Add News24 as a Preferred Source Add news 24 as a Preferred Source

---विज्ञापन---

बिहार

‘कठपुतली बने शहजादा’ को ताजपोशी मुबारक, तेजस्वी के RJD अध्यक्ष बनने पर रोहिणी आचार्य का तंज

Rohini Acharya Attack Tejashwi Yadav: तेजस्वी यादव के RJD कार्यकारी अध्यक्ष बनते ही बहन रोहिणी आचार्य ने मोर्चा खोल दिया है. रोहिणी ने पार्टी पर 'घुसपैठियों' के कब्जे और 'कठपुतली राजकुमार' के राज्याभिषेक का आरोप लगाते हुए लालू की विरासत पर बड़ा खतरा बताया है. पढ़ें पूरी रिपोर्ट.

Author
Edited By : Vijay Jain Updated: Jan 25, 2026 16:42
tejsawi rohini

Rohini Acharya Attack Tejashwi Yadav:लालू परिवार के भीतर छिड़ा घमासान बिहार की राजनीति में अब सार्वजनिक हो चुका है. राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने जैसे ही तेजस्वी यादव को पार्टी का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया, तभी उनकी बहन रोहिणी ने एक्स पर पोस्ट कर तेजस्वी को ‘कठपुतली शहजादा’ करार देते हुए ताजपोशी मुबारक बताया. रोहिणी ने तेजस्वी की नियुक्ति को एक युग का अंत बताते हुए लिखा-
“सियासत के शिखर-पुरुष की गौरवशाली पारी का एक तरह से पटाक्षेप… ठकुरसुहाती करने वालों और ‘गिरोह-ए-घुसपैठ’ को उनके हाथों की ‘कठपुतली बने शहजादा’ की ताजपोशी मुबारक.”

यह भी पढ़ें: अपनों के निशाने पर तेजस्वी यादव? RJD की बैठक से पहले रोहिणी आचार्य ने ‘वो’ कहकर किसे घेरा?

---विज्ञापन---

एक्स पोस्ट में रोहिणी आचार्य के गंभीर आरोप

रोहिणी आचार्य का मानना है कि तेजस्वी स्वतंत्र निर्णय लेने के बजाय ‘बाहरी तत्वों’ और ‘चाटुकारों’ के इशारों पर काम कर रहे हैं.पार्टी में कुछ ऐसे ‘घुसपैठिए’ घुस आए हैं जो फासीवादी ताकतों के एजेंट के रूप में काम कर रहे हैं और ‘लालूवाद’ को खत्म करने पर तुले हैं. रोहिणी ने आरोप लगाया कि पार्टी के पुराने और सच्चे समर्थकों को हाशिए पर धकेला जा रहा है, जिसे उन्होंने समर्थकों के साथ ‘दुखद विश्वासघात’ बताया. रोहिणी ने सीधे तौर पर नेताओं से अपनी गलती सुधारने और “घुसपैठियों को बाहर निकालने की मांग की है. उन्होंने तीखा कटाक्ष करते हुए कहा कि यदि नेतृत्व अब भी चुप रहता है तो उनकी मिलीभगत साबित हो जाएगी.

---विज्ञापन---

सुबह किए ट्वीट में भी रोहिणी ने उठाए थे सवाल

रोहिणी आचार्य ने सुबह किए ट्वीट में भी बिना किसी का नाम लिए इशारों में तल्ख सवाल उठाए थे. पार्टी के हित की बात करने वालों के साथ दुर्व्यवहार, अभद्र आचरण और अमर्यादित भाषा का प्रयोग किया जा रहा है. जिम्मेदारी संभाल रहे व्यक्ति को सवालों से भागने की बजाय अपने गिरेबान में झांकना चाहिए. साथ ही हाशिए पर खड़े समाज और वंचितों के लिए संघर्ष करने वाले निस्वार्थ कार्यकर्ताओं का आह्वान करते हुए लिखा-जिसे लालू जी की राजनीतिक विरासत और विचारधारा को गर्व के साथ आगे ले जाने की परवाह होगी, वो पार्टी की बदहाली के लिए जिम्मेवार लोगों से सवाल करेगा और अंजाम की परवाह किए बिना अपनी आवाज उठाएगा.

यह भी पढ़ें: ‘समीक्षा छोड़ो, पहले ‘गिद्धों’ को ठिकाने लगाओ’, रोहिणी आचार्य ने फिर तेजस्वी यादव को दी सलाह

First published on: Jan 25, 2026 04:34 PM

संबंधित खबरें

Leave a Reply

You must be logged in to post a comment.