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लाल किला विस्फोट मामले में NIA ने दानिश को किया गिरफ्तार, आतंकी मॉड्यूल को तकनीकी सहायता देने का आरोप

लाल किला कार बम विस्फोट मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने 10 नवंबर के आतंकवादी हमले से जुड़े एक और प्रमुख सहयोगी को गिरफ्तार किया है. इस हादसे में लाल किला स्मारक के पास 13 लोग मारे गए थे और 30 से अधिक घायल हुए थे.

Delhi Car Blast: लाल किला कार बम विस्फोट मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने 10 नवंबर के आतंकवादी हमले से जुड़े एक और प्रमुख सहयोगी को गिरफ्तार किया है. इस हादसे में लाल किला स्मारक के पास 13 लोग मारे गए थे और 30 से अधिक घायल हुए थे.

दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग जिले के काजीगुंड निवासी जसीर बिलाल वानी उर्फ ​​दानिश नामक आरोपी को एनआईए की एक टीम ने मामले की चल रही जांच के तहत श्रीनगर से गिरफ्तार किया है. एजेंसी के सूत्रों ने बताया कि वानी ने हमले से पहले ड्रोन में बदलाव करके और रॉकेट बनाने का प्रयोग करके आतंकी मॉड्यूल को कथित तौर पर महत्वपूर्ण तकनीकी सहायता प्रदान की थी.

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शुरुआती जांच में सामने आया है कि दानिश हरियाणा के अल-फलाह यूनिवर्सिटी के सहायक प्रोफेसर डॉ. उमर उन नबी का करीबी सहयोगी था, जिसने हाल ही लाल किले के बाहर ब्लास्ट को अंजाम दिया था. विस्फोट स्थल से इक्ट्ठा किए गए DNA सैंपल को आतंकी उमर की मां के DNA सैंपल से मैच कराया गया, जिससे ये साफ हो गया कि विस्फोट में उसकी मौत हो गई.

जांच में ये भी सामने आया कि दानिश पॉलिटिकल साइंस में ग्रेजुएट है और अक्टूबर 2023 में वह कुलगाम की एक मस्जिद में उमर के समूह के संपर्क में आया था. बाद में उसे अल-फलाह यूनिवर्सिटी के पास एक किराए के अपार्टमेंट में ले जाया गया, जहां कथित तौर पर प्रोफेसर ने उसे आत्मघाती बम विस्फोट करने के लिए प्रेरित किया. हालांकि, दानिश ने अप्रैल 2025 में धार्मिक आपत्तियों और खराब आर्थिक स्थिति का हवाला देते हुए इस मिशन के लिए मना कर दिया था.

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दानिश के मना करने पर उमर ने खुद ली थी जिम्मेदारी

मिली जानकारी के अनुसार, उसके इनकार के बाद, डॉ. उमर ने खुद ही यह भूमिका निभा ली. 10 नवंबर, 2025 को, कथित तौर पर उसने विस्फोटकों से लदी एक कार चलाई, जिसमें दिल्ली के लाल किले के पास विस्फोट हुआ, जिसमें 13 लोग मारे गए. बाद में, विस्फोट स्थल से लिए गए डीएनए सैंपल उसकी मां के DNA से मैच हुए और उसकी पहचान हुई.

जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले के काजीगुंड का निवासी, आरोपी इस हमले का सक्रिय सह-षड्यंत्रकारी था और उसने आतंकवादी सुसाइड बॉम्बर उमर नबी के साथ मिलकर इस आतंकी नरसंहार की योजना बनाई थी. एनआईए बम विस्फोट के पीछे की साजिश का पता लगाने के लिए विभिन्न पहलुओं पर जांच कर रही है. आतंकवाद-रोधी एजेंसी की कई टीमें विभिन्न सुरागों का पता लगा रही हैं और आतंकी हमले में शामिल प्रत्येक व्यक्ति की पहचान के लिए विभिन्न राज्यों में छापेमारी कर रही हैं.

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यह भी पढ़ें- दिल्ली लाल किला विस्फोट से जुड़े कुलगाम के युवक ने आत्मघाती हमलावर बनने से किया था इनकार, पुलिस कर रही पूछताछ

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First published on: Nov 17, 2025 06:53 PM

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