---विज्ञापन---

गुजरात angle-right

गुजरात सरकार का भ्रष्टाचार और कदाचार पर सख्त रवैया, नौकरी से हाथ धो सकते हैं ये अधिकारी!

Gujarat Bhupendra Patel Govt: गुजरात की भुपेंद्र पटेल सरकार ने परिवीक्षा अवधि के दौरान भ्रष्टाचार और कदाचार करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को परीक्षण के आधार पर नौकरी से बर्खास्त करने का निर्णय लिया है।

---विज्ञापन---

Gujarat Bhupendra Patel Govt: गुजरात की भुपेंद्र पटेल सरकार इन दिनों भ्रष्टाचार और कदाचार को लेकर फुल एक्शन मोड में है। दरअसल, राज्य सरकार ने परिवीक्षा अवधि के दौरान भ्रष्टाचार और कदाचार करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को परीक्षण के आधार पर नौकरी से बर्खास्त करने का निर्णय लिया है। परीक्षण के दौरान अगर अधिकारियों और कर्मचारियों में ईमानदारी, निर्णायकता, वफादारी और आज्ञाकारिता जैसे गुण नहीं हैं तो उनकी नौकरी संतोषजनक नहीं मानी जाएगी। इस बात की जानकारी राज्य के सामान्य प्रशासन विभाग ने दी है।

विभाग ने जारी किया आदेश

राज्य के सामान्य प्रशासन विभाग ने एक आदेश जारी किया है। इसमें उन्होंने कहा कि परीक्षण के आधार पर नियुक्त अधिकारियों या कर्मचारियों के कार्यकाल को पूरा करने या विस्तार से जुड़े दिशानिर्देश पहले ही जारी किए गए हैं। इसमें सेवा के दौरान उनके काम का मूल्यांकन रिपोर्ट लिखने का निर्देश दिया गया है।

---विज्ञापन---

ईमानदारी और निष्ठा पर दिया जोर

ट्रेनिंग सर्विस को संतोषजनक माने जाने के लिए एक अधिकारी या कर्मचारी से कई गुणों की अपेक्षा की जाती है। इसमें ईमानदारी और निष्ठा पर अधिक जोर दिया गया है। इस दौरान सभी मामलों का मूल्यांकन कर उनकी ट्रेनिंग पीरियड को संतोषजनक मानने पर सक्षम स्तर पर विचार करना होगा।

यह भी पढ़ें: गुजरात के इन 4 नगर निगमों को CM भूपेंद्र पटेल का बड़ा दिवाली तोहफा, 1664 करोड़ के विकास कार्यों मिली मंजूरी

---विज्ञापन---

इन मामलों को देखते हुए अगर ट्रेनिंग पीरियड की शुरुआत संतोषजनक नहीं है, तो ऐसे अधिकारियों या कर्मचारियों की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी जाएंगी। समय पूरा होने पर ऐसे परिवीक्षाधीन अधिकारी या कर्मचारी को दीर्घकालिक आदेश देने से पहले इन निर्देशों की जांच की जानी चाहिए।

प्रशासनिक विभाग ने जारी

सामान्य प्रशासन विभाग ने कैबिनेट सदस्यों, सचिवालय विभागों के शीर्ष अधिकारियों, विभागों के प्रमुखों, विधानसभा प्रमुखों, लोक सेवा आयोग, सतर्कता आयोग, सिविल सेवा न्यायाधिकरण, गुजरात उच्च न्यायालय, पंचायत सेवा चयन बोर्ड, सूचना आयोग और प्रमुखों को ऐसे निर्देश जारी किए हैं। सरकारी कार्यालयों को आदेश का अनुपालन करना होगा।

---विज्ञापन---
First published on: Oct 30, 2024 04:44 PM

End of Article
---विज्ञापन---
संबंधित खबरें
Sponsored Links by Taboola