बिहार से प्रशांत किशोर को लेकर बड़ी खबर आई है। प्रशांत किशोर अपना घर छोड़कर बिहार के नवनिर्माण आश्रम में शिफ्ट हो गए हैं। जन सुराज पार्टी के फाउंडर प्रशांत किशोर ने ऐसा कदम उठाने के पीछे की वजह भी बताई है। साथ ही उन्होंने बिहार की नई सम्राट चौधरी सरकार और नीतीश कुमार भी कटाक्ष किए। उन्होंने बिहार की राजनीति में कदम जमाने और बिहार में अगले विधानसभा चुनाव के मद्देनजर घर छोड़ आश्रम में शिफ्ट होने का फैसला किया है।
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अगले चुनाव तक आश्रम में ही रहेंगे
जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने दरभंगा में पत्रकारों को बताया है कि वे अपना घर छोड़कर पटना के बाहरी इलाके में बने नवनिर्माण आश्रम में रहने लगे हैं। अब यही से उनकी राजनीतिक गतिविधियां चलेंगी। वे इस आश्रम में तब तक रहेंगे, जब तक वे बिहार के अगले विधानसभा चुनाव में अपनी जगह नहीं बना लेते। अब यही मेरा नया ठिकाना होगा। अब मैं यहीं पाया जाऊंगा, जब तक बिहार की राजनीति में अपना और अपनी पार्टी का नाम नहीं बना लेता।
साल 2024 में बनाई जनसुराज पार्टी
प्रशांत किशोर ने साल 2024 में पॉलिटिकल कंसल्टेंसी छोड़ राजनीति में एंट्री की थी। 2024 में ही उनहोंने जन सुराज पार्टी बनाई थी और शेखपुरा हाउस में पार्टी ऑफिस बनाया था। शेखपुरा हाउस पटना एयरपोर्ट के पास एक आलीशान बंगला है, जो पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और BJP के पूर्व सांसद उदय सिंह का है। उदय के बड़े भाई NK सिंह राज्यसभा के पूर्व सांसद और 15वें वित्त आयोग के पूर्व अध्यक्ष हैं। उनकी दिवंगत मां माधुरी सिंह कांग्रेस नेता और पूर्णिया से कई बार की सांसद थीं।
नीतीश कुमार पर प्रशांत ने कसा तंज
प्रशांत किशोर ने पत्रकारों से बात करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि जो शख्स चुनाव जीतकर मुख्यमंत्री बना, वह आर्थिक तंगी के कारण प्रदेश से होने वाला पलायन नहीं रोक पाया। इसलिए खुद ही पलायन कर गया। मुख्यमंत्री की कुर्सी छोड़कर सांसद बन गया। लेकिन पलायन करने से पहले अपने बेटे को जरूर राजनीति में घुसा दिया। लोगों से अपील है कि जाति, धर्म या पैसों के लालच के आधार पर वोट देने की बजाय अपने हित ध्यान में रखकर वोट दें।
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सम्राट चौधरी को भी आड़े हाथों लिया
प्रशांत किशोर ने कहा कि बिहार के लोग मतदान करते समय अपने और अपने बच्चों के भविष्य के बारे में सोचें। प्रधानमंत्री मोदी, नीतीश कुमार या लालू प्रसाद यादव के बहकावे में न आएं। 10-10 हजार रुपये के लिए अपने वोट मत बेचना। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के बारे में उन्होंने कहा कि बिहार देश के सबसे गरीब राज्यों में से एक है। फिर भी यहां फिजूलखर्ची की जा रही है। अब सम्राट चौधरी को ही ले लिजिए, जनत गरीबी से पलायन कर रही और मुख्यमंत्री 25 एकड़ के आवास में रहते हैं।
बिहार से प्रशांत किशोर को लेकर बड़ी खबर आई है। प्रशांत किशोर अपना घर छोड़कर बिहार के नवनिर्माण आश्रम में शिफ्ट हो गए हैं। जन सुराज पार्टी के फाउंडर प्रशांत किशोर ने ऐसा कदम उठाने के पीछे की वजह भी बताई है। साथ ही उन्होंने बिहार की नई सम्राट चौधरी सरकार और नीतीश कुमार भी कटाक्ष किए। उन्होंने बिहार की राजनीति में कदम जमाने और बिहार में अगले विधानसभा चुनाव के मद्देनजर घर छोड़ आश्रम में शिफ्ट होने का फैसला किया है।
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अगले चुनाव तक आश्रम में ही रहेंगे
जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने दरभंगा में पत्रकारों को बताया है कि वे अपना घर छोड़कर पटना के बाहरी इलाके में बने नवनिर्माण आश्रम में रहने लगे हैं। अब यही से उनकी राजनीतिक गतिविधियां चलेंगी। वे इस आश्रम में तब तक रहेंगे, जब तक वे बिहार के अगले विधानसभा चुनाव में अपनी जगह नहीं बना लेते। अब यही मेरा नया ठिकाना होगा। अब मैं यहीं पाया जाऊंगा, जब तक बिहार की राजनीति में अपना और अपनी पार्टी का नाम नहीं बना लेता।
साल 2024 में बनाई जनसुराज पार्टी
प्रशांत किशोर ने साल 2024 में पॉलिटिकल कंसल्टेंसी छोड़ राजनीति में एंट्री की थी। 2024 में ही उनहोंने जन सुराज पार्टी बनाई थी और शेखपुरा हाउस में पार्टी ऑफिस बनाया था। शेखपुरा हाउस पटना एयरपोर्ट के पास एक आलीशान बंगला है, जो पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और BJP के पूर्व सांसद उदय सिंह का है। उदय के बड़े भाई NK सिंह राज्यसभा के पूर्व सांसद और 15वें वित्त आयोग के पूर्व अध्यक्ष हैं। उनकी दिवंगत मां माधुरी सिंह कांग्रेस नेता और पूर्णिया से कई बार की सांसद थीं।
नीतीश कुमार पर प्रशांत ने कसा तंज
प्रशांत किशोर ने पत्रकारों से बात करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि जो शख्स चुनाव जीतकर मुख्यमंत्री बना, वह आर्थिक तंगी के कारण प्रदेश से होने वाला पलायन नहीं रोक पाया। इसलिए खुद ही पलायन कर गया। मुख्यमंत्री की कुर्सी छोड़कर सांसद बन गया। लेकिन पलायन करने से पहले अपने बेटे को जरूर राजनीति में घुसा दिया। लोगों से अपील है कि जाति, धर्म या पैसों के लालच के आधार पर वोट देने की बजाय अपने हित ध्यान में रखकर वोट दें।
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सम्राट चौधरी को भी आड़े हाथों लिया
प्रशांत किशोर ने कहा कि बिहार के लोग मतदान करते समय अपने और अपने बच्चों के भविष्य के बारे में सोचें। प्रधानमंत्री मोदी, नीतीश कुमार या लालू प्रसाद यादव के बहकावे में न आएं। 10-10 हजार रुपये के लिए अपने वोट मत बेचना। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के बारे में उन्होंने कहा कि बिहार देश के सबसे गरीब राज्यों में से एक है। फिर भी यहां फिजूलखर्ची की जा रही है। अब सम्राट चौधरी को ही ले लिजिए, जनत गरीबी से पलायन कर रही और मुख्यमंत्री 25 एकड़ के आवास में रहते हैं।