PTI
Read More
---विज्ञापन---
दिल्ली की मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर एक चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आई है. ‘वोटर अधिकार मंच’ और सबर इंस्टीट्यूट के एक संयुक्त ऑडिट अध्ययन के अनुसार, मतदाता सूची के मसौदे से बाहर किए गए वोटरों की तादाद 2025 के दिल्ली विधानसभा चुनाव की 70 में से 68 सीटों पर उम्मीदवारों की जीत के अंतर से अधिक है. यह अध्ययन निर्वाचन आयोग और दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के आधिकारिक आंकड़ों पर आधारित है. अध्ययन के मुताबिक, 31 जनवरी 2025 को हुए दिल्ली विधानसभा चुनाव के समय कुल 1,56,14,000 मतदाता पंजीकृत थे. वहीं 30 जून 2026 को एसआईआर प्रक्रिया शुरू होने तक यह संख्या घटकर 1,45,10,299 रह गई.
ऑडिट के अनुसार, एसआईआर के दौरान आयोग ने 47,27,762 और मतदाताओं को अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत या दोहरे वोटर के रूप में चिन्हित किया. यह संख्या कुल आधार मतदाताओं का 32.8 प्रतिशत है, यानी लगभग हर तीसरा मतदाता सूची से बाहर है. इस प्रक्रिया में जिन मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए या मसौदे से बाहर किए गए हैं, उन्हें अलग-अलग श्रेणियों में बांटा गया है। आंकड़ों के अनुसार, बाहर किए गए नामों में सबसे बड़ा हिस्सा उन मतदाताओं का है जो अब अपने पुराने पते पर नहीं रहते हैं।
सूची से बाहर किए गए नामों के वर्गीकरण के अनुसार, कुल 31,59,223 मतदाताओं को स्थायी रूप से स्थानांतरित माना गया है। यानी ये वे लोग हैं जो अपने दर्ज पते को छोड़कर किसी अन्य स्थान पर रहने चले गए हैं। इसके अलावा 11,73,552 मतदाता ऐसे पाए गए हैं जो या तो अपने पते पर अनुपस्थित थे या फिर सत्यापन के दौरान जिनका कोई पता नहीं चल सका। वहीं सत्यापन के दौरान 2,82,412 मतदाताओं को मृत श्रेणी में दर्ज किया गया है, जिसके चलते उनके नाम सूची से अलग किए गए हैं।
इसके साथ ही 1,41,535 ऐसे मतदाताओं की पहचान की गई है जिनका नाम दोहरे पंजीकृत के रूप में दर्ज था, यानी इनका पंजीकरण एक से अधिक बार पाया गया। इन चारों श्रेणियों को मिलाकर बड़ी संख्या में मतदाताओं को मतदाता सूची के मसौदे से बाहर रखा गया है।
इसके अलावा, जनवरी 2025 से 30 जून 2026 के बीच पहले ही 11,03,701 नाम हटाए जा चुके थे. एसआईआर शुरू होने से ठीक पहले नाम हटाने की रफ्तार काफी तेज हुई, जिसमें अकेले अप्रैल 2026 में 3,39,509 नाम हटाए गए. 10 से अधिक विधानसभा क्षेत्रों में वोटर बाहर होने की दर 40% से अधिक दर्ज की गई. इनमें तुगलकाबाद (47.83%), ओखला (45.16%) और आर.के. पुरम (44.36%) शीर्ष पर रहे.
आज दोपहर 3 बजे, प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में ‘दिल्ली डिलीटेड : हर तीसरा वोटर’ पर प्रेस कॉन्फ्रेंस।
— Yogendra Yadav (@_YogendraYadav) September 8, 2026
दिल्ली की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट और SIR पर ज़रूरी बातचीत। #SIR pic.twitter.com/frrWtYu21J
वोटर अधिकार मंच की जनसुनवाई में कार्यकर्ता योगेंद्र यादव ने कहा कि इन निष्कर्षों से पता चलता है कि एसआईआर की कवायद के जरिए देशभर में क्या हो रहा है. ‘इस देश में 15 करोड़ मतदाताओं के नाम गायब हैं. ऐसे लोग जिनका नाम मतदाता सूची में होना चाहिए, लेकिन नहीं है. दुनिया में लोकतंत्र के इतिहास में इतनी बड़ी धोखाधड़ी कभी नहीं हुई’. उन्होंने एसआईआर शुरू होने से पहले दिल्ली की मतदाता सूची से 11 लाख से अधिक नाम हटाए जाने पर भी सवाल उठाया. यादव ने कहा कि सामान्य प्रक्रिया के तहत पहले नोटिस दिया जाना चाहिए, फिर आपत्ति दर्ज करने का मौका, सुनवाई और उसके बाद लिखित आदेश जारी किया जाना चाहिए.
कार्यकर्ता अंजलि भारद्वाज ने मौजूदा समय में मतदाता सूची से बाहर किए गए लोगों और फरवरी 2025 में हुए दिल्ली विधानसभा चुनाव के बीच संबंध की ओर ध्यान दिलाया. उन्होंने कहा कि उस चुनाव में करीब 94 लाख मतदाताओं ने मतदान किया था. उन्होंने सवाल किया, ‘‘आज 91 लाख मतदाताओं के नाम या तो हटा दिए गए हैं…फिर चुनाव में किन मतदाताओं ने मतदान किया था? क्या दिल्ली की जनता यह मान सकती है कि फरवरी 2025 के चुनाव का परिणाम सही था? हम दिल्ली में हुए फरवरी 2025 के चुनाव के नतीजे पर कैसे भरोसा करें?’’
न्यूज 24 पर पढ़ें दिल्ली, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।