Wednesday, September 28, 2022
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Chhattisgarh: बंदर के कूदने से भरभराकर गिरी स्कूल की छत, टला बड़ा हादसा

छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले के साजा विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत जाता में बड़ा हादसा होते-होते टल गया। शाला लगने से कुछ ही देर पहले स्कूल की छत गिर गई।

बेमेतरा: छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले के साजा विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत जाता में बड़ा हादसा होते-होते टल गया। शाला लगने से कुछ ही देर पहले स्कूल की छत गिर गई। बताया जा रहा है कि बंदर के कूदने मात्र से स्कूल की छत भरभराकर गिर गई। जिस जगह पर यह हादसा हुआ उसके ही बाजू के रूम में बच्चे रोज पढ़ा करते हैं। हालांकि घटना के वक्त मौके पर बच्चे मौजूद नहीं थे नहीं तो बड़ी अनहोनी हो सकती थी।

दरअसल, सुबह स्कूल खुलने से पहले ही जिस जगह बच्चे अध्यापन कार्य करते हैं उस स्कूल की छत भरभराकर गिर गई। अच्छी बात यह है कि जिस वक्त यह हादसा हुआ स्कूल बंद था, यदि अगर स्कूल खुला रहता तो कोई बड़ी घटना हो सकती थी।

बिल्डिंग की खस्ता हालत का सबको था अंदाजा

लेकिन ध्यान देने वाली बात यह है कि लगातार स्कूल के प्रधान पाठक द्वारा व शिक्षकों के द्वारा विकास खंड शिक्षा अधिकारी व उच्च अधिकारियों को अवगत कराने के बाद भी यह बिल्डिंग अभी तक डिस्मेंटल नहीं की गई। इतना ही नहीं शिक्षा विभाग के आदेश पर इस बिल्डिंग पर बच्चे पढ़ रहे थे, स्कूल लग रहा था। साथ ही कक्षा के अभाव में उसी जर्जर बिल्डिंग में कक्षाएं संचालित की जा रही हैं। यद्यपि बच्चे उस जगह रहते तो कोई बड़ा हादसा हो सकता था।

घटना के बाद भी मौके पर नहीं पहुंचे शिक्षा अधिकारी

वहीं सुबह से जानकारी के बाद भी विकास खंड शिक्षा अधिकारी लीलाधर सिन्हा घटना स्थल में नहीं पहुंचे। वहीं वे कर्तव्य से मुकरते नजर आए। प्रधान पाठक ने कहा की कक्षा के आभाव में यहां बाजु रूम में कक्षाएं चलती है। बात यहीं खत्म नहीं होती है एक तरफ विकास खंड।

शिक्षा अधिकारी जर्जर भवन में कक्षा नहीं लगने की बात कहते है। तो प्रधान पाठक कहते हैं आभाव में कक्षाएं लगाई जाती है। अब ये कहा तक सही है। ये तो समझ से परे है किंतु ब्लॉक मुख्यालय में इस प्रकार की घटना होना पर समय से विकास खंड शिक्षा अधिकारी का घटनास्थल पर नहीं पहुंचना एक बड़ा सवाल उत्पन्न करता है ।

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