बिहार में IPS तबादलों को लेकर सियासी और प्रशासनिक टकराव, प्रमोशन मिला पर कुर्सी नहीं बदली

Bihar political and administrative conflict: बिहार में आईपीएस अधिकारियों के तबादले को लेकर सियासी और प्रशासनिक स्तर पर टकराव सामने आ गया है. बतौर गृह मंत्री सम्राट चौधरी बड़े पैमाने पर आईपीएस अधिकारियों के तबादले की तैयारी में थे, लेकिन सहमति नहीं बनने के कारण मामला फिलहाल अटक गया है. पढ़ें, अमिताभ कुमार ओझा की रिपोर्ट

samrat chaudhary

Bihar political and administrative conflict: बिहार के गृह मंत्री सम्राट चौधरी बड़े पैमाने पर आईपीएस अधिकारियों के तबादले की तैयारी में थे, लेकिन सियासी और प्रशासनिक स्तर पर टकराव सामने आ गया है. दरअसल, हाल ही में दो दर्जन से अधिक आईपीएस अधिकारियों को प्रोन्नति दी गई थी. इनमें 22 एसपी स्तर के आईपीएस अधिकारियों को डीआईजी और 8 डीआईजी को आईजी रैंक में प्रमोशन मिला है. इसके अलावा एडीजी मुख्यालय कुंदन कृष्णन को डीजी रैंक में प्रोन्नति दी गई है.

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एक अस्थायी और आधा-अधूरा समाधान

फिलहाल कुंदन कृष्णन एडीजी हेडक्वार्टर के साथ-साथ एडीजी एसटीएफ का भी प्रभार संभाल रहे हैं. प्रमोशन के बाद इन अधिकारियों को प्रोन्नत पदों पर नई तैनाती दी जानी थी. इसके लिए पुलिस मुख्यालय ने तबादले की एक सूची तैयार कर गृह विभाग को भेजी थी. बीते चार दिनों से यह फाइल कभी गृह मंत्री के पास तो कभी मुख्यमंत्री कार्यालय में विचाराधीन रही. प्रशासनिक सूत्रों का मानना है कि यह फैसला एक अस्थायी और आधा-अधूरा समाधान है. न तो तबादलों पर अंतिम मुहर लग सकी और न ही नई तैनाती को लेकर स्थिति स्पष्ट हो पाई.

चार दिन की सरगर्मी, लेकिन फैसला चौंकाने वाला

तबादलों को लेकर प्रशासनिक हलकों में लगातार सरगर्मी बनी हुई थी. माना जा रहा था कि कभी भी बड़ी तबादला सूची जारी हो सकती है. लेकिन बुधवार को गृह विभाग से जो आदेश जारी हुआ, उसने सभी को चौंका दिया. आदेश के अनुसार सभी अधिकारियों को प्रोन्नति तो दे दी गई, लेकिन उनकी मौजूदा पदस्थापना को ही अपग्रेड कर दिया गया. यानी अधिकारियों को पद तो नया मिला, लेकिन कुर्सी वही पुरानी रही. यह व्यवस्था अगले आदेश तक लागू रहेगी.

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सूची में बदलाव बना टकराव की वजह

सूत्रों के मुताबिक गृह मंत्री कार्यालय से भेजी गई तबादला सूची में बाद के स्तर पर काफी बदलाव किए गए, जिसके चलते सहमति नहीं बन पाई. इसी टकराव के कारण तबादला आदेश जारी होने से पहले ही मामला ठंडे बस्ते में चला गया. अब सभी की नजर अगले आदेश पर टिकी है कि क्या आईपीएस अधिकारियों के तबादलों को लेकर कोई अंतिम फैसला होता है या फिलहाल प्रमोशन के साथ पुरानी कुर्सी वाला फार्मूला ही जारी होगा.

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लेखक के बारे में

Vijay Jain

Vijay Jain

विजय कुमार न्यूज 24 में बतौर सीनियर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं. विजय कुमार ने अपने पत्रकारिता के सफर की शुरुआत प्रिंट मीडिया के साथ की. अपने 23 साल के करियर में वह दैनिक जागरण, अमर उजाला और दैनिक भास्कर जैसे संस्थानों के साथ जुड़े रहे हैं. विजय कुमार राजनीति, चुनाव, क्राइम और करंट अफेयर्स जैसे विषयों पर तथ्यपरक पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं. विजय कुमार ने दैनिक भास्कर में रिपोर्टिंग के दौरान स्टिंग ऑपरेशन भी किए. 23 साल के अनुभव के दौरान विजय कुमार ने करियर के शुरुआती दौर में डेस्क जर्नलिस्ट रहते हुए की. विजय कुमार को 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के अलावा बिहार, यूपी, बंगाल, राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों के विधानसभा चुनाव की ग्राउंड कवरेज का अनुभव है. ग्रामीण उद्योगीकरण में स्नातक की डिग्री होने के कारण विजय कुमार को ग्रामीण इलाकों की समस्याओं और उनसे जुड़ी कवरेज का खासा अनुभव है. अपने लेख के माध्यम से उन्होंने ग्रामीण इलाकों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया है. पत्रकारिता में अनुभव: 23 साल योग्यता, डिग्री / अन्य उपलब्धियां: शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से ग्रामीण उद्योगीकरण विषय में बीए की डिग्री प्राप्त की है. विजय कुमार को पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए 2017 में 'श्रीफल जर्नलिज्म नेशनल अवॉर्ड' से सम्मानित किया गया.
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