रांची में जारी छात्र आंदोलन के बीच JPSC के तीनों सदस्यों ने छोड़ा पद, राज्यपाल को भेजा इस्तीफा
छात्रों के विरोध प्रदर्शन के बीच रविवार को झारखंड पब्लिक सर्विस कमीशन (JPSC) के तीन सदस्यों ने इस्तीफा दे दिया है. तीनों ने अपना इस्तीफा राज्यपाल को भेजा, जिसे स्वीकार कर लिया गया है.
Written By: Varsha Sikri|Updated: Aug 9, 2026 19:24
Edited By : Varsha Sikri|Updated: Aug 9, 2026 19:24
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Credit: News24
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झारखंड में परीक्षाओं में हो रही गड़बड़ी को लेकर जारी छात्रों के विरोध प्रदर्शन के बीच रविवार को झारखंड पब्लिक सर्विस कमीशन (JPSC) के तीन सदस्यों ने इस्तीफा दे दिया है. तीनों ने अपना इस्तीफा राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार को भेजा, जिसे स्वीकार कर लिया गया है. इस्तीफा देने वालों में डॉ. अजीता भट्टाचार्य, डॉ. अनिमा हांसदा और डॉ. जमाल अहमद का नाम शामिल है.
Governor Santosh Kumar Gangwar has accepted the resignations submitted by Ajita Bhattacharya, Anima Hansda, and Jamal Ahmed from their posts as members of the Jharkhand Public Service Commission, in light of the recommendation made by the State Government: Lok Bhavan, Jharkhand pic.twitter.com/vXK0yzXh3J
वहीं, रांची में रविवार को सरकार और JPSC-JSSC अभ्यर्थियों के बीच तीसरे दौर की वार्ता हुई. बैठक खत्म होने के बाद छात्र नेताओं ने धरना स्थल पर पहुंचकर आंदोलनकारी छात्रों को बातचीत का ब्यौरा दिया. छात्र नेता पीयूष कुमार के मुताबिक, JPSC PT परीक्षा रद्द करने के मुद्दे पर सरकार की ओर से सहमति बनी है, लेकिन JSSC-CGL परीक्षा रद्द करने को लेकर अब तक सहमति नहीं बन सकी है. इसके अलावा छात्र जिस भरत तिवारी मामले को परीक्षा अनियमितताओं से जोड़कर जांच की मांग कर रहे हैं, उस पर भी सरकार की ओर से सहमति नहीं बनने की बात छात्र नेताओं ने कही है. यही वजह है कि बैठक के बाद छात्र नेताओं ने दो टूक कहा कि अभी आंदोलन खत्म नहीं होगा.
क्या बोले सीएम सोरेन?
वहीं, झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने छात्रों से कहा कि किसी भी परेशानी को बातचीत के ज़रिए सुलझाया जा सकता है. उन्होंने कहा- ”हमारी सरकार लगातार मजबूत हो रही है, लेकिन कई लोग ऐसे हैं जो इस बात को पचा नहीं पा रहे हैं. वो अपना चेहरा छिपाकर, भेष बदलकर या पर्दे के पीछे से गलत जानकारी फैलाकर युवाओं को गुमराह कर रहे हैं. आप उनकी बात ना सुनें, हर मसले का समाधान बातचीत से निकाला जा सकता है, लाठी या गोली से नहीं.”
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छात्रों की क्या मांग है?
JPSC-JSCC परीक्षाओं में हो रही गड़बड़ी को लेकर छात्र कई दिनों से रांची में प्रदर्शन कर रहे हैं. छात्रों का प्रतिनिधिमंडल लगातार राज्य सरकार से बात कर रहा है. इस बीच JPSC के सदस्यों के इस्तीफे के बाद अब छात्रों की मांगों और सरकार के साथ हुई वार्ता के बाद JPSC की आगामी परीक्षाओं और आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर भी कई सवाल खड़े हो गए हैं. छात्रों का कहना है कि उनका आंदोलन सिर्फ किसी एक परीक्षा को रद्द कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि वे परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, निष्पक्ष जांच और भर्ती प्रक्रिया में सुधार की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं. सरकार और छात्रों के बीच हुई बातचीत के बाद अब निगाहें सोमवार के विधानसभा घेराव और सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं.