Why Is Delhi-NCR Seeing Heavy Rain: 4 सितंबर को तेज बारिश और तेज हवाओं के बाद शनिवार को भी दिल्ली-NCR में बारिश का मौसम बना रहा. इस जोरदार बारिश की वजह से कई इलाकों में जलजमाव हो गया और एयरपोर्ट के आसपास आवाजाही पर असर पड़ा. 5 सितंबर को भी बूंदा बांदी देखने को मिल रही है, लेकिन इसके पीछे सिर्फ मानसून नहीं है.
दिल्ली-NCR में इतनी तेज बारिश क्यों?
मौजूदा मौसम सिर्फ मॉनसून की वजह से नहीं, बल्कि कई एटमॉस्फेरिक सिस्टम के मेल से बना है. उत्तर-पश्चिम मध्य प्रदेश और उससे सटे दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश के ऊपर बना पूरे इलाके में व्यापक बारिश और आंधी-तूफान में मदद कर रहा है. इस सिस्टम के अगले 24 घंटों तक तकरीबन एक ही जगह पर बने रहने की संभावना है.
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मॉनसून ट्रफ भी कम दबाव वाले सिस्टम से होकर गुजरते हुए पूर्व की ओर त्रिपुरा की तरफ बढ़ रहा है. इसके अलावा, एक और ट्रफ उत्तर-पूर्व राजस्थान से मणिपुर तक जा रहा है, जबकि एक अलग ट्रफ दक्षिण गुजरात से झारखंड की ओर बढ़ रहा है. यानी वेदर सिस्टम में कई तरह के बदलाव देखने को मिल रहे हैं.
एटमॉस्फेयर के मिडिल और अपर लेवल में ट्रफ के तौर पर मौजूद एक 'वेस्टर्न डिस्टर्बेंस' अनस्टेबल वेदर कंडीशन को और बढ़ा रहा है. इन सिस्टम के मिले-जुले असर से दिल्ली-एनसीआईर में लगातार बारिश और आंधी-तूफान के लिए अनुकूल हालात बन गए हैं.
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कितनी बारिश दर्ज की गई?
शुक्रवार दोपहर दिल्ली में भारी बारिश हुई. पालम में सुबह 8:30 बजे से शाम 5:30 बजे के बीच 75.6 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि सफदरजंग में 32.6 मिमी बारिश हुई. लोधी रोड और रिज में क्रमशः 34.6 मिमी और 20 मिमी बारिश दर्ज की गई. इसी दौरान गुड़गांव में भी 44.5 मिमी बारिश हुई. ये बारिश शनिवार 5 अगस्त को भी जारी है.
बारिश कब कम होगी?
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 5 सितंबर को पूरे दिन रहने बारिश का असर रहने का अनुमान लगाया है, जिसमें कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश, आंधी-तूफान और बिजली कड़कने की संभावना है. कुछ जगहों पर भारी बारिश भी हो सकती है. रविवार, 6 सितंबर से हालात में सुधार की उम्मीद है. 7 सितंबर से दिल्ली में आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहने और बहुत कम या बिल्कुल बारिश न होने की संभावना है.
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खुद का रखें ख्याल
बारिश के लगातार होने के कारण दिल्ली के निवासियों को कई बीमारियों का खतरा पैदा हो गया है. यहां डेंगू-मलेरिया का प्रकोप पहले से ही देखने को मिल रहा है, साथ ही सर्दी खांसी और जुकाम जैसी परेशानियां भी आम हो चुकी है. ऐसे में बेहतर है कि डॉक्टर की सलाह लेते हुए जितना हो सकें इंफेक्शन से बचने की कोशिश करें और अपने परिवारों को भी बचाएं.
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