Rohini Acharya X post:’समीक्षा छोड़ो, ‘गिद्धों’ को ठिकाने लगाओ…’ बीमार पिता लालू यादव को किडनी दान करने से मशहूर हुई बेटी रोहिणी आचार्य ने एक्स पर पोस्ट लिखकर अपने भाई तेजस्वी यादव पर निशाना साधते हुए राजेश खन्ना की ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘रोटी’ के एक गाने का हवाला दिया. तेजस्वी यादव ने हाल ही में हुए बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान पार्टी की चुनावी हार पर चर्चा करने के लिए मूल्यांकन बैठक बुलाई थी. रोहिणी आचार्य ने तेजस्वी को सुझाव दिया कि ‘चुनाव आकलन पर पार्टी की बैठक आयोजित करने से पहले आत्मनिरीक्षण करने का साहस दिखाएं.’ रोहिणी आचार्य 2024 के लोकसभा चुनाव में सारण से आरजेडी की टिकट पर चुनाव हार चुकी हैं. पिछले साल नवंबर में, रोहिणी ने तेजस्वी और उनके करीबी सहयोगियों को दोषी ठहराते हुए लालू और परिवार के अन्य सदस्यों से अपने पारिवारिक संबंध तोड़ लिए थे.
रोहिणी आचार्य ने एक्स पोस्ट में क्या लिखा?
समीक्षा का दिखावा करने से ज्यादा जरूरी 'खुद' आत्म – मंथन ' करने और जिम्मेदारी लेने की है , 'अपने' इर्द – गिर्द कब्ज़ा जमाए बैठे चिन्हित 'गिद्धों' को ठिकाने लगाने का साहस दिखाने के बाद ही किसी भी प्रकार की समीक्षा की सार्थकता साबित होगी…
बाकी तो ये जो पब्लिक है न , वो सब जानती…---विज्ञापन---— Rohini Acharya (@RohiniAcharya2) January 16, 2026
एक्स पर हिंदी में लिखे एक तीखे पोस्ट में, MBBS डॉक्टर से गृहिणी बनीं रोहिणी ने कहा, ‘सबसे पहले अपने आस-पास बैठे उन गिद्धों को पहचानें जिन्होंने पार्टी (आरजेडी) को जकड़ रखा है. चुनाव में मिली हार पर पार्टी की बैठक करने से पहले इन गिद्धों को बाहर निकालने का साहस दिखाएं. तभी ऐसी बैठकें सार्थक होंगी.’
हालांकि रोहिणी ने किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन अप्रत्यक्ष रूप से उनका इशारा तेजस्वी के करीबी सहयोगी, राज्यसभा सांसद संजय यादव और पार्टी के सोशल मीडिया का काम संभालने वाले रमीज की ओर था. अब वह पति और बच्चों के साथ सिंगापुर में रहती हैं.
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रोहिणी आचार्य अपना सम्मान खो रही हैं…
रोहिणी आचार्य की पोस्ट को लेकर कमेंट में यूजर्स उन्हें ट्रोल कर रहे हैं. अरविंद यादव लिखते हैं कि रोहाणी आचार्य ने जो सम्मान कमाया था लालू प्रसाद यादव जी को किडनी देकर वो धीरे धीरे सब खो रही है. इनको अपने ससुराल और परिवार देखना चाहिए . पूरा बिहार और देश जनता है लालूजी का राजनीतिक उत्तराधिकारी सिर्फ तेजस्वी यादव है. उन्होंने अपना काम करने दें उनको कंट्रोल मत कीजिये. एक यूजर शशि भूषण लिखते हैं कि अरे भाई आप और तेजप्रताप चाहते क्या हो? क्या पूरी पार्टी में सिर्फ आप 9 भाई बहन ही रहें बाकी सारे लोगों को पार्टी से निकाल दिया जाए? कितना भी आत्ममंथन कर लो जब पूरा सिस्टम बेईमानी पर उतर जाएगी तो तुम कुछ नहीं कर पाओगी. विभीषण मत बनो. पार्टी की सेवा करो.
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