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दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का कितना काम पूरा? जानें कितने भाग पर शुरू हुआ सफर

कनेक्टिविटी के लिए दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का निर्माण तेजी से किया जा रहा है। इसका अब तक 80 फीसदी से ज्यादा काम किया जा चुका है। 1,386 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे का कुछ हिस्सा खोल दिया गया है।

दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे भारत की सबसे बड़ी परियोजनाओं में से एक है। यह दिल्ली और मुंबई के अलावा, इस मार्ग पर आने वाले क्षेत्रों के बीच संपर्क को बेहतर बनाने का काम करेगा। इस परियोजना से राजस्थान को भी फायदा मिलने वाला है, जिसके लिए कोटा के पास लगभग सुरंग का काम पूरा हो चुका है। इस सुरंग से गुरुग्राम और वडोदरा के बीच यात्रा का समय मौजूदा 20 घंटे से घटकर 10 घंटे रह जाएगा। जानिए 1,386 किलोमीटर के इस एक्सप्रेसवे का कितना काम हुआ और कितना हिस्सा जनता के लिए खोला गया है?

एक्सप्रेसवे के बारे में

दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का काम तेजी से किया जा रहा है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) के मुताबिक, कुल 1,386 किलोमीटर के इस एक्सप्रेसवे का काम 1,156 किलोमीटर तक पूरा हो चुका है। इसमें से 756 किलोमीटर का हिस्सा पहले ही आम जनता के सफर के लिए खोला हुआ है।

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82 फीसदी काम पूरा

MoRTH के मुताबिक, जून 2024 तक एक्सप्रेसवे के काम की प्रगति 82 फीसदी तक पहुंच गई थी। इससे पता चलता है कि परियोजना को काम जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा, हालांकि कुछ हिस्सों में थोड़ी देरी देखने को मिल रही है। आपको बता दें कि इस एक्सप्रेसवे का काम पैकेज में किया जा रहा है, जिसमें अभी वडोदरा पैजेज पर काम किया जा रहा है।

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किन पैकेज में हो रही देरी?

दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के तहत पिछले महीने सूरत और गुजरात-महाराष्ट्र सीमा के बीच 140 किलोमीटर की दूरी को कवर करने वाले पांच पैकेजों के काम में देरी देखने को मिली। इसके पीछे कई कारण हैं, जिसमें काम की रफ्तार कम होना और जमीन अधिग्रहण में समस्याएं शामिल हैं। हालांकि, बचे हुए काम को पूरा करने के लिए काम में तेजी लाने की बात कही गई है।

किन राज्यों को फायदा?

8 लेन वाले इस एक्सप्रेसवे से कई राज्यों को कनेक्टिविटी मिलेगी। जिससे दिल्ली समेत हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र का सफर आसान होगा। इस एक्सप्रेसवे पर 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से के सफर कर सकेंगे। इसके अलावा, आने वाले समय में इसे 12 लेन तक बढ़ाया जा सकता है।

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यात्रा का समय होगा कम

इस एक्सप्रेसवे से दिल्ली और मुंबई के बीच यात्रा का समय लगभग 24 घंटे से घटकर मात्र 12 घंटे रह जाएगा। इसके अलावा, यह मौजूदा NH-48 की तुलना में अधिक सुगम और तेज सफर करने वाली सड़क होगी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस प्रोजेक्ट की कुल लागत करीब 1 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच सकती है।

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First published on: Apr 09, 2025 01:24 PM

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About the Author

Shabnaz

शबनाज़ खानम एक अनुभवी पत्रकार हैं, जो वर्तमान में न्यूज़24 में सब एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने इंडिया डेली लाइव, ज़ी न्यूज़ सहित कई प्रतिष्ठित संस्थानों में विभिन्न पदों पर ज़िम्मेदारियां निभाई हैं। शबनाज़ ने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया है। उन्हें डिजिटल और टीवी दोनों में काम करने का 5 साल का अनुभव प्राप्त है और वे अपने संपादन कौशल, बारीक नज़र और विस्तृत कहानी को प्रभावी तरीके से प्रस्तुत करने के लिए जानी जाती हैं। काम के अलावा, उन्हें सिनेमा और लाइफस्टाइल पर बातचीत करना बेहद पसंद है, जो उनकी कहानी कहने की गहरी रुचि को दर्शाता है।

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