तो आने वाले सालों में इस भारी अंतर को कम किया जा सकता है।

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लेखक के बारे में

Vandana Bharti

Vandana Bharti

वन्‍दना भारती News 24 में बतौर ड‍िप्‍टी न्‍यूज एडिटर कार्यरत हैं और मौजूदा समय में बिजनेस डेस्‍क संभाल रही हैं. वन्दना News 24 के लिए स्टॉक मार्केट, पर्सनल फाइनेंस, कमोडिटी मार्केट, सरकारी योजनाओं पर खबरें लिखती हैं. वन्‍दना ने अपने करियर की शुरुआत दैन‍िक जागरण अखबार से की. इसके बाद देशबंधु अखबार में उन्होंने ब‍िजनेस रिपोर्टिंग में अपनी विशेषज्ञता विकसित की. साल 2010 में उन्होंने ह‍िन्‍दुस्‍तान अखबार में अपनी सेवाएं दीं, जहां उन्होंने ब‍िजनेस पेज के लिए 6 साल तक काम किया. वन्‍दना, आजतक डिजिटल, India.com और News18.com जैसे न्यूज प्लेटफॉर्म्स में बिजनेस डेस्क से जुड़ी रही हैं. वन्दना ने दिल्ली विश्वविद्यालय से बीकॉम किया है. कॉमर्स बैकग्राउंड होने के कारण उनकी बिजनेस की खबरों में अच्छी पकड़ है और इन खबरों को वह आसान भाषा में यूजर्स तक पहुंचाती हैं. कितने साल का अनुभव: 18 साल योग्यता: शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से बी.कॉम और नई द‍िल्‍ली के YMCA संस्‍थान से पत्रकार‍िता में पीजीडीएमए की डिग्री प्राप्त की है.
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