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गुजरात

अहमदाबाद में टीबी का खौफनाक सच: एक साल में 15 हजार केस, 700 मौतों ने बढ़ाई चिंता

ट्यूबरक्लोसिस के मामलों में अहमदाबाद से चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आई है, जहां एक साल में 15 हजार से ज्यादा मरीज और 700 मौतें दर्ज हुई हैं. विशेषज्ञों के मुताबिक देर से पहचान और कुपोषण इस जानलेवा बीमारी को और खतरनाक बना रहे हैं, जिससे जागरूकता की जरूरत बढ़ गई है.

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Written By: bhupendra.thakur Updated: Mar 27, 2026 16:21

अहमदाबाद शहर से स्वास्थ्य को लेकर सामने आई एक डराने वाली रिपोर्ट .आंकड़ों के मुताबिक, अहमदाबाद में पिछले एक साल में टीबी यानी ट्यूबरक्लोसिस के 15 हजार से ज़्यादा नए मामले दर्ज किए गए हैं.

15,461 मरीजों में से 10,809 मरीज सरकारी अस्पतालों में है जबकि 4652 मरीज निजी अस्पतालों में इलाज करवा रहे हैं

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इससे भी ज़्यादा चिंताजनक बात यह है कि इस दौरान 700 लोगों ने इस बीमारी से अपनी जान गंवा दी है.””स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट बताती है कि वटवा, बहरामपुरा और गोमतीपुर जैसे इलाके टीबी के सबसे बड़े हॉटस्पॉट बनकर उभरे हैं.

एक साल में कुल 1,49,710 संदिग्ध मरीजों की जांच की गई थी जिनमें से 15461 टीवी के मरीज पाए गए.. टीबी मरीजों की हुई 700 में मौत में से 59 फीसदी मौतें रोग का देरी से पता चलने के चलते 30 दिन के भीतर ही हो गई .

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ताजा स्थिति के मुताबिक रोजाना टीबी के 42 नए मामले आ रहे हैं और यह जानलेवा रोग रोज दो लोगों की मौत की वजह बन रहा है .विशेषज्ञों का मानना है कि कुपोषण और बीमारी का देरी से पता चलना, मौतों का सबसे मुख्य कारण बन रहा है.

हालांकि सरकार पोषण योजना के तहत मरीजों को आर्थिक और चिकित्सा सहायता दे रही है, लेकिन मौत के बढ़ते आंकड़े बताते हैं कि अभी जागरूकता की और भी ज़रूरत है.

First published on: Mar 27, 2026 04:21 PM

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