Ratna Shastra: रत्न शास्त्र में रत्न धारण करने के फायदों के बारे में बताया गया है. कुंडली में ग्रहों की स्थिति और अशुभ प्रभाव को कम करने के लिए रत्न धारण करना शुभ माना जाता है. रत्नों का प्रभाव लोगों के जीवन पर देखने को मिलता है. आप लोग पीला पुखराज रत्न धारण कर सकते हैं. पीला पुखराज धारण करना आर्थिक लाभ के लिए अच्छा होता है. पुखराज रत्न धारण करने से ज्ञान, धन और मान-सम्मान में वृद्धि होती है.
पुखराज रत्न के लाभ
पुखराज का संबंध देवगुरु बृहस्पति से माना जाता है. यह देवगुरु बृहस्पति का रत्न होता है. ज्योतिष के अनुसार, कुंडली में गुरु ग्रह के कमजोर होने पर पुखराज धारण करना अच्छा होता है. पुखराज रत्न धनु और मीन राशि के लोगों के लिए बहुत ही शुभ माना जाता है. पुखराज रत्न मेष, कर्क और सिंह राशि के लोग धारण कर सकते हैं. आपको इस बात का ध्यान रखें कि, रत्न धारण करने से पहले अनुभवी ज्योतिषी को अपनी कुंडली जरूर दिखाएं.
पुखराज रत्न धारण करने के लाभ
पुखराज रत्न का संबंध गुरु ग्रह से होता है. ऐसे में इसे धारण करने से गुरु ग्रह के प्रभाव से जुड़े लाभ मिलते हैं. विवाह में आ रही बाधाओं को दूर करने और दांपत्य जीवन में सुख के लिए पुखराज रत्न धारण करना चाहिए. पुखराज धारण करने से धन-धान्य में वृद्धि होगी. इसे धारण करने से अटका हुआ पैसा वापस मिल सकता है. शिक्षा और ज्ञान में वृद्धि और परिक्षाओं में सफलता के लिए इसे धारण करना अच्छा माना जाता है. करियर और कारोबार में तरक्की के लिए और नौकरी में प्रमोशन से लिए पुखराज धारण करें.
पुखराज रत्न धारण करने की विधि
आप अनुभवी ज्योतिषी को कुंडली दिखाने के बाद पुखराज धारण कर सकते हैं. पुखराज रत्न सोने या पंचधातु में पहन सकते हैं. आप तर्जनी उंगली में पहननी चाहिए. आप गुरुवार के दिन पुखराज रत्न की अंगूठी को कच्चे दूध, गंगाजल और शहद के मिश्रण से शुद्ध करके पहनें. इस मिश्रण में अंगूठी को 10 मिनट के लिए रख दें. ॐ बृं बृहस्पतये नमः मंत्र का 108 बार जाप कर पुखराज रत्न धारण करें.
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और रत्न शास्त्र पर आधारित है और केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.