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दिल्ली पुलिस फिर बदले-बदले अंदाज में आएगी नजर, जानें पहले 'खाकी' की कब-कब बदली वर्दी?

Delhi Police Uniform History: दिल्ली पुलिस की यूनिफॉर्म को बदलने की तैयारी चल रही है। आइए दिल्ली पुलिस की यूनिफॉर्म का इतिहास जानते हैं, जो आजादी से पहले का है। हालांकि आजादी के बाद कई बार यूनिफॉर्म बदली है, लेकिन कई साल बाद एक बार फिर वर्दी बदलने जा रही है।

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दिल्ली पुलिस की वर्दी का इतिहास आजादी से पहले का है।

Delhi Police New Uniform History: दिल्ली पुलिस की यूनिफॉर्म एक बार फिर बदलने जा रही है। जवान अब Hero लुक में नजर आएंगे। अभी गर्मी के मौसम को देखते हुए वर्दी बदली जा रही है। दिल्ली पुलिस के जवाब अब मोटी खाकी पैंट-शर्ट नहीं पहनेंगे, बल्कि उन्हें खाकी रंग की कंफर्टेबल कार्गो पैंट और टी-शर्ट पहनने को मिलेगी। सर्दी में जवानों को ऊनी शर्ट-पैंट, वार्मर और स्पेशल जूते दिए जा सकते हैं। फिलहाल प्रोजेक्ट ट्रायल में है और सेंट्रल दिल्ली में यह ट्रायल शुरू किया गया है।

सेंट्रल दिल्ली में तैनात दिल्ली पुलिस के महिला और पुरुष कर्मियों को वर्दी पहनने को दी गई है। नई वर्दी को लेकर जवानों को फीडबैक देने को भी कहा गया है। अगर फीडबैक पॉजिटिव रहा तो दिल्ली पुलिस के सभी 90 हजार जवानों को नई वर्दी दे दी जाएगी, लेकिन यह पहली बार नहीं है, जब दिल्ली पुलिस जवानों की वर्दी बदल रही है। इससे पहले भी कई बार यूनिफॉर्म में बदलाव हो चुके हैं, आइए जानते हैं कि दिल्ली पुलिस की वर्दी का इतिहास क्या कहता है?

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कभी निक्कर पहनते थे दिल्ली पुलिस के जवान

आज से 60 साल पहले दिल्ली पुलिस के जवान निक्कर पहनते थे। जी हां, उन दिनों दिल्ली पुलिस के जवान हाफ पैंट में चौराहों पर ड्यूटी दिया करते थे। आजाद से पहले और आजादी के बाद, कई साल तक पुलिस जवानों की यूनिफॉर्म निक्कर ही थी। यही नहीं, उस समय पुलिस अफसरों की ड्रेस आज सेना के तीनों अंगों के अफसरों की तरह अलग-अलग मौकों के लिए अलग-अलग हुआ करती थी।

पुलिस विभाग में ड्रेस कोड लागू था और मेस ड्रेस, सेरेमनी ड्रेस, फील्ड ड्रेस, आर्म्स ड्रेस पहनी जाती थी। साल 1861 से लेकर साल 1902 तक दिल्ली पुलिस को कांस्टेबल की वर्दी नीले रंग की थी। थानेदार की वर्दी का रंग अलग होता था। 1969 में यूनिफॉर्म से निक्कर हटा दी गई। अब यूनिफॉर्म में फुल पैंट शामिल हो गई थी। दिल्ली पुलिस के म्यूजियम में पुरानी से लेकर अब तक की सभी यूनिफॉर्म देखने को मिल जाएंगी।

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आज राजधानी दिल्ली की सड़कों पर ट्रैफिक पुलिस नीली पैंट और सफेद शर्ट में दिखती है और पुलिस वाले खाकी यूनिफॉर्म में नजर आते हैं। 1948 से लेकर 1962 तक दिल्ली पुलिस के जवानों की वर्दी ढीली निक्कर, ढीली शर्ट, लंबी जुराब, सिर पर कैप हुआ करती थी।

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PM मोदी चाहते- एक वर्दी और एक रंग हो

बता दें कि प्रधानमंत्री मोदी भारतीय पुलिस के लिए ‘एक वर्दी एक रंग’ चाहते हैं। इसके लेकर कई बार चर्चा छिड़ चुकी है, लेकिन अभी मोदी सरकार की तरफ से इस दिशा में गंभीर प्रयास नहीं किए गए हैं।

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लेखक के बारे में

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल News24 हिंदी डिजिटल में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वेब जर्नलिज्म में 13 साल का अनुभव रखने वाली खुशबू गोयल राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. खुशबू गोयल ने अक्टूबर 2013 में अमर उजाला डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत की थी, जहां 7 साल सेवाएं देने के बाद साल नवंबर 2020 में दैनिक भास्कर डिजिटल जॉइन किया और सितंबर 2023 से News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 13 साल के करियर में खुशबू गोयल ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. खुशबू गोयल का पत्रकारिता में अनुभव: 13 साल योग्यता: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के IMC&MT इंस्टीट्यूट से मास्टर ऑफ कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म (MJ) के बाद जर्नलिज्म में MPhil की डिग्री ली. खुशबू गोयल ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव की विस्तृत रिपोर्टिंग की है, जिसमें उन्हें ग्राउंड कवरेज करने का भी अनुभव है. इसके अलावा पिछले 13 साल में विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव को भी उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग के साथ कवर किया.
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