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भूपेश बघेल ने पाटन विधानसभा के लोगों को दी बड़ी सौगातें, बोले – हमारे द्वारा किए गए बदलाव दिखाई दे रहे हैं

Bhupesh Baghel Gift To Patan Assembly People : मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पाटन विधानसभा क्षेत्रविासियों को बड़ी सौगातें दी है। उन्होंने आज विधानसभा मुख्यालय पाटन में आयोजित कार्यक्रम में 768 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। जिसमें 55 करोड़ 40 लाख 51 हजार रूपए के 137 कार्यों का लोकार्पण तथा 32 करोड़ 23 हजार […]

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Bhupesh Baghel Gift To Patan Assembly People : मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पाटन विधानसभा क्षेत्रविासियों को बड़ी सौगातें दी है। उन्होंने आज विधानसभा मुख्यालय पाटन में आयोजित कार्यक्रम में 768 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। जिसमें 55 करोड़ 40 लाख 51 हजार रूपए के 137 कार्यों का लोकार्पण तथा 32 करोड़ 23 हजार रूपए लागत के 631 कार्यों का भूमिपूजन शामिल है। कार्यक्रम में शामिल होने से पहले मुख्यमंत्री बघेल ने पाटन के आत्मानंद चौक पर ब्रम्हलीन स्वामी आत्मानंद जी की मूर्ति पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किया।

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हमारे कार्यकाल में दिख रहे हैं बदलाव

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि आज स्वामी आत्मानन्द जी की जयंती के अवसर पर विकास कार्यों का भूमिपूजन लोकार्पण किया गया । विगत 5 वर्षों में हमारे कार्यकाल में जो बदलाव हुए हैं, आज दिखाई दे रहा है। आज केवल भौतिक विकास ही नही आर्थिक, सामाजिक शैक्षणिक, सांस्कृतिक सभी क्षेत्रों में विकास हुए हैं। बघेल ने ब्रम्हलीन स्वामी आत्मानंद जी की जयंती पर उन्हें नमन करते हुए कहा कि स्वामी आत्मानंद ने स्वामी रामकृष्ण परमहंस की विचार-धारा को छत्तीसगढ़ की जमीन पर साकार किया और मानव सेवा व शिक्षा संस्कार की अलख जगायी। स्वामी विवेकानंद के विचारों का आत्मानंद जी पर भी गहरा असर हुआ, जिससे उन्होंने अपना पूरा जीवन दिन-दुःखियों की सेवा में बिेेता दिया।

वनवासियों की दशा और दिशा सुधारने के प्रयास

बघेल ने कहा कि स्वामी आत्मानंद जी ने आदिवासियों के सम्मान एवं उनकी उपज का वाजिब मूल्य दिलाने के लिए अबुझमाड़ प्रकल्प की स्थापना की। नारायणपुर में वनवासी सेवा केन्द्र प्रारंभ कर वनवासियों की दशा और दिशा सुधारने की प्रयास किए गए हैं। वहीं राज्य सरकार ने भी उनके पदचिन्हों पर चलते हुए वनवासियों से वाजिब दामों पर वनोपजों की खरीदी कर राष्ट्रीय स्तर पर कीर्तिमान स्थापित किया है। उन्होंने अकाल के समय गर्भवती माताओं के लिए पौष्टिक भोजन की शुरूआत की, जिससे कि बच्चे कुपोषित न हो।

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First published on: Oct 06, 2023 10:39 PM

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