---विज्ञापन---

प्रदेश angle-right

बांग्लादेशियों को दुबई भेजने वाले इमिग्रेशन रैकेट का भंडाफोड़, छह गिरफ्तार 

नई दिल्ली: दिल्ली के आईजीआई एयरपोर्ट पुलिस ने दो एजेंटों और चार बांग्लादेशी नागरिकों की गिरफ्तारी के साथ अंतर्राष्ट्रीय इमिग्रेशन रैकेट का भंडाफोड़ किया है ये एजेंट धोखाधड़ी से भारतीय दस्तावेजों का इस्तेमाल करके बांग्लादेशियों को दुबई भेजने की फिराक में थे।  ---विज्ञापन--- और पढ़िए – मेजर ध्यान चंद को समर्पित ‘पंजाब खेल मेला’ आयोजित […]

---विज्ञापन---

नई दिल्ली: दिल्ली के आईजीआई एयरपोर्ट पुलिस ने दो एजेंटों और चार बांग्लादेशी नागरिकों की गिरफ्तारी के साथ अंतर्राष्ट्रीय इमिग्रेशन रैकेट का भंडाफोड़ किया है ये एजेंट धोखाधड़ी से भारतीय दस्तावेजों का इस्तेमाल करके बांग्लादेशियों को दुबई भेजने की फिराक में थे।

 

---विज्ञापन---

और पढ़िए – मेजर ध्यान चंद को समर्पित ‘पंजाब खेल मेला’ आयोजित कराएगी सरकार: भगवंत मान

 

---विज्ञापन---

27 जुलाई को आईजीआई एयरपोर्ट इमिग्रेशन विभाग से थाना आईजीआई हवाई अड्डे पर एक शिकायत प्राप्त हुई थी। जिसमें यह आरोप लगाया गया था कि 4 यात्रियों जो मूल रूप से बंगलादेशी हैं और भारत का फर्जी पासपोर्ट बनाकर दुबई भागने की फिराक में हैं। इनके नाम एमोन हलदर, बापी अवलाद सरदार,हृदयोय अहमद, मासूम हुसैन पता चले। जब यह चारों फ्लाइट G9-466 के जरिए शारजाह के लिए प्रस्थान के लिए इमीग्रेशन काउंटर पर आए तो पुलिस ने इन्हें हिरासत में लिया।

डीसीपी एयरपोर्ट तनु शर्मा के मुताबिक इनपुट के मिलने के बाद टीम ने तकनीकी सर्विलांस का इस्तेमाल किया और गुप्त मुखबिरों को भी तैनात किया। आखिरकार एजेंट अपोन को पकड़ा गया। फिर उसकी निशानदेही पर अंकित कुमार को उम्बर्गगांव, वलसाड (गुजरात) से गिरफ्तार किया गया।

---विज्ञापन---

उसने खुलासा किया कि वे पिछले 6 वर्षों से कोलकाता निवासी तोहिन और सुजोन के संपर्क में हैं। वे ताहीन व सुजॉय के साथ एक सिंडिकेट में काम कर रहे थे जो बांग्लादेशी लोगों को विदेश भेजने के लिए भारतीय आईडी प्रदान करता है। इसके बाद वे भारतीय पासपोर्ट के लिए आवेदन करने के लिए और भारतीय दस्तावेजों की व्यवस्था करते हैं।

गिरफ्तार आरोपी अपॉन पुत्र यूसुफ खान 15 साल पहले उसने खुद सीमा पार कर सिलीगुड़ी सीमा से पश्चिम बंगाल में प्रवेश किया था। प्रारंभ में उन्होंने 7-8 वर्षों तक मुंबई के ठाणे जिले में एक दर्जी के रूप में काम किया। फिर वे वापी, गुजरात चले गए। तब से वह बांग्लादेशी लोगों को धोखाधड़ी से उनके लिए भारतीय दस्तावेज खरीदकर संयुक्त अरब अमीरात भेजने के अवैध कारोबार में है।

---विज्ञापन---

 

और पढ़िए – ब्रम शंकर जिम्पा के निर्देशों के बाद वसीका नवीसों द्वारा बूथों के बाहर निर्धारित शुल्क के बोर्ड लगाने के काम में तेज़ी

---विज्ञापन---

 

आरोपी के पास वर्तमान में इंडसइंड बैंक और कोटक बैंक, वापी शाखा, गुजरात में 2 बैंक खाते हैं, जिसमें मुख्य एजेंट तोहिन नियमित आधार पर पैसे भेजता था। इनके पास से 13 मोबाइल फोन, 5 भारतीय पासपोर्ट, बांग्लादेशी नागरिकों के 5 भारतीय पैन कार्ड, बांग्लादेशी नागरिकों के 7 भारतीय आधार कार्ड, 1 पासबुक, मोबाइल के 8 सिम बरामद हुए है।

---विज्ञापन---

 

 

---विज्ञापन---

 

और पढ़िए – देश से जुड़ी खबरें यहाँ पढ़ें

---विज्ञापन---

 

 

---विज्ञापन---

Click Here – News 24 APP अभी download करें

First published on: Aug 04, 2022 09:24 PM

End of Article

About the Author

Amit Kasana

अमित कसाना: पत्रकारिता की दुनिया में एक सिद्धहस्त कहानीकार अमित कसाना सिर्फ खबरें नहीं लिखते बल्कि उन्हें बारीकी से संवारते हैं ताकि पाठकों तक सटीक, ताजा और प्रभावी जानकारी पहुंचे. News 24 में न्यूज एडिटर के रूप में उनकी भूमिका समाचारों को प्रस्तुत करने से कहीं अधिक है, वह उन्हें संदर्भ और दृष्टिकोण के साथ गढ़ते हैं. 2008 में 'दैनिक जागरण' से अपनी यात्रा शुरू करने वाले अमित ने 'दैनिक भास्कर' और 'हिंदुस्तान' जैसे प्रतिष्ठित प्रकाशनों में भी अपनी पहचान बनाई. 17 वर्षों के लंबे अनुभव के साथ उन्होंने पत्रकारिता के हर पहलू को बारीकी से समझा, चाहे वह प्रिंट, टेलीविजन या डिजिटल मीडिया हो. राजनीति, अपराध, खेल, मनोरंजन, कानून, ऑटोमोबाइल, लाइफस्टाइल और अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़े विषयों की रिपोर्टिंग में उनकी गहरी पकड़ है. ब्रेकिंग न्यूज की रोमांचक दुनिया, खोजी पत्रकारिता की गहराई और तथ्यपूर्ण रिपोर्टिंग का संयोजन अमित की कार्यशैली की पहचान है. News 24 में उनका लक्ष्य स्पष्ट है समाचारों को त्वरितता और सटीकता के साथ प्रस्तुत करना ताकि पाठकों को भरोसेमंद और सार्थक जानकारी मिल सके.

Read More
---विज्ञापन---
संबंधित खबरें
Sponsored Links by Taboola