Delhi Fast Track Court: NEET UG समेत प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक मामले में केंद्र सरकार और न्यायपालिका ने कड़ा एक्शन लिया है. दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट परिसर में एक विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट की स्थापना की गई है. यह कोर्ट पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) एक्ट, 2024 और उससे जुड़ी अन्य धाराओं के तहत दर्ज मामलों की सुनवाई करेगा. दिल्ली हाईकोर्ट ने एक अधिसूचना जारी कर तीस हजारी कोर्ट में मध्यस्थता केंद्र की प्रभारी जज रहीं अनु ग्रोवर बलिगा का स्थानांतरण राउज एवेन्यू कोर्ट में कर दिया है. अब वह स्पेशल जज के रूप में इस फास्ट ट्रैक कोर्ट की कमान संभालेंगी और पेपर लीक से जुड़े गंभीर मामलों की सुनवाई करेंगी.
यह फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा की गई उस महत्वपूर्ण घोषणा के तुरंत बाद आया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि सरकार पेपर लीक करने वालों के खिलाफ त्वरित और सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन करेगी. पीएम मोदी ने साफ संदेश दिया है कि युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा. इस विशेष अदालत के बनने से अब पेपर लीक से जुड़े मामलों का निपटारा तेजी से हो सकेगा और दोषियों को समय पर सख्त सजा दिलाई जा सकेगी.
Delhi Fast Track Court: NEET UG समेत प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक मामले में केंद्र सरकार और न्यायपालिका ने कड़ा एक्शन लिया है. दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट परिसर में एक विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट की स्थापना की गई है. यह कोर्ट पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) एक्ट, 2024 और उससे जुड़ी अन्य धाराओं के तहत दर्ज मामलों की सुनवाई करेगा. दिल्ली हाईकोर्ट ने एक अधिसूचना जारी कर तीस हजारी कोर्ट में मध्यस्थता केंद्र की प्रभारी जज रहीं अनु ग्रोवर बलिगा का स्थानांतरण राउज एवेन्यू कोर्ट में कर दिया है. अब वह स्पेशल जज के रूप में इस फास्ट ट्रैक कोर्ट की कमान संभालेंगी और पेपर लीक से जुड़े गंभीर मामलों की सुनवाई करेंगी.
यह फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा की गई उस महत्वपूर्ण घोषणा के तुरंत बाद आया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि सरकार पेपर लीक करने वालों के खिलाफ त्वरित और सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन करेगी. पीएम मोदी ने साफ संदेश दिया है कि युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा. इस विशेष अदालत के बनने से अब पेपर लीक से जुड़े मामलों का निपटारा तेजी से हो सकेगा और दोषियों को समय पर सख्त सजा दिलाई जा सकेगी.